Cuba बहुत देर होने से पहले “समझौते” कर ले : Donald Trump
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के करीबी सहयोगी क्यूबा को रविवार को एक और चेतावनी जारी की। वेनेजुएला में अमेरिका के हवाई हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपदस्थ किए जाने के बाद क्यूबा में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन भड़कने की आशंका है।
वेनेजुएला के तेल का प्रमुख खरीदार रहा क्यूबा अब इसकी खेप से वंचित हो गया है, क्योंकि अमेरिकी सेना वेनेजुएला के तेल उत्पादों के उत्पादन, शोधन और वैश्विक वितरण को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत टैंकर को जब्त करना जारी रखे हुए है।
ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “क्यूबा लंबे समय से वेनेजुएला के तेल और धन का इस्तेमाल कर रहा था और बदले में उसे सुरक्षा प्रदान कर रहा था, लेकिन अब और नहीं! क्यूबा को अब न तो तेल मिलेगा और न ही धन।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, “मैं उन्हें दृढ़तापूर्वक सलाह देता हूं कि वे बहुत देर होने से पहले समझौता कर लें।” हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किस तरह के समझौते की बात कर रहे हैं।
क्यूबा सरकार ने कहा है कि पिछले सप्ताहांत मादुरो को पकड़ने के लिए चलाए गए अमेरिकी अभियान में उसके 32 सैन्यकर्मी मारे गए। क्यूबा की दो मुख्य सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े ये कर्मी क्यूबा और वेनेजुएला के बीच हुए समझौते के तहत वेनेजुएला की राजधानी काराकास में तैनात थे।
ट्रंप ने कहा, “वेनेजुएला को अब उन गुंडों और जबरन वसूली करने वालों से सुरक्षा की जरूरत नहीं है, जिन्होंने उन्हें इतने वर्षों तक बंधक बनाकर रखा था। अब वेनेजुएला के पास अमेरिका है, जो (निस्संदेह!) दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है। हम उनकी रक्षा जरूर करेंगे।
Ashwini Vaishnaw महत्वपूर्ण खनिज संबंधी बैठक में भाग लेने के लिए वाशिंगटन पहुंचे
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा आयोजित एक अहम बैठक में भाग लेने के लिए रविवार को वाशिंगटन डीसी पहुंचे। बेसेंट महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा करने के लिए जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक की वाशिंगटन में मेजबानी करेंगे।
जी-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के साथ-साथ यूरोपीय संघ शामिल हैं। खबरों के अनुसार, भारत और ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों को भी इस बैठक में आमंत्रित किया गया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री का भी कार्यभार संभाल रहे वैष्णव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, वाशिंगटन डीसी पहुंच गया हूं। कल महत्वपूर्ण खनिज संबंधी मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लूंगा। विकसित भारत के हमारे लक्ष्य के लिए सुरक्षित महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाएं अत्यंत आवश्यक हैं। महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिजों को सुरक्षित करना ट्रंप प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि प्रतिकूल विदेशी शक्तियों के खनिज उत्पादन पर निर्भरता के कारण अमेरिका की राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईए) के अनुसार, चीन तांबा, लिथियम, निकल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और दुर्लभ खनिज तत्वों सहित अधिकांश खनिजों का अग्रणी शोधक (रिफाइनर) है और इसकी औसत बाजार हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत है।
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