छात्रा के प्रश्न पर CM ने कार्यक्रम के दौरान किया ऐलान, 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को मिलेगा टैब
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया. इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा एवं राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से प्रश्न किए और अपने सुझाव साझा किए.
सरकार क्या व्यवस्था करेगी
संवाद के दौरान हरिद्वार की कक्षा 11वीं की छात्रा लवप्रीत कौर ने मुख्यमंत्री से कहा कि आजकल ऑनलाइन पढ़ाई का चलन बढ़ रहा है, लेकिन कई परिवारों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि वे बच्चों के लिए फोन या लैपटॉप खरीद सकें. उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि ऐसे विद्यार्थियों के लिए सरकार क्या व्यवस्था करेगी.
राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि दी जायेगी- मुख्यमंत्री धामी pic.twitter.com/n7yAcKYSLt
— Mohit Saxena (@mohit_famous) September 18, 2026
कार्यक्रम के दौरान घोषणा
छात्रा के प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ही घोषणा की कि राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि दी जायेगी.
विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार का सीधा संवाद उनकी अपेक्षाओं और सुझावों को जानने का महत्वपूर्ण माध्यम है.
8 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को त्योहारी सीजन का तोहफा, भगवंत मान सरकार ने महंगाई भत्ता बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया
राज्यभर के लगभग आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को त्योहारी सीजन का तोहफा देते हुए भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा महंगाई भत्ते (डी.ए.) में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है और यह बढ़ोतरी सितंबर महीने के वेतन के साथ लागू होगी. इस संबंध में घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कदम कर्मचारियों की भलाई और सम्मान के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने कर्मचारियों को राज्य के प्रशासनिक ढांचे की रीढ़ बताया. मुख्यमंत्री ने जायज मुद्दों के समाधान के लिए कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ नियमित मासिक बैठकें करने और महिला कर्मचारियों की तैनाती उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में करने की घोषणा भी की. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां दी गई हैं.
कर्मचारी हमारे परिवार का अहम हिस्सा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उनकी चिंताओं को सुना और आपसी टकराव के बजाय बातचीत और समाधान का रास्ता अपनाते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया.
बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ अकाउंट पर कहा: “आज कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में बैठक हुई. कर्मचारी हमारे परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी भलाई को ध्यान में रखते हुए हमने तुरंत महंगाई भत्ते (डी.ए.) में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. यह बढ़ोतरी अक्टूबर महीने के वेतन के साथ लागू होगी.
पहले सप्ताह में दोबारा बैठक करेंगे
हमने पिछली सरकारों के समय से लंबित चले आ रहे मुद्दों पर भी चर्चा की, जिनमें पुरानी पेंशन योजना (ओ.पी.एस.), परखकाल के दौरान वेतन तथा आशा और मिड-डे-मील वर्करों से संबंधित मुद्दे शामिल हैं. इन लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों के स्थायी समाधान के लिए हम अक्टूबर के पहले सप्ताह में दोबारा बैठक करेंगे. हमारी सरकार और कर्मचारियों के बीच कोई दूरी नहीं है. हम आपसी बातचीत के माध्यम से हर मुद्दे का समाधान करेंगे. हम पंजाब की प्रगति और ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के लिए मिलकर काम करते रहेंगे. इंकलाब जिंदाबाद.”
दो किस्तें जारी की जाएंगी
सरकारी कर्मचारियों की भलाई, सम्मान और उनके जायज मामलों के समाधान को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “फैसले के अनुसार, कर्मचारियों और पेंशनरों को 4-4 प्रतिशत की दो किस्तें जारी की जाएंगी, जिनका लाभ 1 अक्टूबर से उनके वेतन के साथ मिलेगा. त्योहारी सीजन से पहले लिए गए इस फैसले से हजारों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके परिवारों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी.”
पूरा सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार अपने कर्मचारियों द्वारा निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों और उनके व्यक्तिगत एवं पेशेवर जीवन में उत्पन्न होने वाले दबावों से भली-भांति परिचित है.” उन्होंने कहा, “एक खुश कर्मचारी ही बेहतर तरीके से काम कर सकता है और मेरा मानना है कि जब कोई कर्मचारी संतुष्टि, सम्मान और मानसिक शांति के साथ काम करता है, तो पूरा सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलती हैं. सरकारी कर्मचारी केवल प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा ही नहीं, बल्कि इसकी रीढ़ हैं. आवश्यक सेवाएं प्रदान करने से लेकर कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने और रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज को चलाने तक, कर्मचारी हर स्तर पर काम करते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं और सेवाएं आम लोगों के दरवाजे तक पहुंचें.”
कर्मचारी के दर्द को अच्छी तरह समझता हूं: मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से कर्मचारियों की चिंताओं को समझता हूं क्योंकि मैं स्वयं एक सरकारी कर्मचारी का बेटा रहा हूं और एक कर्मचारी के दर्द को अच्छी तरह समझता हूं. सरकार अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों को अपने परिवार का हिस्सा मानती है.” मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य के खजाने का एक-एक पैसा पूरी समझदारी से और पंजाब के लोगों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से खर्च किया जा रहा है. वित्तीय योजना और जनकल्याण को साथ-साथ चलना होगा और सरकार इन दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने के लिए प्रतिबद्ध है.”
70,000 सरकारी नौकरियां दी गई
राज्य सरकार द्वारा रोजगार के संबंध में उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां दी गई हैं. भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता पर आधारित रही है, जिससे युवाओं को बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी प्राप्त करने का अवसर मिला है. मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां युवा अपनी योग्यता और कड़ी मेहनत के बल पर रोजगार प्राप्त कर सकें.”
उन्होंने कहा, “सरकार महिला कर्मचारियों के सामने आने वाली चुनौतियों से भी भली-भांति परिचित है और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं कि महिला कर्मचारियों की तैनाती उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में की जाए. ऐसे उपायों का उद्देश्य महिला कर्मचारियों को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद करना है.”
मुख्यमंत्री ने कहा, “महिला कर्मचारियों को अपने करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा. राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सरकार उनकी जायज जरूरतों के प्रति ईमानदार और संवेदनशील रहे.” उन्होंने कहा, “राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों के प्रति उदार दृष्टिकोण रखती है और इन मुद्दों को पूरी ईमानदारी के साथ लागू नियमों, वित्तीय प्रभावों और कानूनी स्थिति के अनुसार विचार किया जाएगा.”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकार लंबे समय से लंबित विभिन्न मांगों की समीक्षा करेगी, जिनमें 2.59 के पेंशन गुणक (मल्टीप्लीकेशन फैक्टर) की मांग, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, विभिन्न भत्तों की बहाली, ‘एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन’ (एसीपी) को लागू करना, प्रोबेशन पीरियड (परख काल) से संबंधित वर्ष 2015 और 2020 के पत्रों से जुड़े मुद्दे, अदालती फैसलों को लागू करना और अन्य मामले शामिल हैं.”
मान्यता देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी कर्मचारी और पंजाब के लोग एक प्रगतिशील और खुशहाल राज्य बनाने के बड़े मिशन में भागीदार हैं. जब कर्मचारी अनसुलझे मुद्दों, अनिश्चितता या अपनी बात न सुने जाने की भावना के बोझ तले दबे होते हैं, तो वे अपनी सर्वश्रेष्ठ कार्यक्षमता का प्रदर्शन नहीं कर सकते.” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकार को कर्मचारियों के कल्याण और राज्य की समग्र वित्तीय स्थिति के बीच संतुलन बनाए रखना पड़ता है. महंगाई भत्ते (डीए) के संबंध में लिया गया ताजा फैसला वित्तीय जिम्मेदारी निभाते हुए कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
कर्मचारियों को पूरी लगन और समर्पण के साथ काम जारी रखने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रत्येक सरकारी कर्मचारी आम नागरिक के सामने राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करता है. सरकार लोगों की सेवा के लिए मौजूद है और कर्मचारी वह माध्यम हैं, जिनके जरिए यह सेवा जमीनी स्तर पर सुनिश्चित की जाती है.” उन्होंने दोहराया, “सरकार निरंतर बातचीत, पारदर्शिता और सहानुभूतिपूर्ण रवैये के साथ कर्मचारियों की जायज समस्याओं के समाधान के लिए काम करती रहेगी और साथ ही यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य के संसाधनों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग किया जाए.”
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