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प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर इटली से आई बधाई, PM मेलोनी ने दिया खास संदेश

इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने पीएम मोदी के 76वें जन्मदिवस के मौके पर बधाई संदेश दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया साइट पर पीएम मोदी को के अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

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अपनी हरकतें सुधारें...अमेरिकी सीनेटर ने चीन को दी नसीहत

अमेरिकी संसद (यूएस कांग्रेस) में 'रूस प्रतिबंध विधेयक' (Russia Sanctions Bill) पारित होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से भारत और चीन को सख्त चेतावनी दी गई है। अमेरिका ने साफ शब्दों में कहा है कि दोनों देश रूसी तेल और गैस पर अपनी निर्भरता तुरंत कम करें, अन्यथा उन्हें अभूतपूर्व अमेरिकी आर्थिक पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है। विधेयक पारित होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंटल ने नई दिल्ली और बीजिंग को अपना रुख सुधारने की नसीहत दी। सीनेटर ब्लूमेंटल ने तीखे लहजे में कहा चीन और भारत के लिए हमारा सीधा संदेश है: अपनी नीतियां सुधारें। अपना तेल और गैस किसी अन्य स्रोत से खरीदें। तुष्टिकरण कोई रणनीति नहीं हो सकती। 

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भारत पर बढ़ता पश्चिमी दबाव
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश भारत, 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण आक्रमण और पश्चिमी प्रतिबंधों के लागू होने के बाद से रियायती दरों पर बिकने वाले रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में उभरा है। पश्चिमी देशों का तर्क है कि भारत और चीन द्वारा ऊर्जा खरीद से मॉस्को के सरकारी खजाने को युद्ध जारी रखने के लिए जरूरी वित्तीय मदद मिल रही है।
पुतिन को समझौते की मेज पर लाने की रणनीति
इस कड़े प्रतिबंध विधेयक का मुख्य उद्देश्य रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाकर उन्हें वार्ता की मेज पर लाना और यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना है। 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ़ 2026' का मकसद रूसी अधिकारियों, बैंकों और टैंकरों के उस गुप्त बेड़े पर प्रतिबंध लगाना है जो रूसी ऊर्जा की सप्लाई जारी रखते हैं। यह कानून ट्रंप को निर्देश देता है कि वे रूसी तेल या प्राकृतिक गैस के टॉप पांच आयातकों - जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं - पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाएं। हालांकि, इसमें उन देशों को छूट दी गई है जो रूस के प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम आयात करते हैं और जिन्होंने इस आयात को कम करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। इस कानून को बुधवार को हाउस ने 262-159 वोटों से मंज़ूरी दी और अब यह ट्रंप के पास मंज़ूरी और हस्ताक्षर के लिए जाएगा। 

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भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?
अमेरिकी संसद में पारित नया विधेयक भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूसी तेल या प्राकृतिक गैस का आयात करने वाले शीर्ष 5 देशों पर 100 प्रतिशत तक का आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने का अधिकार देता है।  वर्तमान में भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 88 फीसदी हिस्सा आयात करता है, जिसमें रूस एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है। वर्ष 2022 में यूक्रेन पर रूस के सैन्य हमले के बाद से रूसी कच्चा तेल भारत के आयात बास्केट का एक बड़ा हिस्सा बन गया। 'ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव' (GTRI) के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में भारत ने रूस से 40.8 अरब डॉलर का कच्चा तेल खरीदा, जो उसके कुल कच्चे तेल आयात का लगभग एक-तिहाई है। वहीं, कमोडिटी डेटा ट्रैकर 'केपलर' (Kpler) के अनुसार, अगस्त में भारत ने रोजाना 20.8 लाख बैरल (bpd) रूसी तेल का आयात किया, जो उसके कुल तेल आयात का करीब 45 प्रतिशत था।  

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  Sports

श्रीलंका के खिलाफ Test Series में वापसी चाहते हैं Pakistan के तेज गेंदबाज Haris Rauf

कभी टेस्ट क्रिकेट से दूरी बनाने वाले पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ अब लाल गेंद के खेल में वापसी का रास्ता तलाश रहे हैं। हाल के समय में पाकिस्तान की टीम से दूरी और सीमित मौकों के बीच रऊफ ने घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश शुरू कर दी है। उनका लक्ष्य नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की टीम में जगह बनाना है।

हारिस रऊफ फिलहाल पाकिस्तान में खेली जा रही प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में पाकिस्तान टेलीविजन की ओर से खेल रहे हैं। पिछले सप्ताह शुरू हुए इस टूर्नामेंट में उन्होंने ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट हासिल किए। हालांकि मुकाबला बराबरी पर खत्म हुआ, लेकिन रऊफ का प्रदर्शन उनके लिए काफी अहम रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार रऊफ चाहते हैं कि प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नजर में आए। पाकिस्तान को नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज खेलनी है और रऊफ इस दौरे के लिए टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि कुछ साल पहले तक रऊफ का टेस्ट क्रिकेट को लेकर रुख बिल्कुल अलग था। पाकिस्तान में लगातार मांग उठती रही कि वह टेस्ट मैचों में देश के लिए खेलें, लेकिन वह लंबे प्रारूप को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं थे। यही वजह रही कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई साल बिताने के बावजूद उन्होंने अब तक सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला है। उनका यह एकमात्र टेस्ट करीब चार साल पहले खेला गया था।

हाल के महीनों में भी रऊफ का पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ रिश्ता बहुत सहज नहीं रहा है। उन्हें टीम में पहले जैसी जगह नहीं मिल रही है और हाल में वह मुख्य रूप से एकदिवसीय क्रिकेट तक सीमित रहे हैं। उनका आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला करीब एक साल पहले भारत के खिलाफ एशिया कप के फाइनल में था।

अब रऊफ ने लंबे प्रारूप को लेकर अपना नजरिया बदलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वह श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के लिए अपना नाम सामने रखना चाहते हैं। उनका मानना है कि पाकिस्तान को तेज गेंदबाज की जरूरत है और प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में अभी उनके पास खुद को साबित करने के लिए कई मुकाबले बाकी है।

रऊफ ने यह भी बताया कि उन्होंने पिछले सीजन में चार दिवसीय क्रिकेट खेली थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज से पहले भी उन्होंने दूसरे स्तर की घरेलू क्रिकेट में समय बिताया था। उनके अनुसार जब भी मौका मिलता है, लंबे प्रारूप में खेलना खुद को बेहतर बनाने का अच्छा तरीका है।

बता दें कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हाल के महीनों में घरेलू क्रिकेट को लेकर खिलाड़ियों पर सख्ती बढ़ाई है। बोर्ड चाहता है कि राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने वाले खिलाड़ी उपलब्ध होने पर घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लें। ऐसा नहीं करने पर खिलाड़ियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

इसी नीति के बीच कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों का घरेलू क्रिकेट की ओर लौटना देखा गया है। तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी भी हाल में लाल गेंद के क्रिकेट को प्राथमिकता देने की बात कह चुके हैं। अब हारिस रऊफ भी इसी दिशा में आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।

रऊफ के लिए श्रीलंका सीरीज में जगह बनाना आसान नहीं होगा। उन्हें प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी के बाकी मुकाबलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और लंबे प्रारूप में अपनी फिटनेस तथा गेंदबाजी क्षमता साबित करनी होगी। फिलहाल उनका पांच विकेट का प्रदर्शन चयनकर्ताओं के सामने अपनी दावेदारी रखने की अच्छी शुरुआत माना जा रहा है। अंतिम फैसला उनके आगे के प्रदर्शन और टीम की जरूरत के आधार पर होने वाला है।

Thu, 17 Sep 2026 20:42:00 +0530

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