Rajnath Singh ने वाराणसी से Vadnagar तक बाइक यात्रा को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र को उनके जन्म स्थान से जोड़ने वाली एक मोटरसाइकिल यात्रा की शुरुआत के अवसर पर बृहस्पतिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वाराणसी और वडनगर के बीच लगभग 2,000 वर्ष पुराने संबंध का उल्लेख किया। वाराणसी में ‘सेवा संकल्प’ अभियान के शुरुआत पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि लगभग 2,000 वर्ष पहले बौद्ध भिक्षु ज्ञान और आध्यात्मिकता को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए सारनाथ से वडनगर गए थे। उन्होंने कहा,‘‘आज हम उसी प्राचीन परंपरा को एक नए रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।” सिंह ने वर्तमान यात्रा को आस्था,जल और सेवा के माध्यम से दोनों स्थानों को जोड़ने का प्रयास बताया।
सिंह ने कहा कि यह यात्रा केवल एक भौगोलिक स्थान से दूसरे भौगोलिक स्थान तक की यात्रा नहीं है, बल्कि यह मोदी की ‘जन्मभूमि’ (वडनगर) और ‘कर्मभूमि’ (वाराणसी) के बीच एक संबंध का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि काशी से गंगाजल वडनगर ले जाया जाएगा ताकि हरकेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया जा सके। सिंह ने बताया कि गुजरात की पवित्र नदियों और शर्मिष्ठा झील का जल वाराणसी लाया जाएगा ताकि बाबा विश्वनाथ का अभिषेक किया जा सके।
उन्होंने कहा, ‘‘काशी की दिव्यता गुजरात जा रही है और गुजरात की आस्था काशी आ रही है।’’ उन्होंने इसे यात्रा की सबसे बड़ी खासियत बताया। सिंह ने कहा कि जल का यह आदान-प्रदान भावनाओं के आदान-प्रदान का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा एक ‘अद्भुत दृश्य’ पेश करेगी जब मोदी की जन्मभूमि और कर्मभूमि जल और आस्था के जरिए एक-दूसरे से जुड़ेंगी।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा वडनगर से जुड़े मूल्यों, काशी के आशीर्वाद और मोदी के सेवा करने के संकल्प का संगम भी है। सिंह ने कहा, ‘‘यह संस्कार, साधना और सेवा के संगम की यात्रा है।’’ रक्षा मंत्री ने कहा कि जिस ऐतिहासिक जुड़ाव की उन्होंने बात की थी, उसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए आज के दौर के हिसाब से नया रूप दिया जा रहा है। इस अभियान का मकसद मोदी के जन्मदिन के जश्न को सेवा कार्यों से जोड़ना भी है।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा में मंजिल तो अहम है ही, रास्ते में पड़ने वाले पड़ाव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जहां सेवा कार्यक्रम तय किए गए हैं। सिंह ने कहा कि इन गतिविधियों का मकसद लोगों से बातचीत करना, विकास कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाना और समाज के हर वर्ग तक पहुंचना है। वाराणसी से वडनगर तक की ‘सेवा संकल्प’ मोटरसाइकिल यात्रा की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री व भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में की गई।
भाजपा का व्यापक ‘सेवा संकल्प अभियान’ मोदी के 76वें जन्मदिन और उनके समर्पित जनसेवा के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर यह सेवा की है।
Lucknow में मोबाइल की किस्त न चुकाने पर युवक को बंधक बनाकर खून निकाला, दो गिरफ्तार
लखनऊ में मोबाइल फोन की किस्त न चुकाने पर एक युवक को अगवा करके चार दिनों तक बंधक बनाने, उससे जबरन मजदूरी कराने तथा उसका खून निकालकर बेचने के आरोप में बृहस्पतिवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। पुलिस सूत्रों ने युवक की मां द्वारा 14 सितंबर को दर्ज करायी गयी शिकायत के हवाले से यहां बताया कि उसके बेटे नवल कुमार ने किस्तों पर एक मोबाइल फोन खरीदा था लेकिन एक किस्त न चुका पाने पर आठ सितंबर को आरोपी अनिकेत सिंह उर्फ काका (26) और सुशांत शर्मा (31) उसे मोबाइल की दुकान पर ले जाने के बहाने अपने साथ ले गए।
सूत्रों ने बताया कि महिला का आरोप है कि उसके बेटे को करीब चार दिन तक बंधक बनाकर रखा गया, उससे मजदूरी कराई गई और उसके साथ मारपीट की गई, यहां तक कि उसका एक यूनिट खून निकालकर बेचा गया। सूत्रों ने बताया कि महिला का इल्जाम है कि आरोपियों ने किस्त के तौर पर उससे ऑनलाइन 2,799 रुपये भी लिए थे। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में निगोहां थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 143(3) (मानव तस्करी), 146 (गैर-कानूनी तरीके से जबरन मजदूरी करना), 127(3) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया और आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस के तीन दल बनाये गये।
सूत्रों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी और अन्य सुबूतों और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर बृहस्पतिवार को आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा उन्हें अदालत में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान सुशांत ने पुलिस को बताया कि वह लखनऊ में ‘टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड’ में प्रबंधक के तौर पर काम करता था और उधार पर दिये गये उत्पादों की किस्तें वसूलता था।
सूत्रों के मुताबिक सुशांत ने पुलिस को बताया है कि कंपनी का ‘फील्ड एजेंट’ शुभम सिंह और अनिकेत भी किस्त वसूली का काम करते थे। पुलिस के अनुसार सुशांत ने माना कि उसने और उसके साथियों ने नवल को उसके गांव के बाहर से इसलिए अगवा किया था क्योंकि वे उसे किस्त न चुकाने पर सबक सिखाना चाहते थे। सूत्रों के मुताबिक सुशांत ने पूछताछ में बताया है कि नवल को उसके जान-पहचान वाले एक ‘चैरिटेबल ब्लड सेंटर’ ले जाया गया जहां उसकी मर्जी के बगैर एक यूनिट खून निकाला गया और बाद में दूसरे साथियों की मदद से उसे बेच दिया गया था।
सूत्रों ने बताया कि इसके बाद नवल को कथित तौर पर चार दिनों तक शुभम के घर पर रखा गया, उससे प्लास्टर तोड़ने का काम करवाया गया और आरोपियों ने उससे किस्त भी वसूल ली।
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