नशे के खिलाफ रतलाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करीब 6.70 लाख रुपये की एमडी ड्रग्स के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
रतलाम: मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इस बीच, रतलाम में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जावरा शहर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जावरा में 67.58 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त कर तीन आरोपियों को दबोचा है। वहीं मामले में एक आरोपी फरार है।
बता दें कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस को अपने मुखबिर से एमडी ड्रग्स तस्करी की सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई और आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाई। पुलिस की टीम ने सूचना के आधार पर तस्करों की घेराबंदी की गई।
67.58 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद
इसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। जब आरोपियों की तलाशी ली गई तो पुलिस को उनके पास से 67.58 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। इसके साथ ही पुलिस ने एक काले रंग की कार भी जब्त की है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां से पुलिस रिमांड प्राप्त होने के बाद उनसे मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़े नेटवर्क और सप्लाई के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
पुलिस ने मामले में लक्की मंडलोई उम्र 23 वर्ष निवासी मनावर, अरबाज उम्र 23 वर्ष निवासी खरगोन तथा दानिश गौरी उम्र 32 वर्ष निवासी मनावर को गिरफ्तार किया। वहीं, वसीम चौकड़ी निवासी रतलामी गेट, जावरा को फरार आरोपी बताया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
एमडी ड्रग्स समेत 13.70 लाख का माल जब्त
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 67.58 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई है। जिसकी कीमत करीब 6 लाख 70 हजार रुपये है। इसके अलावा करीब 7 लाख रुपये कीमत की रेनॉल्ट काइगर कार भी जब्त की गई। जब्त मादक पदार्थ और वाहन की कुल कीमत करीब 13 लाख 70 हजार रुपये आंकी गई है।
झारखंड सरकार की नई पहल, मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के लिए शुरू होगी 'एक कॉल पर रक्त' सेवा
झारखंड में मरीजों और घायलों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है. स्वास्थ्य विभाग ने ‘एक कॉल पर रक्त’ सेवा शुरू करने की दिशा में निजी एजेंसी एमएस साइंस कंपनी के साथ समझौता किया है. सरकार का लक्ष्य अगले तीन महीने यानी 90 दिनों के भीतर इस व्यवस्था को राज्यभर में लागू करना है.
नई व्यवस्था के तहत मरीज या उनके परिजन एक टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर रक्त की मांग दर्ज करा सकेंगे. इसके बाद संबंधित मरीज तक करीब चार घंटे के भीतर रक्त पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी. सेवा के संचालन के लिए रांची में एक केंद्रीय कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी.
तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग और एमएस साइंस कंपनी के बीच हुए एमओयू के अनुसार, एजेंसी रक्त संग्रह, उसकी निर्धारित मानकों के अनुसार जांच, स्टोरेज, रखरखाव और संबंधित अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालेगी. रक्तदान शिविर आयोजित करने और इसके लिए जरूरी मानव संसाधन की व्यवस्था भी एजेंसी करेगी. स्वास्थ्य विभाग तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में पहली बार इस तरह की व्यवस्था शुरू की जा रही है. उन्होंने रक्त की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार करने पर विशेष जोर दिया, ताकि मरीजों को सुरक्षित रक्त मिल सके.
रक्तदान के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी
सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ NCC, NSS, पुलिस बल और निजी संस्थाओं के सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्त संग्रह बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रही है. अगले 90 दिनों में रक्तदान के प्रति जागरूकता अभियान चलाने कीतैयारी है. इस पहल का उद्देश्य ब्लड बैंकों में रक्त की उपलब्धता बढ़ाने और आपात स्थिति में मरीजों के परिजनों को एक जगह से दूसरी जगह भटकने की परेशानी कम करना है.
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