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TMC संकट Mamata Banerjee के अहंकार और भगवान राम के शाप का परिणाम: Suvendu Adhikari

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस में जारी संकट को ‘‘अहंकार’’ और ‘‘भगवान राम के शाप’’ का परिणाम बताते हुए शुक्रवार को कहा कि पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर रोक लगाने के निर्वाचन आयोग के निर्णय में भाजपा की कोई भूमिका नहीं है। निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार, पश्चिम बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले, तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी वाले गुट को ‘ममता आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम मिला, जबकि अरूप रॉय के नेतृत्व वाले विरोधी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया। शुभेंदु ने कहा, ‘‘आयोग ने फ़ैसला नियमों के अनुसार और सभी पक्षों की बात सुनने के बाद लिया।

वह (ममता बनर्जी) अपनी पार्टी को एकजुट नहीं रख सकीं। पार्टी दो, तीन या चार गुटों में बंट गई है। इसके लिए वह खुद ज़िम्मेदार हैं।

इसमें भाजपा की कोई सीधी भूमिका नहीं है।’’ उन्होंने एक संस्कृत श्लोक का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘जिस किसी में भी अहंकार है, सर्वशक्तिमान उस अहंकार को नष्ट कर देंगे।’’ मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस की मौजूदा स्थिति के लिए उसके पुराने बयानों एवं राजनीतिक रुख को भी ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि पार्टी ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। शुभेंदु ने कहा, ‘‘हिंदू धर्म को गंदा धर्म कहना, महाकुंभ को ‘मौत का कुंभ’ बताना और राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा वाले दिन यह कहते हुए जुलूस निकालना कि ‘हम राम मंदिर को स्वीकार नहीं करते’... भगवान राम के शाप से सबकुछ बर्बाद हो गया है।’’ वह राज्य सचिवालय में विश्वकर्मा पूजा कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बात कर रहे थे। निर्वाचन आयोग का अंतरिम आदेश तब आया जब चुनाव निकाय ने पार्टी का नाम और उसका चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने के अधिकार को लेकर जारी विवाद में दोनों पक्षों की बात सुनी।

इस बीच, माकपा ने शुक्रवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल में वामपंथी, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतें भाजपा के मुख्य विपक्ष के तौर पर उभरेंगी। पार्टी ने कहा कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस संगठनात्मक संकट का सामना कर रही है।

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Pakistan Army को भारी नुकसान, Balochistan में BLA के हमलों में 43 जवानों के मारे जाने का दावा

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने मंगलवार को 13 ऐसे ऑपरेशन्स की जानकारी दी, जिनके बारे में उनका दावा है कि ये 7 से 13 सितंबर के बीच पूरे बलूचिस्तान में चलाए गए थे। BLA का दावा है कि इन ऑपरेशन्स में पाकिस्तानी सेना के 43 जवान और सरकार समर्थित कथित "डेथ स्क्वाड" के सदस्य मारे गए और कई अन्य घायल हुए। BLA के प्रवक्ता जियांद बलूच ने अपने साप्ताहिक बयान में कहा कि ये ऑपरेशन्स बासिमा, खारन, पंजगुर, चगाई, टुम्प, सुराब, किला अब्दुल्ला, लासबेला, जिवाणी और मशकेल में चलाए गए थे। TBP के अनुसार, इन ऑपरेशन्स में पाकिस्तानी सेना के काफिले, चेकपोस्ट और निगरानी उपकरण, कथित "डेथ स्क्वाड" के सदस्य, कमर्शियल गाड़ियां, पुल और लिथियम निकालने का एक प्रोजेक्ट शामिल थे। BLA ने कहा कि उसके लड़ाकों ने हथियार और गाड़ियां ज़ब्त कीं, इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट किया और मुख्य हाईवे पर नाकेबंदी बनाए रखी, जिसे वे "आर्थिक नाकेबंदी" कहते हैं। ग्रुप ने यह भी पुष्टि की कि उसके 10 लड़ाके मारे गए, जिनमें से आठ बासिमा और किला अब्दुल्ला में हुई झड़पों के दौरान और दो पंजगुर में पहले हुई एक झड़प में मारे गए थे।

इसे भी पढ़ें: Pakistan के Kohat में मस्जिद के पास भीषण Blast, 16 लोगों की मौत और 50 से अधिक घायल


TBP के बताए बयान के अनुसार, ऑपरेशन 7 सितंबर को बासिमा में चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर रूट को पांच घंटे तक ब्लॉक करके शुरू किए गए, जहाँ BLA के लड़ाकों ने अचानक चेकिंग की। BLA ने दावा किया कि इस जगह पर हुई झड़प में पाकिस्तानी सेना के पांच जवान मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। उसने कहा कि लड़ाई में उसके तीन लड़ाके भी मारे गए। 8 सितंबर को, BLA के लड़ाकों ने खरान के नौरोज कलात में मुख्य हाईवे पर पाकिस्तानी सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला किया। समूह ने दावा किया कि हमले में कम से कम चार जवान मारे गए या घायल हुए। उसी दिन, BLA ने कहा कि उसके लड़ाकों ने पारोम, पंजगुर में पाकिस्तानी सेना के लिए सामान ले जा रहे एक वाहन में आग लगा दी और एक अन्य वाहन पर कब्ज़ा कर लिया। उसने यह भी दावा किया कि चेदगी इलाके में मशकेल कौर पर लगे सेना के सर्विलांस कैमरे नष्ट कर दिए गए।

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  Sports

अजीत अगरकर के भविष्य से लेकर रांची टेस्ट तक, जानें बीसीसीआई एजीएम की 5 बड़ी बातें

BCCI AGM 5 Big Points: बीसीसीआई की सालाना आम बैठक के बाद सचिव देवजीत सैकिया ने कई बड़े मुद्दो पर स्थिति स्पष्ट की. मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है, लेकिन उनके भविष्य को लेकर फिलहाल सस्पेंस बरकरार है. सैकिया ने कहा कि अगले 15 दिनों में इस पर उचित फैसला लिया जाएगा. इसके अलावा, उन्होंने रांची में होने वाले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट का वेन्यू बदलने की खबरों को खारिज किया और सुब्हदीप घोष को अस्थायी फील्डिं कोच नियुक्त करने की जानकारी दी. Fri, 18 Sep 2026 23:05:34 +0530

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News Ki Pathshala: जनता ने दी मात.. अब अपनों में घमासान ! | Election Commission | Mamata Banerjee #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-18T18:05:19+00:00

क्या यूपी के लोग पुराना 'जंगलराज' भूल चुके हैं? Poochta Hai Bharat With Arnab | CM Yogi Vs Akhilesh #tmktech #vivo #v29pro
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