ब्लूवाइन ने 5 मिनट की मीटिंग में 80 कर्मचारी निकाले:ओरेकल में इस साल की दूसरी छटनी, एडिडास ने टाउनहाल में सुनाया लेऑफ पर फैसला
अमेरिकी कंपनी ब्लूवाइन फिलहाल लेऑफ को लेकर चर्चा में है। इससे जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पोस्ट के बाद चर्चा में आया। एक प्रभावित कर्मचारी ने रेडिट के इंडियन वर्कप्लेस ग्रुप में लिखा कि वह कंपनी की भारतीय कस्टमर सपोर्ट टीम का हिस्सा था। करीब 80 कर्मचारियों वाली पूरी टीम को एक छोटी सी ऑनलाइन मीटिंग में नौकरी से निकालने की जानकारी दी गई। ब्लूवाइन ने उस दिन टीम को ऑपरेशनल कारणों से घर से काम करने के लिए कहा। शाम करीब 6:30 बजे अपनी सामान्य शिफ्ट करने के 3 घंटे बाद रात करीब 9:30 बजे पूरी टीम को गूगल मीट में शामिल होने के लिए कहा गया। मीटिंग में बताया गया कि पूरी भारतीय कस्टमर सर्विस टीम को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उसके मुताबिक करीब 80 लोग एक साथ नौकरी से बाहर हो गए और पूरी प्रक्रिया लगभग पांच मिनट में खत्म हो गई। अनुमान लगाया जा रहा है कि AI टूल्स लागू होने के बाद कस्टमर सपोर्ट वर्कलोड कम हुआ और कुछ काम थर्ड पार्टी वेंडर को दिए जाने की योजना थी। ब्लूवाइन कंपनी के बारे में : ब्लूवाइन एक अमेरिकी फिन टेक कंपनी है, जो मुख्य रूप से छोटे कारोबार, स्टार्ट अप्स और इंटरप्रेन्योर के लिए डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं देती है। कंपनी की शुरुआत 2013 में हुई थी। ओरेकल में फिर ले ऑफ टेक कंपनी ऑरेकल ने 14 सितंबर 2026 से एक और छंटनी का दौर शुरू किया। इस साल कंपनी मे इससे पहले भी कर्मचारियों की छटनी की जा चुकी है। प्रभावित कर्मचारियों के मुताबिक कुछ लोगों के कंपनी सिस्टम लॉगिन करीब सुबह 4 बजे ही काम करना बंद कर चुके थे। इसके बाद करीब 5 से 5:30 बजे के बीच स्लैक एक्सेस भी बंद होने की खबर सामने आई। फिर करीब 6 बजे कर्मचारियों को ऑफिशियल ईमेल मिला। ईमेल में बताया गया कि कंपनी की मौजूदा कारोबारी जरूरतों और बदलाव के तहत संबंधित कर्मचारियों की भूमिका खत्म की जा रही है। कुछ कर्मचारियों के लिए पहले सिस्टम का एक्सेस बंद हुआ और उसके बाद औपचारिक ईमेल के जरिये नौकरी न रहने की जानकारी दी गई। लिंक्डइन पोस्ट के जरिये ओरेकल के ले ऑफ में एक ऐसे कर्मचारी को निकाला गया जो अपने काम में काफी गंभीर था। उसकी पत्नी ने अपनी पोस्ट में बताया कि जब मैं हॉस्पिटल में सर्जरी के लिए हॉस्पिटल में एडमिट थी, तब भी वे काम कर रहे थे। न्यू मैक्सिको में वेकेशन के दौरान जब मैं ड्राइविंग करती तो वे ऑफिस के कॉल अटैंड करने में लगे रहते थे। मेरे पति ने होली, दिवाली, राखी और अन्य त्योहरों के दिन में तो काम किया ही, साथ ही बर्थडे, एनिवर्सरी और वीकेंड पर भी काम किया। कुछ हफ्ते पहले हमने एक डॉग अडॉप्ट किया। मेरे पति रात को 3 बजे तक ऑफिस का काम करते हुए उस डॉग की केयर करते हैं। उन्होंने बीमार होने की हद तक काम किया। आपने कभी ऐसा इंसान देखा नहीं होगा जिसने अपनी नौकरी के लिए इतना खून-पसीना बहाया हो। वे पिछले 2 दशक से IT इंडस्ट्री में हैं। उन्हें बेस्ट एम्प्लॉय का अवार्ड भी मिल चुका है। अगर आपको कोई उनके लायक काम का पता हो तो प्लीज उन्हें रिफर करें। Oracle के बारे में : Oracle एक अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो मुख्य रूप से कंपनियों और सरकारों को डेटाबेस, क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और बिजनेस सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराती है। एडिडास ने टाउनहाल में कहीं लेऑफ की बात Adidas में 15 सितंबर को एक टाउनहॉल हुआ था, इसमें शामिल कुछ लोगों ने बताया है कि सभी कर्मचारियों को दो ग्रुप्स में बांटा गया है। इनमें से एक ग्रुप को 15 तारीख को ही एग्जिट लेटर मिल चुके हैं, वहीं दूसरे ग्रुप को 15 दिसंबर तक कंपनी के साथ रहने के लिए कहा गया है। उनसे कहा गया है कि इस दौरान उनका रोल वही रहेगा और हैंडओवर पूरा होने के बाद आगे फैसला लिया जाएगा। इन कर्मचारियों को कंपनी में दूसरे रोल में फिट होने के लिए भी टाइम दिया जाएगा, लेकिन जो फिट नहीं हुए, उन्हें 15 दिसंबर को अपनी नौकरी का आखिरी दिन मानना होगा। मिलेगी नोटिस पीरियड की सैलरी कंपनी की तरफ से कर्मचारियों को ये भी बताया गया है कि उन्हें पॉलिसी के हिसाब से नोटिस पीरियड की पूरी सैलरी और मुआवजा दिया जाएगा। कंपनी ने भी खुद ये माना है कि अपनी ग्लोबल टेक जरूरतों को पूरा करने के लिए वो ऑपरेटिंग मॉडल में बदलाव कर रही है। Adidas के बारे में यह एक जर्मन स्पोर्ट्सवियर और लाइफस्टाइल कंपनी है। इसका मुख्य काम खेलों से जुड़े कपड़े, जूते और अन्य सामान बनाना व बेचना है। ये खबर भी पढ़ें हरियाणा के 12 हजार शिक्षकों पर संकट:HTET जरूरी, नहीं तो नौकरी छोड़ो या रिटायरमेंट लो, पश्चिम बंगाल में 90 हजार टीचर्स के लिए एग्जाम की तैयारी हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत उन 12 हजार शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिन्होंने अब तक हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) पास नहीं की है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय (हरियाणा) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए एक नोटिस जारी किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें
Gurugram Hit-and-Run मामले की जांच के लिए SIT गठित, दोनों आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
गुरुग्राम गोल्फ़ कोर्स रोड हिट-एंड-रन मामले में आरोपी कल्याण बैंसला और लवनीश को शुक्रवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर, 2026 को होगी। आरोपियों की ओर से पेश वकील ललित बिंदल ने बताया कि पुलिस ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंज़ूर कर लिया। बिंदल ने ANI को बताया, "पुलिस ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी और कोर्ट ने उसे मंज़ूर कर लिया। दोनों आरोपियों को 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।" बैंसला और उनके चचेरे भाई लवनीश - जो घटना के समय कथित तौर पर उनके साथ कार में थे।
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सिया बाइक चला रही थी, तभी कथित तौर पर एक कार ने उसे टक्कर मार दी। उसने कहा कि इस घटना को जातिवाद से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। पीड़िता ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस घटना की कहानी को बदलकर इसे जाति-आधारित मुद्दा दिखाने की कोशिश की जा रही है, जिसे उसने "बेतुका" बताया। उसने ANI से कहा, "देखिए, अभी सोशल मीडिया पर इस घटना की कहानी को बदलकर इसे जाति-आधारित मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है; मैं व्यक्तिगत रूप से नहीं चाहती कि इसे जातिवाद से जोड़ा जाए। जो कुछ भी कहा जा रहा है, वह बेतुका है। मेरा पक्का मानना है कि इसमें जातिवाद का कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए। मुझे उन लोगों की सोच समझ नहीं आती जो खास जातियों को निशाना बनाते हैं। यह घटना किसी के भी साथ हो सकती थी—किसी लड़की या किसी बुजुर्ग के साथ भी। यह जातिवाद का मामला नहीं है; भविष्य में यह किसी के भी साथ हो सकता था। इसलिए, मुझे लगता है कि अभी जो बातें हो रही हैं, वे बेतुकी हैं। जब उससे पूछा गया कि वह चल रही जांच को कैसे देखती है, तो पीड़िता सिया ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक SIT बनाई गई है और उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
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जिन दो आरोपियों को अभी तक गिरफ़्तार नहीं किया गया है, उनके बारे में सिया ने कहा कि चारों आरोपियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, "देखिए, मैंने कहा है कि उन चारों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। अगर उनमें से एक को भी छोड़ दिया जाता है, तो इस बात का डर है कि वे भविष्य में वैसी ही घटना को अंजाम दे सकते हैं।" रविवार को पीड़िता सिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें गोल्फ़ कोर्स रोड पर बैंसला द्वारा चलाई जा रही गाड़ी तेज़ी से उनकी ओर आती और उनकी बाइक को टक्कर मारती हुई दिखाई दे रही थी; इसके बाद मामला दर्ज किया गया।
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