Odisha के 20 जिलों में भारी बारिश का IMD Yellow Alert जारी
बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के तंत्र के गहराकर ‘अवदाब’ में बदलने की संभावना को देखते हुए ओडिशा सरकार ने 20 जिलों में अलर्ट जारी किया है, जबकि 10 अन्य जिलों को सतर्क रहने को कहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया, कम दबाव वाले क्षेत्र के धीरे-धीरे गहराने और अगले तीन-चार दिनों के दौरान दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ने की संभावना है।
मोहंती ने कहा कि आईएमडी के वैज्ञानिक इस मौसम प्रणाली पर लगातार नजर रख रहे हैं। हालांकि इस तंत्र के अवदाब में बदलने की संभावना है, लेकिन मौसम विभाग ने अभी यह स्पष्ट पूर्वानुमान नहीं जताया है कि यह चक्रवाती तूफान में तब्दील होगा या नहीं। उन्होंने कहा, मौसम प्रणाली को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
अगर यह तंत्र आगे और गहराता है तो आईएमडी उचित समय पर लोगों को सूचित करेगा। हालांकि, 22 सितंबर से दक्षिण ओडिशा में तेज बारिश की गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। पुजारी ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और कुछ मौसम पूर्वानुमान मॉडलों ने चक्रवात की आशंका भी जताई है।
उन्होंने बताया कि भारी बारिश (7 सेमी से 11 सेमी तक) की आशंका को देखते हुए फिलहाल 20 जिलों के लिए 20 से 22 सितंबर तक येलो अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार शाम को कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद इस चेतावनी में बदलाव किया जा सकता है। मंत्री ने बताया कि विशेष राहत आयुक्त राजेश पी. पाटिल सहित वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई है और सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश भेज दिए गए हैं।
इस बीच, आईएमडी ने अगले 24 घंटों के दौरान 15 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने 25 सितंबर तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान भी जताया है।
LIC से 2684 करोड़ की धोखाधड़ी में CBI ने Anil Ambani पर दर्ज की FIR
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (आरसीएपी), इसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी, पूर्व समूह प्रबंध निदेशक सतीश सेठ, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के निवेश से जुड़े 2,684.57 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में एक मामला दर्ज किया है। अनिल अंबानी के प्रवक्ता की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अनिल अंबानी का हमेशा से यही कहना रहा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एलआईसी से मिली लिखित शिकायत के आधार पर आरसीएपी, अनिल अंबानी, सतीश सेठ, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। सीबीआई के अनुसार, एलआईसी का आरोप है कि 12 अप्रैल 2012 से 9 मार्च 2018 के बीच, उसने आरसीएपी द्वारा जारी किए गए पांच अपरिवर्तनीय ‘डिबेंचर’ खरीदे थे, जिनकी कुल कीमत 3,900 करोड़ रुपये थी। बयान में कहा गया है कि ये निवेश ‘‘सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों, निधि की जरूरतों और मौजूदा कर्ज को फिर से वित्तपोषित करने’’ के लिए किए गए थे।
एलआईसी का आरोप है कि आरोपी व्यक्तियों ने ‘‘आपराधिक साज़िश रची’’ और कई अपराध किए, जिनमें ‘‘धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक कदाचार, निधि का गलत इस्तेमाल/गबन और खातों में हेराफेरी’’ शामिल हैं। सीबीआई ने कहा कि एलआईसी का आरोप है कि आरोपियों ने ‘‘गलत जानकारी’’ देकर उसे कंपनी में निवेश करने के लिए छल से राजी किया और उसके बाद ‘‘धोखाधड़ी से उक्त निधि को अन्य खातों में भेज दिया।’’ बयान में कहा गया है कि इन कथित कृत्यों की वजह से ‘‘एलआईसी को 2,684.57 करोड़ रुपये का नुकसान’’ हुआ और आरोपियों व अन्य लाभार्थियों को गलत फायदा पहुंचा। सीबीआई ने बताया कि उसने पहले कई सरकारी बैंकों, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और एलआईसी से मिली शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के खिलाफ़ आठ प्राथमिकी दर्ज की थीं।
एजेंसी ने बताया कि इन मामलों में अब तक छह आरोपपत्र दाखिल किये जा चुके हैं और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बयान में कहा गया है कि मामलों की जांच चल रही है और उच्चतम न्यायालय इनकी निगरानी कर रहा है।
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