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इस हफ्ते 5 आईपीओ में निवेश का मौका:NSE का इश्यू सबसे बड़ा; लेकिन SS रिटेल और जिंदल सुप्रीम में 30% लिस्टिंग गेन का अनुमान

इस हफ्ते प्राइमरी मार्केट में 5 बड़ी कंपनियां IPO लेकर आ रही हैं। इनमें NSE, हीरो मोटर्स, SS रिटेल, जिंदल सुप्रीम और सोनासिलेक्शन शामिल हैं। इन IPOs के जरिए बाजार से कुल 24,000 करोड़ रुपए से ज्यादा जुटाए जाएंगे। NSE का इश्यू सबसे बड़ा है। 1. NSE का ₹22,569 करोड़ का IPO: प्राइस बैंड ₹1,700-1,785 तय NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। कंपनी ने अपने IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से निवेशकों को एक लॉट के लिए ₹14280 निवेश करने होंगे। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इससे मिलने वाला पूरा पैसा शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगा, कंपनी को कोई फंड नहीं मिलेगा। पहले DRHP में 14.9 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव था, जिसे 15% घटाकर अब 12.64 करोड़ शेयर कर दिया गया है। 2. हीरो मोटर्स का ₹1,000 करोड़ का IPO: प्राइस बैंड ₹79 से ₹84 तय ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी का ₹1,000 करोड़ का IPO 16 सितंबर को खुलेगा और 18 सितंबर को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड ₹79 से ₹84 प्रति शेयर तय किया गया है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से निवेशकों को एक लॉट के लिए ₹14,952 निवेश करने होंगे। यह IPO फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) का कॉम्बिनेशन है: GMP और संभावित लिस्टिंग: ग्रे मार्केट में इसका GMP ₹24 है। यानी अपर प्राइस बैंड ₹84 के मुकाबले इसकी लिस्टिंग ₹108 पर (28.57% लिस्टिंग गेन) होने का अनुमान है। निवेश करें या नहीं (एक्सपर्ट राय): ऑटो सेक्टर ग्रोथ और कंपनी के कस्टमर बेस को देखते हुए एक्सपर्ट्स इसे लिस्टिंग गेन और मीडियम-टू-लॉन्ग टर्म दोनों के लिए बेहतर मान रहे हैं। 3. SS रिटेल का ₹500 करोड़ का IPO: प्राइस बैंड ₹79 से ₹84 तय SS रिटेल का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 16 सितंबर 2026 को खुलेगा और 18 सितंबर 2026 को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड ₹403 से ₹424 प्रति शेयर तय किया गया है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से आम निवेशकों को एक लॉट के लिए ₹14,840 निवेश करने होंगे। यह IPO फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) का कॉम्बिनेशन है: GMP और संभावित लिस्टिंग: ग्रे मार्केट में इसका GMP ₹120 चल रहा है। अपर प्राइस बैंड ₹424 के हिसाब से इसकी संभावित लिस्टिंग ₹544 पर (30% प्रीमियम) हो सकती है। निवेश करें या नहीं (एक्सपर्ट राय): रिटेल सेगमेंट में मजबूत डिमांड और बेहतर GMP को देखते हुए शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स इसे लिस्टिंग गेन के लिए सब्सक्राइब कर सकते हैं। 4. सोनासिलेक्शन का ₹142 करोड़ का IPO: प्राइस बैंड ₹94 से ₹99 तय भीलवाड़ा की कंपनी सोनासिलेक्शन का IPO 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड ₹94 से ₹99 प्रति शेयर तय किया गया है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से आम निवेशकों को एक लॉट के लिए ₹14,850 का निवेश करना होगा। कंपनी 1.43 करोड़ नए शेयर जारी करके ₹141.57 करोड़ जुटाएगी। इसमें कोई OFS नहीं है, इसलिए पूरा पैसा कंपनी के पास जाएगा। सोनासिलेक्शन इंडिया का IPO NSE और BSE पर लिस्ट होगा, जिसकी संभावित लिस्टिंग तारीख 24 सितंबर 2026 तय की गई है। 5. जिंदल सुप्रीम का ₹125 करोड़ का IPO: प्राइस बैंड ₹88 से ₹93 तय प्लास्टिक पाइप बनाने वाली जिंदल सुप्रीम का ₹125 करोड़ का IPO 16 सितंबर को खुलेगा और 18 सितंबर को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड ₹88-93 प्रति शेयर तय किया गया है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से आम निवेशकों को एक लॉट के लिए ₹14,973 का निवेश करना होगा। यह IPO फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) का कॉम्बिनेशन है: GMP और संभावित लिस्टिंग: ग्रे मार्केट में इसका GMP ₹27 चल रहा है। अपर प्राइस बैंड ₹93 के हिसाब से इसकी लिस्टिंग ₹120 पर (29.03% प्रीमियम) होने का अनुमान है। निवेश करें या नहीं (एक्सपर्ट राय): इन्फ्रा और कंस्ट्रक्शन डिमांड का फायदा कंपनी को मिल रहा है। हाई लिस्टिंग गेन चाहने वाले निवेशक इसे सब्सक्राइब कर सकते हैं। नॉलेज बॉक्स: फ्रेश इश्यू, OFS और GMP क्या है?

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चीन ने AI डेवलपमेंट धीमा करने को बताया अमेरिकी चाल:एंथ्रोपिक CEO ने कहा था- खतरों से निपटने के लिए रफ्तार कम करना जरूरी

एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई के एआई डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी करने के प्रस्ताव को चीन ने 'कोल्ड वॉर प्लेबुक' बताया है। चीनी अखबार ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर एआई की रफ्तार रोकने की मांग अमेरिका के तकनीकी एकाधिकार को बनाए रखने की एक साजिश है। डारियो अमोदेई ने ;चीन पर सख्ती की मांग की थी डारियो अमोदेई ने एक लेख में एआई बनाने की रफ्तार थोड़ी धीमी करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि इससे एआई से जुड़े खतरों को समझने और निपटने का समय मिल जाएगा। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और इलॉन मस्क ने भी इस बात का समर्थन किया है। डारियो ने अमेरिकी सरकार से मांग की थी कि चीन को भेजी जाने वाली कंप्यूटर चिप्स पर और सख्ती की जाए। मॉडल डिस्टिलेशन पर भी रोक लगाई जाए। मॉडल डिस्टिलेशन का मतलब है कि अमेरिका के महंगे और एडवांस्ड AI मॉडल से सवाल-जवाब का डेटा लेकर कम खर्च और कम समय में अपना नया AI तैयार कर लेना। चीन के कई लैब्स ऐसा कर रहे हैं। डारियो ने एक इंटरव्यू में माना कि अगर अमेरिका रफ्तार धीमी करता है और चीन ऐसा नहीं करता, तो यह सबसे बड़ी चुनौती होगी। चीन बोला- 'ग्लोबल एआई सिस्टम से हमें अलग करने की कोशिश' चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने लिखा कि डारियो अमोदेई का असली मकसद एआई नियमों का बहाना बनाकर चीन के टेक डेवलपमेंट को रोकना है। अखबार ने लिखा, "यह एक छिपा हुआ एआई कोल्ड वॉर है। एआई के विकास से चीन को बाहर करने से पूरी दुनिया के लिए नुकसान होगा।" ट्रम्प बोले- कुछ लोग बेवजह का डर पैदा कर रहे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एआई की स्पीड कम करने की मांगों को खारिज कर दिया है। ट्रम्प ने कहा कि कुछ लोग बेवजह का डर पैदा कर रहे हैं। ट्रम्प ने कहा, "हम एआई के मामले में चीन से आगे हैं। हम दुनिया में सबसे आगे हैं और मैं इसे ऐसे ही रखना चाहता हूं, क्योंकि जो एआई की रेस जीतेगा, वही दुनिया पर राज करेगा।" 24 सितंबर को ट्रम्प और शी जिनपिंग की मीटिंग में उठ सकता है मुद्दा अमेरिका और चीनी अधिकारी इसी महीने AI खतरों पर चर्चा करने वाले हैं। 24 सितंबर की समिट में ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच भी इस मुद्दे पर बात हो सकती है। ------------------------------- ये खबर भी पढ़े… एंथ्रोपिक चीफ बोले- AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी की जाए:मस्क-ऑल्टमैन ने समर्थन दिया; रिसर्चर की चेतावनी- 2 साल में इंसानियत पर खतरा AI कंपनी एंथ्रोपिक के प्रमुख डेरियो अमोदेई ने AI मॉडल्स को डेवलप करने की स्पीड को धीमा करने और उनकी सख्त मॉनिटरिंग की जरूरत बताई है। अमोदेई ने अपने एक नए एसे 'वी मस्ट पेस द फ्रंटियर' में कहा कि AI के खतरे गंभीर हैं और कंपनियों व सरकारों को इनसे निपटने के लिए वक्त चाहिए। इस मुद्दे पर ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और XAI के मालिक इलॉन मस्क ने भी उनका समर्थन किया है। पूरी खबर पढ़ें…

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क्रिकेट से नफरत, कमरे में अकेलापन और डिप्रेशन... मंगेतर ने यूं बचाया ईशांत शर्मा का करियर

Ishant Sharma recalls depression: ईशांत शर्मा ने बीती बातों को याद करते हुए कहा है कि 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जेम्स फॉकनर के एक ही ओवर में 30 रन लुटाने के बाद वह डिप्रेशन में चले गए थे. टीम इंडिया की उस हार के बाद वह लगातार 15 दिनों तक रोते रहे. इस कठिन समय में उनकी तत्कालीन मंगेतर प्रतिमा सिंह की सलाह और अटूट सपोर्ट ने उन्हें ढांढस बंधाया. प्रतिमा की सीख से प्रेरणा लेकर ईशांत ने शानदार वापसी की और भारत के लिए 100 से अधिक टेस्ट खेले. Fri, 18 Sep 2026 21:39:55 +0530

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Rashtra Sarvopari: West Bengal By Election से पहले खेला | Mamata Banerjee | BJP Vs TMC #tmktech #vivo #v29pro
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News Ki Pathshala : भारत की Economy पर Moody’s की बड़ी चेतावनी, क्या है खतरा? #shorts #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-18T16:40:28+00:00
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