Khamenei Warns Trump: भाड़े के गुंडे....खामनेई की ट्रंप को तगड़ी वार्निंग
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामनेई की ट्रंप को सीधी वार्निंग दी गई है। ईरानी नेता ने कहा है कि अमेरिका धोखे भरे काम बंद करे। इसके साथ ही खामनेई ने कहा कि यूएस भाड़े के गुंडों से दूर रहे। ईरान में प्रदर्शन के बीच एक बहुत बड़ा स्टेटमेंट खामनेई की तरफ से माना जा रहा है। दरअसल, ईरान के इस बयान का बिना जिक्र किए निशाना इज़राइल की तरफ ही माना जा रहा है। खामनेई पहले भी कह चुके हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप बहुत एरोग्रेंट हैं। वो दुनिया पर अपना कब्जा करना चाहते हैं। ईरान में हिंसा जारी है। प्रदर्शनकारी सड़कों पर बवाल मचा रहे हैं। सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पूर्व आईआरजीसी कुदस फोर्स कमांडर कासिम सुलेमानी की प्रतिमाओं को तोड़ा और जलाया। ये मौजूदा सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष और प्रतिरोध का प्रतीक है। प्रदर्शनकारियों में गुस्सा है। ईरान के कई शहर सुलग रहे हैं। आगजनी फायरिंग से लोग दहशत में हैं। प्रदर्शनकारी कासिम सुलेमा के बैनर फाड़ रहे हैं।
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ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रविवार रात दावा किया कि हमारी धमकी के बाद इस पश्चिम एशियाई देश ने अमेरिका से फोन पर संपर्क किया और बातचीत का प्रस्ताव रखा है। हमारा प्रशासन ईरान के साथ बैठक तय करने पर काम कर रहा है। ट्रंप ने साथ ही चेताया कि वहां जो कुछ हो रहा है, उसे देखते हुए हमें पहले ही कार्रवाई करनी पड़ सकती है।
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ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों पर सख्त कार्रवाई में 599 हो चुकी हैं और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि हमारा देश जंग को तैयार है, लेकिन अमेरिका से बातचीत का चैनल अब भी खुला है। कोई भी बातचीत साझा हितों पर आधारित होनी चाहिए, न कि एकतरफा या थोपे गए अजेंडे पर। ईरान सरकार के समर्थन में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। बंदिशों के बीच सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों का हाल बयां कर रहे स्टारलिंक की ब्रॉडबैंड सेवाओं को रोक दिया गया। तेहरान में भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे घरों से बाहर न निकलें और किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शनों के बीच न जाएं।
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भारत में नवनियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर दिल्ली पहुंच गए। उन्होंने अपना पदभार ग्रहण कर लिया। इस मौके पर उन्होंने एक बेहद अहम संबोधन किया। जिसमें उन्होंने भारत को बेहद अहम साझेदार और दोस्त बताया है। उन्होंने इस बातचीत के क्रम में दो अहम जानकारियां दी हैं। एक तो ये कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर जो बातचीत जारी है, उसको लेकर उन्होंने कहा है कि दोनों पक्ष एक्टिव रूप से बातचीत कर रहे हैं और ट्रेड पर जल्द ही कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि मैं ये जानकारी पहली बार दे रहा हूं और घोषणा कर रहा हूं कि भारत को अमेरिका अपने पॉक्स सिलिका ग्रुप में एक सदस्य के तौर पर शामिल करने जा रहा है। इसके लिए उसे इनवाइट किया जाएगा।
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आज दोनों देशों के बीच इस पर बातचीत होने वाली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश मिलकर मौजूदा मतभेदों को सुलझाने में सफल होंगे गोर के इन बयानों को ट्रंप प्रशासन की ओर से ऐसे समय में सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जब उसने हाल में टैरिफ और वीजा जैसे मुद्दों पर भारत पर दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी दूत गौर ने जोर दिया कि ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच दोस्ती सच्ची है और यह उन मतभेदों को सुलझाने में मदद करेगी, जिनके कारण पिछले दो दशकों में संबंधों का सबसे खराब दौर देखने को मिला।
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साल-दो साल में भारत आ सकते हैं ट्रंप
अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप जल्द मिलने आएंगे। उम्मीद है अगले एक-दो साल में वह भारत आएंगे। उन्होंने कहा कि ट्रंप अक्सर अपनी पिछली भारत यात्रा को याद करते है और अगले एक-दो सालों में दोबारा भारत आने की योजना बना रहे है। मैं पिछले हफ्ते राष्ट्रपति ट्रंप के साथ था, तो उन्होंने अपने अनुभव और भारत के महान प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी गहरी दोस्ती के बारे में बताया। गोर के बयान से अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक की टिप्पणियों से पैदा भ्रम दूर हो गया है, जिसमें लुटनिक ने कहा था कि ट्रेड डील पर बातचीत रुक गई है क्योंकि मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया था।
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