लेडी बाइकर्स ने बताया कि सड़कों पर कई बार लड़के उनके साथ छेड़खानी करते हैं. पास आकर डराने और गिराने की कोशिश करते हैं. यही नहीं वो फब्तियां कसने और कपड़े खींचने से भी बाज नहीं आते.
Asian Games 2026: एशियाई खेल 2026 के मंच पर भारत के निशानेबाजों ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। सोमवार को एइची प्रेफेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में खेले गए पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (Silver Medal) पर कब्जा जमाया। देश के तीन होनहार निशानेबाजों- रुद्राक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ माने की तिकड़ी ने मिलकर यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। भारतीय दल ने कुल 1890.1 अंकों का उत्कृष्ट स्कोर खड़ा कर पोडियम पर अपनी जगह पक्की की।
चीन ने बनाया विश्व रिकॉर्ड इस बेहद प्रतिस्पर्धी मुकाबले में स्वर्ण पदक चीन की झोली में गया। शेंगे लिहाओ, मा सिहान और झांग चांगदोंग की चीनी तिकड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में 1899.0 अंकों का कुल स्कोर बनाकर एक नया क्वालिफिकेशन वर्ल्ड रिकॉर्ड (Qualification World Record) अपने नाम किया। चीन के रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के चलते भारतीय टीम को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा, लेकिन टीम के इस शानदार प्रदर्शन ने देश की झोली में एक और प्रतिष्ठित पदक डाल दिया है।
व्यक्तिगत फाइनल में भी चमके रुद्राक्ष और हिमांशु टीम स्पर्धा के बाद भारतीय खिलाड़ियों के लिए व्यक्तिगत वर्ग से भी बेहद अच्छी खबर सामने आई है। रुद्राक्ष पाटिल ने शानदार लय दिखाते हुए व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन राउंड में 631.8 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि हिमांशु ढिल्लों 630.0 अंक हासिल कर सातवें पायदान पर रहे। इन दोनों ही भारतीय निशानेबाजों ने व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। वहीं, तीसरे भारतीय निशानेबाज पार्थ माने 628.3 अंक हासिल करके 10वें स्थान पर रहे।
क्वालिफिकेशन के शीर्ष आठ स्थानों में चीन के तीन निशानेबाज़ शामिल थे, लेकिन एक देश से केवल दो ही खिलाड़ी फाइनल में उतर सकते हैं। इस नियम के कारण पांचवें स्थान पर रहे झांग चांगदोंग शीर्ष आठ में होने के बावजूद फाइनल की रेस से बाहर हो गए। चीन के शेंगे लिहाओ ने 635.4 अंकों के एशियाई खेल क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि उनके हमवतन मा सिहान दूसरे स्थान पर रहे। भारतीय निशानेबाजों के इस शानदार सफर से अब व्यक्तिगत फाइनल्स में भी पदक की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।