नुपूर सेनन बनीं स्टेबिन की दुल्हनिया, हिंदू रिवाजों से लिए 7 फेरे, बहुत खूबसूरत है शादी की तस्वीरें
नुपूर सेनन और स्टेबिन ने हिंदू रिवाजों के साथ सात फेरे लिए हैं। इनकी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
The post नुपूर सेनन बनीं स्टेबिन की दुल्हनिया, हिंदू रिवाजों से लिए 7 फेरे, बहुत खूबसूरत है शादी की तस्वीरें appeared first on Grehlakshmi.
ईरान से व्यापार करने पर अमेरिका लगाएगा 25 प्रतिशत टैरिफ, क्या भारत पर पड़ेगा असर?
नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर अमेरिका 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाएगा। भारत पहले से ही अमेरिका के 50 प्रतिशत ऊंचे टैरिफ का सामना कर रहा है, ऐसे में यह फैसला भारत के लिए चिंता बढ़ा सकता है।
भारत, ईरान के पांच सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने ईरान को 1.24 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया और वहां से 0.44 अरब डॉलर का सामान आयात किया। इस तरह दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 1.68 अरब डॉलर का रहा।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भारत और ईरान महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार हैं। हाल के वर्षों में भारत ईरान के पांच सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक रहा है। भारत ईरान को चावल, चाय, चीनी, दवाइयां, कृत्रिम रेशे, बिजली के उपकरण और कृत्रिम आभूषण जैसे सामान भेजता है। तो वहीं भारत ईरान से सूखे मेवे, रासायनिक पदार्थ और कांच के बने सामान आयात करता है।
भारत और ईरान ने वर्ष 2015 में ईरान के चाबहार स्थित शाहिद बेहेश्टी बंदरगाह को मिलकर विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। यह बंदरगाह भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिए भारत अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापार कर सकता है।
हाल ही में अमेरिका ने भारत को चाबहार बंदरगाह पर अपना परिचालन जारी रखने के लिए दी गई प्रतिबंधों में छूट को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है, जो 29 अक्तूबर से प्रभावी है। इसे भारत की कूटनीतिक जीत माना जा रहा है, खासकर ईरान और रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों से जुड़े व्यापक तनाव के बीच।
इस राहत के बाद भारत अगले साल अप्रैल तक चाबहार बंदरगाह को बिना किसी अमेरिकी प्रतिबंध के विकसित और संचालित कर सकता है। यह बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक और व्यापारिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यह बंदरगाह अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक भारत की पहुंच के लिए बेहद जरूरी है, जिससे उसे व्यापार और संपर्क के लिए पाकिस्तान को दरकिनार करने की सुविधा मिलती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार चीन है, लेकिन भारत के अलावा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और तुर्की जैसे देशों को भी नए अमेरिकी टैरिफ से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
--आईएएनएस
डीबीपी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Grehlakshmi
News Nation





















