Credit card: क्रेडिट कार्ड की 30% लिमिट पार होते ही गिरेगा सिबिल स्कोर? समझें पूरा गणित
क्रेडिट कार्ड से खर्च करते समय अक्सर एक सलाह सुनने को मिलती है- अपनी क्रेडिट लिमिट का 30% से ज्यादा इस्तेमाल मत कीजिए, वरना सिबिल स्कोर खराब हो जाएगा। लेकिन क्या 30% की सीमा पार करते ही क्रेडिट स्कोर गिर जाता है? ऐसा जरूरी नहीं है। असली परेशानी तब शुरू हो सकती है, जब आप लगातार अपनी क्रेडिट लिमिट का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल करते हैं।
पहले समझें क्रेडिट इस्तेमाल का अनुपात क्या है
आपको कार्ड पर जितनी कुल क्रेडिट लिमिट मिली है, उसमें से कितनी रकम इस्तेमाल हो रही है, इसे क्रेडिट इस्तेमाल का अनुपात कहा जाता है।
मान लीजिए आपके कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपए है और आपने 40 हजार रुपए खर्च किए हैं। ऐसे में आपने अपनी कुल लिमिट का 40% इस्तेमाल किया है। यह आमतौर पर सुझाए जाने वाले 30% के स्तर से ज्यादा है।
लेकिन सिर्फ एक बार 30% पार होने का मतलब यह नहीं कि आपका सिबिल स्कोर अचानक गिर जाएगा। सिबिल कम क्रेडिट इस्तेमाल करने की सलाह देता है। लगातार ज्यादा लिमिट इस्तेमाल करना आपके कर्ज से जुड़े रिकॉर्ड के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता।
2 लाख की लिमिट है तो ऐसे समझें गणित
अगर कार्ड की लिमिट 2 लाख रुपए है और बकाया 60 हजार रुपए है तो क्रेडिट इस्तेमाल 30% होगा। यही बकाया बढ़कर 80 हजार रुपए हो जाए तो यह 40% हो जाएगा।
अगर ऐसा कभी-कभार होता है तो बहुत ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है। लेकिन हर महीने लिमिट का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल हो रहा है तो इससे यह संकेत मिल सकता है कि आपकी निर्भरता उधार के पैसों पर ज्यादा है।
यह भी याद रखें कि सिबिल स्कोर केवल क्रेडिट इस्तेमाल से तय नहीं होता। समय पर भुगतान, कर्ज का रिकॉर्ड कितना पुराना है, आपके पास किस तरह के कर्ज और कार्ड हैं और आपने कितनी बार नए कर्ज के लिए आवेदन किया है, जैसे कई पहलू इसमें शामिल होते हैं।
इसलिए 35% लिमिट इस्तेमाल करके हर भुगतान समय पर करने वाले व्यक्ति का कर्ज से जुड़ा रिकॉर्ड, 20% इस्तेमाल करने लेकिन बार-बार भुगतान चूकने वाले व्यक्ति से अलग हो सकता है।
पूरा बिल भरने के बाद भी ज्यादा दिख सकता है क्रेडिट इस्तेमाल
कई लोगों को लगता है कि अगर वे हर महीने भुगतान की आखिरी तारीख से पहले क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल चुका रहे हैं तो उनका क्रेडिट इस्तेमाल हमेशा कम ही दिखेगा। जरूरी नहीं।
बैंक और कार्ड कंपनियां एक निश्चित समय पर क्रेडिट ब्यूरो को जानकारी भेजती हैं। उस समय कार्ड पर जितनी बकाया रकम दर्ज होती है, वह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दिखाई दे सकती है।
मसलन, 1 लाख रुपए की लिमिट वाले कार्ड से आपने 70 हजार रुपए खर्च किए। बाद में भुगतान की आखिरी तारीख से पहले पूरा बिल चुका दिया। इसके बावजूद अगर जानकारी भेजे जाने के समय बकाया ज्यादा था तो उस अवधि में क्रेडिट इस्तेमाल ज्यादा दिखाई दे सकता है।
क्रेडिट इस्तेमाल लगातार ज्यादा है तो क्या करें?
सबसे आसान तरीका बकाया रकम कम रखना है। आपके पास पहले से एक से ज्यादा कार्ड हैं तो सामान्य खर्च उनके बीच बांटा जा सकता है, बशर्ते आप सभी कार्ड जिम्मेदारी से संभाल सकें।
आप बैंक से क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की मांग भी कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, आपकी लिमिट 1 लाख से बढ़कर 2 लाख रुपए हो जाती है और खर्च 40 हजार रुपए ही रहता है तो क्रेडिट इस्तेमाल 40% से घटकर 20% रह जाएगा।
हालांकि सिर्फ क्रेडिट इस्तेमाल कम दिखाने के लिए नया कर्ज लेना या बेवजह ब्याज चुकाना समझदारी नहीं है। सबसे जरूरी है समय पर बिल भरना, बकाया काबू में रखना और लगातार उधार के पैसों पर निर्भर रहने से बचना।
इसलिए 30% को कोई पक्की सीमा न समझें। इसे सावधान होने के स्तर की तरह देखा जा सकता है। एक-दो बार इसके ऊपर जाने से घबराने के बजाय कोशिश करें कि लंबे समय तक क्रेडिट इस्तेमाल ज्यादा न बना रहे। खासतौर पर अगर जल्द ही होम लोन, कार लोन या कोई दूसरा बड़ा कर्ज लेने की तैयारी है तो कार्ड पर दर्ज होने वाली बकाया रकम कम रखना फायदेमंद हो सकता है।
(प्रियंका कुमारी)
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