MP के Kymore में ब्रिटिश कंपनी का Asbestos कचरा बना जानलेवा, ITV News की रिपोर्ट में खुलासा
ब्रिटेन की एक पूर्व औद्योगिक दिग्गज कंपनी के मध्यप्रदेश के एक कस्बे में एस्बेस्टस कारखाना स्थापित करने के दशकों बाद भी वहां जमा किये गए जहरीले कचरे के कारण लोगों की जान अब भी खतरे में बनी हुई है। ब्रिटिश मीडिया की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। ‘आईटीवी न्यूज’ ने कहा कि उसकी पड़ताल में सामने आया है कि ब्रिटेन की सबसे बड़ी और सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली औद्योगिक कंपनियों में शामिल टर्नर एंड न्यूऑल से जुड़े अनुमानित 10 लाख टन एस्बेस्टस कचरे के कारण किमोर अब भी दूषित है।
रिपोर्ट के अनुसार, कस्बे के खेल के मैदानों, आवासीय इलाकों, खुले स्थानों और अन्य जगहों पर आज भी मिट्टी, धूल और जमीन एस्बेस्टस से दूषित है। कई वर्षों से किमोर के निवासियों का इलाज कर रहे विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. मुरलीधर वेंकिटेश्वरन ने ब्रिटिश समाचार चैनल से कहा, “मैं वास्तव में यह देखकर हैरान हूं कि इस खास कस्बे में लगभग हर व्यक्ति एस्बेस्टस के कारण होने वाली बीमारी से पीड़ित नजर आता है।” उन्होंने कहा, “इन सभी लोगों को काफी तकलीफ झेलनी पड़ेगी। यह केवल मौत का मामला नहीं है, बल्कि उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी, इलाज पर भारी खर्च और फेफड़ों के कैंसर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।” पड़ताल के दौरान ‘आईटीवी न्यूज’ के संवाददाता ने हवा में मौजूद एस्बेस्टस रेशों से संभावित खतरे को देखते हुए विशेष श्वसन सुरक्षा उपकरण पहने।
रिपोर्टर सैम होल्डर ने अपनी टेलीविजन रिपोर्ट में कहा, “इस इलाके में जहां भी आप चलते हैं, वहां एस्बेस्टस है। शुरुआत में लगता है कि शायद ये पत्थर या चट्टान के टुकड़े हैं, लेकिन नहीं, ये टूटे हुए एस्बेस्टस के टुकड़े हैं। यह उसी तरह की चीज है जो जानलेवा रेशे छोड़ सकती है और ब्रिटेन में ऐसी स्थिति तुरंत चिंता का कारण बन जाती।” रिपोर्ट में उन परिवारों से भी बात की गई जो मानते हैं कि वे एस्बेस्टस के संपर्क में आने के दुष्परिणाम झेल रहे हैं।
इनमें सोमेश नाम का 40 वर्षीय एक व्यक्ति भी शामिल है। बचपन में स्कूल के खेल मैदान में एस्बेस्टस के संपर्क में आने के बाद उसे गंभीर कैंसर होने का पता चला। डॉ. मुरली के अनुसार, एक बच्चे के पिता सोमेश के शरीर में कैंसर काफी फैल चुका है और उसके छह महीने से अधिक जीवित रहने की संभावना कम है।
कार्यक्रम में 1970 के दशक के कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें टर्नर एंड न्यूऑल के एक चिकित्सक ने प्रबंधन से भारतीय कर्मचारियों को एस्बेस्टस के संपर्क से बेहतर सुरक्षा देने का आग्रह किया था। एक दस्तावेज में चिकित्सक ने चेतावनी दी थी कि कर्मचारियों को “खतरों और जोखिमों के बारे में बताया जाना चाहिए” और उन्हें खुद इनका पता लगाने के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए, ताकि “दुनिया के अन्य हिस्सों में एस्बेस्टस के संपर्क में आए कर्मचारियों के साथ हुई त्रासदी भारत में दोबारा न हो।” टर्नर एंड न्यूऑल 2001 में ब्रिटेन और अमेरिका में एस्बेस्टस से जुड़े कई मुकदमों के कारण बंद होने से पहले ब्रिटेन की सबसे सफल औद्योगिक कंपनियों में शामिल थी। कुछ पीड़ितों के लिए मुआवजे की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अभियान चलाने वाले समूहों का कहना है कि किमोर में अब भी मौजूद एस्बेस्टस कचरे को हटाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया।
ब्रिटेन सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, “ये दावे बेहद चौंकाने वाले हैं और हमारी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं, जिन्होंने इन गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाइयों के कारण अपने प्रियजनों को खोया है।” उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि सभी ब्रिटिश कंपनियां अपने परिचालन और आपूर्ति श्रृंखला में मानवाधिकारों और पर्यावरण का सम्मान करेंगी। साथ ही, हम जिम्मेदार कारोबारी व्यवहार को लेकर ब्रिटेन के रुख की समीक्षा के निष्कर्षों पर भी विचार कर रहे हैं।
मोदी के जन्मदिन पर ये क्या बोले रूस-इजरायल, मचाया तहलका!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर देश दुनिया से लोगों की बधाइयों का तांता लगा हुआ है। लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान रूस और इजराइल की बधाई ने खींचा है। इस वक्त रूस और इजराइल दुनिया के वो देश हैं जिनके आगे दुश्मन घुटनों पर आ गए हैं। लेकिन यही वह पहले दो देश हैं जिन्होंने पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी है। पीएम मोदी के जन्मदिन पर इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने जो कहा है उसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। आपको बता दें कि यह देश रूस था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के रिश्तों को मजबूत करने के लिए पीएम मोदी ने जो व्यक्तिगत भूमिका निभाई है उसे मैं शब्दों में बयां तक नहीं कर सकता। पीएम मोदी की वजह से रूस और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ी है। पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी में असाधारण राजनीतिक सूझबूझ और दूरदर्शिता है। बता दें कि जिस वक्त सऊदी अरब का तेल एक्सपोर्ट पूरी तरह ठप हो चुका है। उस वक्त रूस ही भारत के लिए सबसे बड़ा ट्रंप कार्ड है।
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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं पीएम मोदी के अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना करती हूं। उन्होंने कहा कि इटली और भारत अपनी दोस्ती को मजबूत कर रहे हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मेरे प्रिय दोस्त हैं। मैं आपको जन्मदिन की बधाई देना चाहता हूं। आपने अपने जीवन में भारत के लिए बहुत कुछ हासिल किया है। हम दोनों ने भी मिलकर भारत और इजराइल की दोस्ती के लिए बहुत अच्छे काम किए हैं। मैं आपसे जल्दी मिलने का इंतजार कर रहा हूं क्योंकि हम अपनी साझेदारी और दोस्ती को और भी नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। आपको एक बार जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयां।
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