Rajendra Pal Gautam ने ECI को बताया BJP की B-टीम, TMC सिंबल विवाद पर उठाए सवाल
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने आगामी चुनावी बातचीत को लेकर कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि समाजवादी पार्टी (SP) के साथ सीट-शेयरिंग का कोई भी समझौता आपसी सम्मान और बराबरी के आधार पर होना चाहिए। उनके बयानों से विपक्षी खेमे में बढ़ती रणनीतिक चालों का पता चलता है, क्योंकि पार्टियां राज्य में होने वाले चुनावों की तैयारी कर रही हैं। सीट बंटवारे से जुड़ी खबरों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए गौतम ने ANI को बताया कि SP के साथ अभी तक औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है। हालांकि उन्होंने छोटे-मोटे बदलावों के लिए लचीलापन दिखाया, लेकिन साथ ही यह भी ज़ोर दिया कि कांग्रेस किसी भी संभावित समझौते में अपने संगठन के आत्म-सम्मान या गरिमा से समझौता नहीं करेगी।
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उन्होंने कहा कि फैसले के बारे में अभी कोई बातचीत शुरू नहीं हुई है; जब भी यह होगा - शायद अगले महीने - तो इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। हमने एक बात बहुत साफ कर दी है। कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है। कांग्रेस ने ही आज़ादी की लड़ाई का नेतृत्व किया था। कोई भी गठबंधन आपसी सम्मान पर आधारित होगा; इसमें बराबरी की हिस्सेदारी और सम्मान होगा। बेशक, हम थोड़ी लचीलापन दिखा सकते हैं; छोटे-मोटे बदलाव हो सकते हैं, लेकिन हम अपने सम्मान से समझौता नहीं कर सकते। गौतम ने गुटों को चुनाव चिह्न आवंटित करने के चुनाव आयोग के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के भरोसे को खतरे में डाल रहा है।
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यह बात उन्होंने तब कही जब ECI ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आधिकारिक नाम को फ्रीज़ कर दिया और पार्टी के अंदरूनी गुटबाजी के कारण उसके "फूल और घास" वाले चुनाव चिह्न को सुरक्षित रख लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर यह मुद्दा उठाया था। गौतम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग असल में बीजेपी की "बी-टीम" बन गया है और कहा कि उसके कामकाज के कारण लोगों का चुनाव आयोग से भरोसा उठ गया है।
Deloitte और Muthoot Fincorp करेंगे बड़ा निवेश, Visakhapatnam में खुलेंगे हजारों नए अवसर
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता वाले स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (SIPB) ने शुक्रवार को 526.25 करोड़ रुपये के निवेश वाले 10 IT प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी। इनमें से कई प्रोजेक्ट्स विशाखापत्तनम में शुरू किए जाएंगे। इन मंज़ूरियों से विशाखापत्तनम में IT निवेश और रोज़गार के मौकों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि कई बड़ी कंपनियों को शहर में अपना कामकाज शुरू करने की मंज़ूरी मिल गई है। निवेश को बढ़ावा देने का काम IT मंत्री नारा लोकेश कर रहे हैं। SIPB की इन नई मंज़ूरियों का मकसद आंध्र प्रदेश के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मज़बूत करना और विशाखापत्तनम में बड़े पैमाने पर रोज़गार के मौके पैदा करना है।
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SIPB से मंज़ूरी पाने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स में विशाखापत्तनम में एक अत्याधुनिक ऑपरेशन्स सेंटर बनाने के लिए डेलॉइट (Deloitte) का ₹43.75 करोड़ का निवेश प्रस्ताव शामिल है। इस सेंटर में 2,500 सीटों की क्षमता होगी। मुथूट फिनकॉर्प (Muthoot Fincorp) को भी विशाखापत्तनम में IT और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऑपरेशन्स शुरू करने के लिए ₹100 करोड़ के निवेश की मंज़ूरी मिली है। प्रस्तावित सुविधा में 2,400 सीटों की क्षमता होगी। शुक्रवार को मिली मंज़ूरियों की एक खास बात क्वांटम टेक्नोलॉजी पर ज़ोर देना है; SIPB से मंज़ूर हुए 10 IT प्रोजेक्ट्स में से सात में क्वांटम टेक्नोलॉजी शामिल है। उम्मीद है कि ये प्रोजेक्ट्स विशाखापत्तनम की टेक्नोलॉजी और IT हब के तौर पर स्थिति को मज़बूत करेंगे और साथ ही राज्य में निवेश आकर्षित करने और रोज़गार के अवसर पैदा करने में मदद करेंगे। ये मंज़ूरियाँ ऐसे समय में मिली हैं जब आंध्र प्रदेश सरकार IT कंपनियों को आकर्षित करने और राज्य के टेक्नोलॉजी सेक्टर, खासकर विशाखापत्तनम में, उसे बढ़ाने की कोशिशें कर रही है।
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