सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच नितिन नवीन ने संतों से की मुलाकात, अखाड़ा परिषद के मतभेदों पर भी बात
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उज्जैन में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम से ठीक पहले शहर के प्रमुख संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचे। उनके साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे।
नेताओं के इस दौरे का मुख्य मकसद दीपोत्सव के पावन अवसर पर संतों से मुलाकात करना था, लेकिन इस दौरान आगामी सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों और अखाड़ा परिषद के बीच चल रहे अंदरूनी मतभेदों पर भी गंभीर चर्चा हुई।
नाव में सवार होकर पहुंचे बड़ा उदासीन अखाड़ा
दौरे की शुरुआत में नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव नाव पर सवार होकर बड़ा उदासीन अखाड़े पहुंचे। वहां उन्होंने युवा महंत सत्यानंद महाराज और महंत देवीदास से मुलाकात की। 27 वर्षीय महंत सत्यानंद वही संत हैं जिन्होंने विदेश की एक मल्टीनेशनल कंपनी का 26 लाख रुपये का सालाना पैकेज ठुकराकर संन्यास की राह चुनी थी। नेताओं ने अखाड़े में आचार्य जगद्गुरु श्री चंद्र भगवान के 532वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में विशेष पूजा-अर्चना की और संतों का आशीर्वाद लिया।
दत्त अखाड़े में पीर श्रीमहंत सुंदरपुरी से की मुलाकात
इसके बाद भाजपा नेताओं का काफिला रामघाट स्थित श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा पहुंचा। यहां उन्होंने अखाड़े के गादीपति पीर श्रीमहंत सुंदरपुरी महाराज से मुलाकात की, जो महज 3 साल की उम्र में नागा संन्यास परंपरा से जुड़ गए थे। नेताओं ने अखाड़े में शीश नवाया और संतों से विभिन्न धार्मिक व सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श किया।
सिंहस्थ कुंभ और अखाड़ा परिषद का भी उठा मुद्दा
इन मुलाकातों के बीच आगामी 2028 उज्जैन सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों पर मुख्य रूप से बात हुई। इसके साथ ही अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर अखाड़ों के बीच चल रही खींचतान भी चर्चा में आई। दरअसल, उदासीन अखाड़ा जहां महानिर्वाणी अखाड़े का समर्थन कर रहा है, वहीं दत्त अखाड़ा निरंजनी अखाड़े के महंत रवींद्रपुरी के पक्ष में खड़ा है। ऐसे में भाजपा नेतृत्व की दोनों अखाड़ों में मौजूदगी को कुंभ से पहले संतों के बीच बेहतर सामंजस्य बैठाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
भस्म आरती में शामिल हुए BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बाबा महाकाल से की देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज तड़के बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने के लिए मंदिर पहुंचे। उन्होंने नंदी हॉल से दर्शन किए। तकरीबन डेढ़ घंटे तक वो यहीं बैठे रहे और भस्म आरती के आनंद लिया। इस दौरान वो भक्ति में डूबे रहे।
बता दें कि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित किए गए 25 लाख दीप प्रज्ज्वलन के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वो उज्जैन पहुंचे थे। इसके बाद वह रात को मंदिर के पास बनी हेरिटेज में रुके। सुबह आरती में शामिल होने के लिए वो 4 बजे मंदिर पहुंच गए थे।
समिति ने किया स्वागत
नितिन नवीन जब मंदिर पहुंचे तब श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से कलेक्टर एवं समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद थे। दोनों का स्वागत सत्कार समिति के पदाधिकारियों की ओर से किया गया।
भस्म आरती के बाद पूजा
पहले तो नितिन नवीन भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल को निहारते दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने देहरी से बाबा का पूजन किया। वो जलाभिषेक करते दिखाई दिए। इस दौरान उज्जैन आलोट सांसद अनिल फिरोजिया भी उनके साथ मौजूद रहे।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल की पावन भस्म आरती में सम्मिलित होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
बाबा महाकाल से समस्त देशवासियों के सुख, शांति,… pic.twitter.com/1IuHC1PAJS
— Nitin Nabin (@NitinNabin) September 18, 2026
देशवासियों की समृद्धि की कामना
बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष को सोशल मीडिया पर जानकारी देते देखा गया। उन्होंने बताया कि ‘बाबा महाकाल का आज आशीर्वाद प्राप्त हुआ। अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार महाकाल दर्शन करने आया हूं। बाबा से यही प्रार्थना की है कि सभी को यश दें और स्वस्थ्य रखें। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी भगवान महाकाल से आशीर्वाद मांगा और कहा कि वह इसी तरह से देश की सेवा करें और देश को आगे बढ़ाते चलें।’
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