वेनेजुएलाई राष्ट्रपति को कैसे उठा ले गया अमेरिका:मिसाइल लॉन्चर गोदामों में पड़े रहे, सैनिक चलाना नहीं जानते थे; देश का रूसी एयर-डिफेंस सिस्टम फेल
अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला के खिलाफ ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व चलाया। इस ऑपरेशन में अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को काराकास से हिरासत में ले लिया। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, जिस वक्त ये मिलिट्री एक्शन हुआ तब वेनेजुएला के सबसे एडवांसड रूसी एयर डिफेंस सिस्टम काम ही नहीं कर रहे थे। रूस से खरीदे गए S-300 और Buk-M2 जैसे सिस्टम और कई मिसाइल लॉन्चर गोदामों में पड़े थे। इसकी वजह से वेनेजुएला के एयर स्पेस में घुसना अमेरिका के लिए काफी आसान हो गया। ये एयर डिफेंस सिस्टम वेनेजुएला और रूस की नजदीकी दोस्ती की पहचान माने जाते थे। साल 2009 में वेनेजुएला ने अमेरिका से तनाव के बीच रूस से इन्हें खरीदा था। उस समय के वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज ने कहा था कि ये हथियार अमेरिका के किसी भी हमले को रोकने में सक्षम होंगे। लेकिन असल में वेनेजुएला इन सिस्टम्स को ठीक से संभाल और चला नहीं पाया। स्टोरी में जानिए कैसे रूसी एयर डिफेंस सिस्टम फेल होने से अमेरिका वेनेजुएलाई राष्ट्रपति को उठा ले गया… हमले के समय तैनात नहीं थे एयर डिफेंस सिस्टम न्यूयॉर्क टाइम्स की जांच में सामने आया कि हमले के समय एयर डिफेंस सिस्टम के कई हिस्से अभी भी गोदामों में पड़े थे और तैनात ही नहीं किए गए थे। इससे पता चला कि महीनों की चेतावनियों के बावजूद वेनेजुएला अमेरिकी हमले के लिए तैयार नहीं था। पूर्व CIA अधिकारी रिचर्ड डे ला टोरे के मुताबिक, सालों से चले आ रहे भ्रष्टाचार, खराब व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने वेनेजुएला की एयर डिफेंस सिस्टम को बहुत कमजोर कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि इन सिस्टम्स को चालू रखने की जिम्मेदारी रूस की भी थी, क्योंकि रूसी ट्रेनर और टेक्नीशियन ही इन्हें ऑपरेट करने में मदद करते थे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूक्रेन युद्ध में उलझे होने के कारण रूस, वेनेजुएला में इन सिस्टम्स पर ध्यान नहीं दे पाया। कुछ पूर्व अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी कहा कि रूस ने जानबूझकर इन्हें ठीक से काम करने नहीं दिया, ताकि अगर अमेरिकी विमान गिराए जाते तो रूस को अमेरिका के गुस्से का सामना न करना पड़े। वेनेजुएला के पास डिफेंस सिस्टम चलाने वाले ट्रेंड लोग नहीं चावेज के दौर में वेनेजुएला ने रूस से बड़े पैमाने पर हथियार खरीदे थे, जिनमें फाइटर जेट्स, टैंक और हजारों कंधे से दागी जाने वाली मिसाइलें (पोर्टेबल मिसाइल) भी शामिल थीं। इससे पहले वेनेजुएला अमेरिकी हथियारों पर निर्भर था, लेकिन 2006 में अमेरिका की तरफ से हथियारों की बिक्री पर रोक लगाने के बाद उसने रूस का रुख किया। हालांकि समय के साथ वेनेजुएला को रूसी हथियारों के लिए स्पेयर पार्ट्स और तकनीकी मदद मिलना मुश्किल हो गया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, वेनेजुएला के पास न तो इन्हें ठीक करने की क्षमता थी और न ही इन्हें सही ढंग से चलाने का अनुभव। हमले के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने तंज कसते हुए कहा कि रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाए। अमेरिका ने वेनेजुएला के डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया पिछले 15 सालों में रूस ने वेनेजुएला के जरिए इस इलाके में अपनी मौजूदगी बढ़ाई थी। पूर्व अमेरिकी अधिकारी फियोना हिल के मुताबिक, रूस ने 2019 में संकेत दिया था कि अगर अमेरिका उन्हें यूक्रेन में दखल न दे तो वह वेनेजुएला में अमेरिका को खुली छूट दे सकता है। न्यूयॉर्क टाइम्स के एनालिसिस में यह भी पाया गया कि अमेरिकी सेना ने उन जगहों को निशाना बनाया, जहां Buk एयर डिफेंस सिस्टम (रडार-निर्देशित, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल ) रखे गए थे। कई जगह ये सिस्टम गोदामों में ही तबाह हो गए, यानी वे इस्तेमाल के लिए तैयार ही नहीं थे। ला ग्वायरा और कैटिया ला मार जैसे इलाकों में हुए धमाकों के बाद लोकल अधिकारियों ने कहा कि वहां दवाइयों के गोदाम थे, लेकिन वीडियो में जले हुए बुक मिसाइल लॉन्चर दिखे। ला कार्लोटा एयरबेस और हिगुएरोटे के पास भी ऐसे ही सिस्टम तबाह हुए। अमेरिका ने हमले में चीनी रडार सिस्टम भी तबाह किए वेनेजुएला के मिलिट्री एक्सपर्ट यासेर त्रुजिलो ने कहा कि सेना पूरी तरह चौंक गई थी। रडार चालू नहीं थे, सैनिक सही जगह तैनात नहीं थे और अमेरिकी विमानों को लगभग कोई खतरा नहीं मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के पास चीन से मिले रडार भी थे, लेकिन अमेरिकी हमले में वे भी तबाह हो गए। इससे रूसी एयर डिफेंस सिस्टम और बेकार हो गए। मादुरो ने पहले दावा किया था कि देश में हजारों रूसी मैनपैड्स तैनात हैं, लेकिन हमले के दौरान इनके इस्तेमाल के बहुत कम सबूत मिले। एक वीडियो में मैनपैड्स दागे जाने का नजारा दिखा, लेकिन उसके तुरंत बाद अमेरिकी विमानों की भारी जवाबी कार्रवाई हुई, जिससे बाकी सैनिकों ने इन्हें इस्तेमाल करने से परहेज किया। अमेरिकी राजनयिक बोले- रूस पेपर टाइगर, जरूरत पड़ने पर काम नहीं आया इस हमले ने रूस-वेनेजुएला की दोस्ती को झटका दिया। हालांकि, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि वेनेजुएला उनके लिए बेलारूस जितना महत्वपूर्ण नहीं है। पूर्व अमेरिकी राजनयिक ब्रायन नारंजो ने कहा, ‘रूस जरूरत पड़ने पर वेनेजुएला के काम नहीं आया। वे एक पेपर टाइगर साबित हुए।’ रूस-चीन के सलाहकारों को निकालने की मांग कर रहा अमेरिका अमेरिका वेनेजुएला पर अपना दबदबा बढ़ा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो रूस, क्यूबा, ईरान और चीन के सलाहकारों को वेनेजुएला से निकालने की मांग कर रहे हैं। अमेरिका ने वेनेजुएला को चेतावनी दी है कि अगर उसकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह कैरिबियन में मौजूद अपनी नौसेना का इस्तेमाल कर सकता है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रपति ट्रम्प की तस्वीर जारी करते हुए लिखा था 'यह हमारा इलाका है।' पूर्व अमेरिकी डिप्लोमैट ब्रायन नारांजो के मुताबिक, रूस सिर्फ अमेरिका को चिढ़ाने के लिए वेनेजुएला में मौजूद था, लेकिन सीधे टकराव की हिम्मत उसने नहीं दिखाई। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प के इशारों पर चल रही वेनेजुएला की सरकार: कहा- यहां से तेल निकालकर दुनिया को बेचेंगे; अमेरिका कई साल राज करेगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला को चलाएगा और उसके विशाल तेल भंडार से सालों तक तेल निकालेगा। पूरी खबर पढ़ें…
खाने लायक स्किनकेयर? घाना की उद्यमी की अनोखी सोच [Skincare So Safe You Can Eat It]
घाना की उद्यमी प्राकृतिक अवयवों जैसे शिया बटर, कोकोआ और ब्लैक सोप को आधुनिक स्किनकेयर में बदल रही हैं. Ghanaian entrepreneur is transforming traditional beauty rituals by using natural, edible ingredients like shea butter, cocoa, and black soap. #afrimaxx #skincare #makeupproducts
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