Dal Tadka Recipe: होटल वाली दाल तड़का घर पर करें तैयार, जो खाएगा उंगलियां चाटता रह जाएगा, जानें रेसिपी
Dal Tadka Recipe: घर पर बनी दाल सेहतमंद और स्वादिष्ट होती है, लेकिन कई बार होटल या ढाबे जैसी दाल तड़का का स्वाद घर पर नहीं मिल पाता। अगर आप भी रेस्टोरेंट स्टाइल दाल का मजा लेना चाहते हैं, तो अब बाहर जाने की जरूरत नहीं है। कुछ खास मसालों और सही तड़के की मदद से आप घर पर ही ऐसी दाल तैयार कर सकते हैं, जिसका स्वाद हर किसी को पसंद आएगा।
दाल तड़का बनाने का तरीका बेहद आसान है। इसमें दाल की मलाईदार बनावट, मसालों की खुशबू और घी में भुने लहसुन का तड़का स्वाद को खास बना देता है। इसे रोटी, नान, जीरा राइस या सादे चावल के साथ परोसा जा सकता है। आइए जानते हैं होटल स्टाइल दाल तड़का बनाने की आसान विधि।
दाल तड़का बनाने के लिए सामग्री
- अरहर की दाल - 1 कप
- पानी - 3 कप या आवश्यकतानुसार
- प्याज - 1 बारीक कटा हुआ
- टमाटर - 2 बारीक कटे हुए
- हरी मिर्च - 1-2
- अदरक - 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ
- हल्दी - 1/2 छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
- धनिया पाउडर - 1 छोटा चम्मच
- नमक - स्वादानुसार
- घी - 2 बड़े चम्मच
- जीरा - 1/2 छोटा चम्मच
- लहसुन - 5-6 कलियां बारीक कटी हुई
- सूखी लाल मिर्च - 1-2
- हींग - 1 चुटकी
- हरा धनिया - सजाने के लिए
दाल तड़का बनाने की विधि
दाल पकाने का सही तरीका
सबसे पहले अरहर की दाल को अच्छी तरह धोकर 15-20 मिनट के लिए भिगो दें। अब दाल को प्रेशर कुकर में डालें और इसमें पानी, हल्दी और थोड़ा नमक मिलाएं। मध्यम आंच पर दाल को नरम होने तक पकाएं। कुकर का प्रेशर निकलने के बाद दाल को अच्छी तरह फेंट लें, ताकि इसका टेक्सचर मुलायम और एकसार हो जाए।
अब एक कड़ाही में थोड़ा घी या तेल गर्म करें। इसमें बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद अदरक, हरी मिर्च और टमाटर डालें। टमाटर नरम होने तक पकाएं। अब धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालकर मसालों को अच्छी तरह भून लें। तैयार मसाले को पकी हुई दाल में मिलाएं और जरूरत के अनुसार पानी डालकर कुछ मिनट उबालें।
होटल जैसा स्वाद देगा खास तड़का
दाल तड़का का असली स्वाद इसके तड़के से आता है। इसके लिए एक छोटी तड़का पैन में घी गर्म करें। इसमें जीरा और चुटकीभर हींग डालें। जीरा चटकने लगे तो बारीक कटा लहसुन डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। अब सूखी लाल मिर्च डालें और गैस बंद कर दें। चाहें तो थोड़ा लाल मिर्च पाउडर भी डाल सकते हैं, लेकिन इसे जलने से बचाएं।
तैयार तड़के को तुरंत गरम दाल के ऊपर डालें। ऊपर से हरा धनिया छिड़कें और हल्के हाथ से मिला दें। इससे दाल में घी, लहसुन और मसालों की शानदार खुशबू आ जाएगी।
इन बातों का रखें ध्यान
होटल जैसी दाल बनाने के लिए दाल को अच्छी तरह पकाना और तड़का सही समय पर डालना जरूरी है। दाल बहुत गाढ़ी हो तो थोड़ा गर्म पानी मिलाएं। स्वाद बढ़ाने के लिए अंत में थोड़ा घी या नींबू का रस इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, नींबू का रस डालने से पहले स्वाद जरूर जांच लें। गरमागरम दाल तड़का को चावल, रोटी या नान के साथ परोसें और परिवार के साथ इसका आनंद लें।
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए [haribhoomi.com] के साथ।
लेखक: (कीर्ति)
Calcium Rich Foods: दूध के अलावा इन 5 चीजों में भी है भरपूर कैल्शियम, बढ़ती उम्र में हड्डियों को रखेंगी मजबूत
Iron Press: नमी से खराब हो रही है आपकी आयरन प्रेस? इन तरीकों से रख सकते हैं रस्ट फ्री
Constipation Problem: कब्ज की शिकायत बनी रहती हैं तो सतर्क हो जाएं, इन 5 बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
Constipation Problem: कब्ज की समस्या आजकल काफी आम हो गई है। खानपान में गड़बड़ी, पानी की कमी और शारीरिक गतिविधियों का अभाव इसके पीछे कई वजहों में शामिल हो सकते हैं। कभी-कभार कब्ज होना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार कब्ज रहने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
कई लोग कब्ज होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार दवाओं या घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। हालांकि, लंबे समय तक कब्ज रहने के पीछे सिर्फ खानपान नहीं, बल्कि कुछ अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि लगातार कब्ज रहने पर किन 5 बीमारियों या स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है और किन संकेतों पर सतर्क होने की जरूरत है।
बवासीर
लगातार कब्ज रहने पर मल त्याग करते समय ज्यादा जोर लगाना पड़ सकता है। इससे गुदा और मलाशय की नसों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे बवासीर की समस्या हो सकती है या पहले से मौजूद बवासीर के लक्षण बिगड़ सकते हैं। इसमें गुदा के आसपास दर्द, खुजली और कभी-कभी मल के साथ चमकीला लाल खून दिखाई दे सकता है। खून आने पर इसे केवल बवासीर मानकर नजरअंदाज न करें।
गुदा में दरार
कब्ज के दौरान मल सख्त और सूखा हो सकता है। ऐसे में मल त्याग करते समय गुदा की त्वचा में छोटा-सा कट या दरार पड़ सकती है, जिसे एनल फिशर कहते हैं। इससे मल त्याग के दौरान तेज दर्द, जलन और कभी-कभी खून आने की समस्या होती है। पर्याप्त पानी, फाइबर और डॉक्टर की सलाह से मल को नरम रखने में मदद मिल सकती है।
फीकल इम्पैक्शन होना
लंबे समय तक कब्ज रहने पर मल बड़ी आंत या मलाशय में जमा होकर सख्त हो सकता है। इस स्थिति को फीकल इम्पैक्शन कहा जाता है। इसमें पेट फूलना, पेट में दर्द, मल त्याग में कठिनाई और कभी-कभी तरल मल का रिसाव हो सकता है। गंभीर स्थिति में चिकित्सकीय उपचार की जरूरत पड़ सकती है। लंबे समय से मल न होने या तेज दर्द की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करें।
आंतों में रुकावट का खतरा
कब्ज और आंतों में रुकावट एक ही समस्या नहीं हैं, लेकिन कुछ मामलों में गंभीर कब्ज, मल का जमाव या अन्य आंत संबंधी समस्याएं रुकावट से जुड़ी हो सकती हैं। आंतों में रुकावट होने पर पेट में तेज दर्द, उल्टी, पेट फूलना और गैस या मल पास न होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
पेल्विक फ्लोर की समस्या
लंबे समय तक मल त्याग के दौरान जोर लगाने की आदत पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों के कामकाज को प्रभावित कर सकती है। कुछ लोगों में ये मांसपेशियां ठीक तरह से रिलैक्स नहीं हो पातीं, जिससे मल त्याग में परेशानी बनी रहती है। इसे पेल्विक फ्लोर डिसफंक्शन कहा जा सकता है। इसके लिए डॉक्टर की जांच और जरूरत पड़ने पर विशेष फिजिकल थेरेपी मददगार हो सकती है।
कब्ज से बचने के लिए क्या करें?
- भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें उपयोगी विकल्प हैं।
- दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, बशर्ते किसी बीमारी के कारण तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह न दी गई हो।
- रोजाना शारीरिक गतिविधि और पैदल चलने की आदत बनाएं।
- मल त्याग की इच्छा को बार-बार न रोकें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक कब्ज की दवाओं का इस्तेमाल न करें।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए [haribhoomi.com] के साथ।
लेखक: (कीर्ति)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi










