भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर की भूटान यात्रा संपन्न, कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को भूटान की अपनी यात्रा पूरी की. इस यात्रा के दौरान दोनों पड़ोसी देशों ने आपसी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. विदेश मंत्री जयशंकर ने अपनी यात्रा की मुख्य बातें शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, "भूटान की एक सफल यात्रा पूरी हुई. हमारी दोस्ती के अनोखे रिश्तों की गर्माहट ने दिल छू लिया."
विदेश मंत्री जयशंकर ने भूटान के विदेश और एक्सटर्नल व्यापार मंत्री ल्योंपो डी. एन. ढुंग्येल के निमंत्रण पर भूटान की आधिकारिक यात्रा की. शुक्रवार को जारी एक संयुक्त बयान में, दोनों पक्षों ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत-भूटान की खास और कई तरह की साझेदारी को मजबूत करने में हुई प्रगति का स्वागत किया. उन्होंने द्विपक्षीय विकास सहयोग में हुई प्रगति की भी सराहना की.
विदेश मंत्री ने भूटान के विकास लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के लिए भारत के समर्थन को दोहराया, जबकि भूटान ने अपनी 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024-29) के तहत कई तरह के कार्यक्रमों के लिए भारत से मिले समर्थन की सराहना की.
विदेश मंत्री जयशंकर और उनके भूटानी समकक्ष ढुंग्येल ने मार्च 2024 की ऊर्जा साझेदारी पर संयुक्त विजन के कार्यान्वयन पर संतोष व्यक्त किया और ऊर्जा सहयोग में हाल की प्रगति को याद किया, जिसमें 1020 मेगावाट की पुनातसांगचू-II जलविद्युत परियोजना (एचईपी) का उद्घाटन, इसके टैरिफ प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर और 1200 मेगावाट की पुनातसांगचू-I एचईपी के बांध निर्माण को फिर से शुरू करना शामिल है.
बयान में कहा गया, "उन्होंने भूटान में ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 4000 करोड़ रुपए की रियायती लाइन ऑफ क्रेडिट (ऋण सुविधा) के समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत किया. उन्होंने भूटान में जलविद्युत परियोजनाओं में भारतीय कंपनियों की सक्रिय भागीदारी का भी स्वागत किया, जिससे मौजूदा ऊर्जा सहयोग में नई गति आई है."
विदेश मंत्री ने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी (जीएमसी) के लिए भूटान के राजा के विजन के प्रति भारत सरकार के समर्थन को दोहराया. दोनों पक्षों ने जीएमसी पर संयुक्त कार्य समूह के माध्यम से बातचीत को स्वीकार किया और जीएमसी से संबंधित मुद्दों पर सहयोग विकसित करने के प्रयासों को जारी रखने पर सहमति व्यक्त की.
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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नेपाल के वित्त मंत्री ने अचानक आई बाढ़ के बाद भारत की सहायता के लिए आभार व्यक्त किया
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने शुक्रवार को रसुवा में आई अचानक बाढ़ के बाद बचाव और राहत कार्यों में भारत सरकार द्वारा दिए गए समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया. भारत में नेपाल दूतावास ने यह जानकारी दी.
दूतावास ने एक्स पर लिखा कि नेपाल के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले ने नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री महामहिम डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की. दूतावास ने एक्स पर लिखा कि मंत्री वागले ने रसुवा में आई अचानक बाढ़ के बाद बचाव और राहत कार्यों में भारत सरकार द्वारा दिए गए समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया.
दोनों मंत्रियों ने नेपाल-भारत की दीर्घकालिक मित्रता को और गहरा करने और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की, विशेष रूप से निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में. पिछले सप्ताह, भारत द्वारा भेजे गए राहत और बचाव सामग्री नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महावीर पुन को सौंप दी गई.
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने एक्स को बताया कि राहत और बचाव सामग्री लेकर आई आठवीं भारतीय उड़ान काठमांडू पहुंच गई और इसे नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महावीर पुन को सौंप दिया गया. भारत ने 26 अगस्त से अब तक आठ विशेष उड़ानों के माध्यम से नेपाल को राहत सामग्री, उपकरण और विशेषज्ञ कर्मियों की त्वरित डिलीवरी की है.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत विनाशकारी बाढ़ के मद्देनजर चल रहे बचाव और राहत कार्यों में सहयोग के लिए नेपाल को मानवीय सहायता प्रदान करना जारी रखे हुए है. मानवीय सहायता लेकर भारतीय वायु सेना की आठवीं उड़ान आज काठमांडू पहुंची.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल को 130 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी जा चुकी है. इसके अलावा नेपाल में चल रहे बचाव, राहत और फोरेंसिक कार्यों में सहयोग के लिए भारत से 54 विशेषज्ञ कर्मियों को तैनात किया गया है.
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप और दवाओं सहित मानक राहत सामग्री के अलावा, भारतीय पक्ष ने विशेष वस्तुएं और उपकरण प्रदान किए हैं, जैसे सुरंग और कीचड़ बचाव उपकरण, जिनमें कीचड़ बचाव सूट, गैस डिटेक्टर, श्वास यंत्र, इन्फ्लेटेबल वॉकवे आदि शामिल हैं. डीएनए किट, अभिकर्मक और डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए उपकरण और पोर्टेबल जेनरेटर, प्रकाश टावर और जल निकासी पंप जैसी वस्तुएं. भारत की विशेष सुरंग बचाव टीम ने नेपाली सेना के समन्वय से नेपाल के दो स्थलों—चिलिमे और लांगटांग—पर अपना अभियान शुरू किया.
--आईएएनएस
एमएस/
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