Anbil Mahesh से 18 करोड़ की धोखाधड़ी केस में CCB ने की आठ घंटे पूछताछ
तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी शुक्रवार को ‘चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच’ पुलिस के सामने पेश हुए और उनसे निजी विद्यालयों को मंजूरी दिलाने में हुई धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ की गई। राज्य की मुख्य विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता महेश के खिलाफ सीसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। वह अपने वकीलों के साथ सीसीबी कार्यालय पहुंचे।
जांच एक शिकायत के आधार पर शुरू हुई है, जो ग्रेटर चेन्नई पुलिस आयुक्त को दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि निजी स्कूल प्रबंधन से स्थायी सरकारी मान्यता दिलाने का वादा कर करोड़ों रुपये वसूले गए। सीसीबी अधिकारियों ने मामला दर्ज करने के बाद इस कथित वसूली और विश्वासघात में शामिल होने के आरोप में बीटी अरासाकुमार, सुरेश और राजा नामक तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पोय्यामोझी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने एक बयान में कहा, जांच में पुष्टि हुई है कि इस मामले में अब तक प्रभावित निजी स्कूलों से कुल करीब 18 करोड़ रुपये एकत्र किए गए हैं और विश्वासघात किया गया है। अनबिल महेश से दिन भर लंबी पूछताछ की गई।
पुलिस के बयान के अनुसार, उनसे हालिया तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजी साक्ष्यों के बारे में भी पूछताछ की गई और उनके बयान जांच रिकॉर्ड में दर्ज किए गए। पूछताछ देर शाम तक चली। बाद में पत्रकारों से बातचीत में अनबिल महेश ने कहा कि उनसे आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई और उनसे 246 सवाल पूछे गए।
उन्होंने कहा, मैंने धैर्यपूर्वक 295 में से 246 सवालों के जवाब दिए। मुझे अगले सप्ताह फिर पेश होने और बाकी सवालों के जवाब देने के लिए कहा गया है। इस बात पर जोर देते हुए कि जांच एक झूठे मामले पर आधारित है, अनबिल महेश ने कहा कि वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
नंदीग्राम उपचुनाव: Congress प्रत्याशी मिलन प्रधान 2007 के पुराने मामले में गिरफ्तार
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में कथित संलिप्तता के मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने यह दावा किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी के एक और नेता सुभाशीष भट्टाचार्य को भी प्रधान को गिरफ्तार करने से पुलिस को कथित तौर पर रोकने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े 12 से अधिक मामलों में नामजद प्रधान को पूर्व मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर स्थित एक होटल से हिरासत में लिया गया। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह भाजपा का गंदा खेल है। मिलन 2007 में नंदीग्राम आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे।
तब से उनके खिलाफ कम से कम 12 मामले दर्ज हैं। लेकिन आज, क्योंकि उन्होंने सफलतापूर्वक अपना नामांकन दाखिल कर दिया, इसलिए पुलिस के जरिए उन्हें गिरफ्तार करा दिया गया।’’ इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस को अपनी पार्टी का समर्थन देने की घोषणा की थी। यह घोषणा ममता बनर्जी खेमे की उम्मीदवार के चुनाव मैदान से हटने के कुछ घंटे बाद की गई।
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष सुभंकर सरकार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं है कि प्रधान को क्यों गिरफ्तार किया गया और उन्हें कहां रखा गया है। पुलिस ने इस घटनाक्रम पर कुछ नहीं कहा है। सरकार ने कहा, मुझे जानकारी मिल रही है कि उन्हें हत्या के एक मामले में हिरासत में लिया गया है, लेकिन हमें इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है।
मिलन नंदीग्राम भूमि आंदोलन के अग्रणी नेताओं में से एक थे और उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए थे। लेकिन उन्हें आज ही क्यों गिरफ्तार किया गया? कांग्रेस नेता ने दावा किया कि जब पार्टी ने निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क किया तो वह भी प्रधान की गिरफ्तारी के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके।
सरकार ने कहा, पुलिस ने मिलन की गिरफ्तारी का कोई कारण नहीं बताया है। यह काफी हैरान करने वाला है। जब आदर्श आचार संहिता लागू है और उस सीट का प्रशासन निर्वाचन आयोग के अधीन है, तो पुलिस किसी उम्मीदवार को कैसे गिरफ्तार कर सकती है?
जब हमने एक अधिकारी से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी लेने के बाद वह हमें बताएंगे। नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान छह अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना नौ अक्टूबर को होगी।
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