Sleep and Weight Gain: नींद पूरी न होने से बढ़ सकता है वजन? जानें शरीर पर कैसे पड़ता है असर
Lack of Sleep Weight Gain: अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नींद पूरी नहीं हो रही है, तो इसका असर आपकी मेहनत पर भी पड़ सकता है। कम या खराब नींद भूख और खाने की आदतों को प्रभावित कर सकती है, जिससे वजन बढ़ने का जोखिम बढ़ सकता है।
रात में देर तक जागना या लगातार कम घंटे सोना सिर्फ दिनभर की थकान तक सीमित नहीं है। नींद की कमी शरीर में भूख और तृप्ति से जुड़े हार्मोन के संतुलन को प्रभावित कर सकती है और ज्यादा खाने की इच्छा बढ़ा सकती है। जानें इसका शरीर पर कैसे असर पड़ता है।
नींद कम होने से क्यों बढ़ सकता है वजन?
नींद और वजन के बीच सीधा संबंध देखा गया है। पर्याप्त नींद न मिलने पर भूख और खाने की इच्छा बढ़ सकती है। कम नींद वजन बढ़ने और मोटापे के जोखिम से जुड़ी है।
1. भूख ज्यादा लग सकती है
नींद की कमी शरीर के भूख से जुड़े संकेतों को प्रभावित कर सकती है। शोध में कम नींद के साथ ghrelin जैसे भूख बढ़ाने वाले हार्मोन में बदलाव और leptin से जुड़े बदलाव देखे गए हैं। इसका असर भूख और खाने की मात्रा पर पड़ सकता है।
2. हाई-कैलोरी खाने की क्रेविंग बढ़ सकती है
जब नींद पूरी नहीं होती, तो व्यक्ति को ज्यादा ऊर्जा वाले खाने की इच्छा हो सकती है। कुछ शोधों में नींद की कमी के दौरान ज्यादा कैलोरी और फैट वाले खाद्य पदार्थों की ओर झुकाव देखा गया है।
3. शरीर के मेटाबॉलिज्म पर भी असर
नींद की कमी शरीर में ग्लूकोज के इस्तेमाल और इंसुलिन संवेदनशीलता जैसे मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक नींद की कमी को वजन बढ़ने और मोटापे के जोखिम से जोड़ा गया है।
4. देर रात खाने की आदत बढ़ सकती है
कम सोने का मतलब है कि आप ज्यादा देर तक जाग रहे हैं। ऐसे में देर रात स्नैकिंग या बार-बार कुछ खाने की आदत बन सकती है। इसके अलावा थकान के कारण एक्सरसाइज और शारीरिक गतिविधि का समय भी कम हो सकता है।
वजन कंट्रोल करने में नींद भी है जरूरी
अगर आप वजन को स्वस्थ तरीके से मैनेज करना चाहते हैं, तो सिर्फ डाइट और एक्सरसाइज पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। स्वस्थ वजन के लिए पौष्टिक भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव को मैनेज करना भी महत्वपूर्ण हैं।
इसलिए रोजाना सोने और जागने का एक नियमित समय रखने की कोशिश करें। अगर लंबे समय से नींद की समस्या बनी हुई है या वजन तेजी से बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
नोट: वजन बढ़ने के पीछे नींद के अलावा डाइट, शारीरिक गतिविधि, उम्र, दवाएं, हार्मोन, मेडिकल कंडीशन और जेनेटिक कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल कम नींद को वजन बढ़ने की एकमात्र वजह नहीं माना जा सकता।
यह भी पढ़ें: कब्ज की शिकायत बनी रहती हैं तो सतर्क हो जाएं, इन 5 बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
Supreme Court: जजों के खिलाफ गुमनाम शिकायतों पर भड़का SC, बिल्डरों को फटकार; CBI जांच का दिया आदेश
जजों, एमिकस क्यूरी और वकीलों के खिलाफ लगातार मिल रही गुमनाम शिकायतों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। यह मामला उन रियल एस्टेट कंपनियों और बिल्डरों से जुड़ी सुनवाई के दौरान सामने आया, जिन पर घर खरीदारों को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाने, सबवेंशन स्कीम का गलत इस्तेमाल करने, प्रोजेक्ट में देरी करने और निवेश की रकम वापस नहीं करने के आरोपों की जांच चल रही है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अगर गुमनाम शिकायतों के पीछे किसी बिल्डर या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बेंच में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे।
‘हम CBI जांच का आदेश देंगे’
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट गुमनाम शिकायतों की CBI जांच कराने का निर्देश दे सकता है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्हें भेजने के पीछे कौन लोग हैं।
CJI ने सवाल किया कि इन मामलों में बिल्डरों की ओर से कौन-कौन से वकील पेश हो रहे हैं। उन्होंने शिकायतों को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्या बिल्डरों को लगता है कि इस तरह की गुमनाम शिकायतों से अदालत पर दबाव बनाया जा सकता है।
बेंच ने यह भी कहा कि वह शिकायतों के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाएगी। कोर्ट के मुताबिक, यदि जरूरत पड़ी तो CBI को FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया जा सकता है।
अगली सुनवाई में शिकायतों की जांच की बात
सुनवाई के दौरान CJI ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि अगली तारीख पर शिकायतों का एक और सेट उन्हें दिया जाएगा। उन्होंने शिकायतों की जांच कर यह पता लगाने को कहा कि उन्हें लिखने या भेजने के लिए कौन जिम्मेदार है।
बेंच ने टिप्पणी की कि प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि इनमें कुछ बिल्डरों की भूमिका हो सकती है। साथ ही, उन वकीलों की भूमिका की भी जांच की जरूरत हो सकती है, जिन्होंने बिल्डरों को इस तरह की शिकायतें करने की सलाह दी हो।
सबवेंशन स्कीम मामले में CBI की जांच
सुप्रीम कोर्ट के सामने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बिल्डरों और बैंक अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत से जुड़ी CBI जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश की।
मामला उन सबवेंशन स्कीम से जुड़ा है, जिनमें कई घर खरीदारों को यह भरोसा दिलाया गया था कि निर्माण पूरा होने या घर का कब्जा मिलने तक उनके होम लोन की EMI या प्री-EMI बिल्डर चुकाएगा। आरोप है कि कुछ मामलों में बैंक से रकम जारी होने के बावजूद प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं हुए और घर खरीदारों पर EMI चुकाने का बोझ बना रहा।
कई खरीदारों को लंबे समय तक अपने घर का कब्जा नहीं मिला। इसके बावजूद उन्हें बैंक लोन की किस्तें भरनी पड़ीं। सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह की स्थिति को गंभीरता से लिया है।
CBI ने कई FIR और चार्जशीट दाखिल कीं
पिछली सुनवाई में CBI की जांच की जानकारी देते हुए बताया गया था कि एजेंसी ने बिल्डरों और बैंक अधिकारियों से जुड़े मामलों में कई FIR दर्ज की हैं। इनमें से कुछ मामलों की जांच पूरी हो चुकी है और संबंधित अदालतों में चार्जशीट भी दाखिल की गई हैं।
जांच के दौरान कुछ बैंक अधिकारियों की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
CBI ने कुछ बैंकों से संबंधित अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन स्वीकृति भी मांगी है। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, HDFC बैंक और ICICI बैंक का नाम शामिल है।
अप्रैल 2025 में शुरू हुई थी जांच
सबवेंशन स्कीम के कथित दुरुपयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में CBI जांच का निर्देश दिया था। इस मामले में घर खरीदारों ने आरोप लगाया था कि बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के बीच हुए समझौतों का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट ने जांच के दौरान बिल्डरों, बैंक अधिकारियों और संबंधित वित्तीय संस्थानों की भूमिका की पड़ताल करने को कहा था। अदालत का उद्देश्य यह पता लगाना है कि होम लोन की रकम किस तरह जारी की गई और क्या इसमें नियमों का उल्लंघन या किसी तरह की मिलीभगत हुई।
अब इसी मामले की सुनवाई के दौरान जजों और वकीलों के खिलाफ गुमनाम शिकायतों का मुद्दा सामने आने से कोर्ट ने इसे भी गंभीरता से लिया है। हालांकि, शिकायतों के पीछे किसकी भूमिका है, यह CBI जांच या आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi











