HCL टेक का मुनाफा 11% घटकर ₹4,076 करोड़:तीसरी तिमाही में रेवेन्यू ₹33,872 करोड़ रहा, प्रति शेयर ₹12 का डिविडेंड देगी कंपनी
IT कंपनी HCL टेक की तीसरी तिमाही में कुल कमाई यानी टोटल इनकम 34,257 करोड़ रुपए रही। ये पिछले साल की तुलना में 12.80% ज्यादा है। कंपनी की इस कमाई में ऑपरेशन से रेवेन्यू 33,872 करोड़ रुपए रहा। वहीं जुलाई से सितंबर तिमाही में कंपनी का टोटल खर्च 27,792 करोड़ रुपए रहा और उसने टोटल 1,427 करोड़ रुपए का टैक्स चुकाया। टोटल इनकम में से खर्च और टैक्स घटा दें, तो कंपनी को तीसरी तिमाही में 4,076 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट हुआ। सालाना आधार पर यह 11.21% घटा है। कंपनी को पिछले साल की समान तिमाही में 4,591 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। HCL टेक ने सोमवार (12 जनवरी) को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (Q3FY26, तीसरी तिमाही) के नतीजे जारी किए हैं। नतीजों में आम आदमी के लिए क्या रहा? अगर आपके पास HCL टेक के शेयर हैं, तो कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को प्रति शेयर 12 रुपए के अंतरिम डिविडेंड (लाभांश) को भी मंजूरी दी है। कंपनियां अपने शेयरधारकों को मुनाफे का कुछ हिस्सा देती हैं, उसे डिविडेंड कहते हैं। क्या होता है स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड? कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंड अलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। बीते एक साल में शेयर का परफॉर्मेंस कैसा रहा? रिजल्ट से पहले HCL का शेयर आज 0.34% की तेजी के साथ 1,667 रुपए पर बंद हुआ। HCL टेक के शेयर ने पिछले 5 दिन में 3.5% रिटर्न दिया है। वहीं 1 महीने में शेयर 1% गिरा और 6 महीने में 3% चढ़ा है। एक साल में कंपनी का शेयर 16% गिरा है। केवल इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक की बात करें तो कंपनी का शेयर 3% चढ़ा है। कंपनी की मार्केट वैल्यू 4.52 लाख करोड़ रुपए है। HCL टेक के फाउंडर हैं शिव नाडर HCL टेक के फाउंडर शिव नाडर हैं। उन्होंने HCL को 1976 में स्थापित किया था। इसके चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और मैनेजिंग डायरेक्टर सी विजयकुमार हैं। कंपनी डिजिटल, इंजीनियरिंग, क्लाउड और सॉफ्टवेयर का काम करती है।
सोमनाथ, नेहरू और 17 चिट्ठियाँ: मंदिर पुनर्निर्माण के समय ‘सेक्युलर’ जवाहरलाल को एक नहींं कई दिक्कतें थी, पचा नहीं पा रहे थे सनातन धाम की भव्य दिव्य वापसी
सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार से परेशान प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 17 चिट्ठियाँ लिखीं। इस दौरान राष्ट्रपति से लेकर तमाम मुख्यमंत्रियों तक को चिट्ठियाँ लिखी।
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