Geneva UNHRC में भारत के 10,000 FPO नेटवर्क और Seed Rights की वैश्विक स्तर पर चर्चा
जेनेवा में यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल के 63वें सेशन में किसानों के अधिकारों की रक्षा, पारंपरिक खेती के ज्ञान को बचाने और ग्रामीण इलाकों में इनोवेशन को बढ़ावा देने के भारत के अनुभव को सबके सामने रखा गया। 'किसानों और ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले लोगों के अधिकारों पर वर्किंग ग्रुप' के साथ बातचीत के दौरान काउंसिल को संबोधित करते हुए, RSKS इंडिया के प्रतिनिधि सरथ चंद्रन बाबू सुधंबिका ने किसानों की भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान न सिर्फ़ अनाज पैदा करने वाले हैं, बल्कि वे बायोडायवर्सिटी, पारंपरिक ज्ञान और खेती से जुड़ी विरासत के संरक्षक भी हैं। सुधंबिका ने काउंसिल से कहा, "हो सकता है कि बीज किसान की हथेली में हो, लेकिन उसके भीतर ही खाद्य सुरक्षा, बायोडायवर्सिटी, संस्कृति और आज़ादी छिपी होती है।" इस बातचीत में भारत के 'प्लांट वैरायटी और किसानों के अधिकारों की सुरक्षा' वाले फ्रेमवर्क का ज़िक्र किया गया, जो पौधों की किस्मों को बचाने, उनके विकास और उन्हें साझा करने में किसानों के योगदान को मान्यता देता है। जुलाई 2026 तक, इस फ्रेमवर्क के तहत कुल 5,346 किसानों की किस्मों को रजिस्टर किया गया था।
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भारत के 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के नेटवर्क का उदाहरण भी सामूहिक उद्यम को मज़बूत करने, बाज़ार तक पहुँच बेहतर बनाने और ग्रामीण आजीविका को सहारा देने की कोशिशों के तौर पर दिया गया। इस पहल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं में किसान, उत्पादक, उद्यमी और फ़ैसला लेने वालों के तौर पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। प्रतिनिधि ने राजस्थान में 'राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान' के कामों पर ज़ोर दिया, जहाँ टिकाऊ खेती, पशुपालन विकास, जल संरक्षण, किसानों की क्षमता बढ़ाने और महिलाओं की आजीविका जैसे कामों पर ध्यान दिया जाता है। सुधांबिका ने राज्यों से कहा कि वे व्यावहारिक उपायों को मज़बूत करें, जैसे कि कम्युनिटी सीड बैंक, महिलाओं के नेतृत्व वाले सीड-कस्टोडियन फंड, मिल-जुलकर पौधों की नई किस्में तैयार करना और पारंपरिक खेती के ज्ञान की सुरक्षा करना। उन्होंने 'ग्लोबल सीड राइट्स ट्रैकर' का भी प्रस्ताव रखा ताकि यह देखा जा सके कि राष्ट्रीय बीज और बौद्धिक संपदा के नियम किस तरह किसानों की बीज बचाने, संरक्षित करने, अदला-बदली करने और उनमें सुधार करने की क्षमता की रक्षा करते हैं, साथ ही पारदर्शिता, ज्ञान साझा करने और जवाबदेही को बढ़ावा देते हैं। जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता के नुकसान और खाद्य प्रणालियों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए, इस बात पर ज़ोर दिया गया कि किसानों को विकास में साझेदार और जैव विविधता, ज्ञान व खाद्य सुरक्षा के संरक्षक के तौर पर मान्यता दी जानी चाहिए।
MP में 50 लाख ग्रामीण संपत्तियों की फ्री रजिस्ट्री शुरू, CM मोहन यादव बोले- पैतृक संपत्ति परिवार का सपना; नितिन नवीन ने बताया ‘अनमोल तोहफा’
इंदौर। मध्य प्रदेश के गांवों में अपनी संपत्ति के मालिकाना हक का इंतजार कर रहे लाखों परिवारों के लिए गुरुवार से बड़ा अभियान शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर इंदौर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘सेवा-संकल्प अभियान’ के साथ ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ की शुरुआत की। इसके तहत प्रदेश में करीब 50 लाख ग्रामीण संपत्तियों की रजिस्ट्री नि:शुल्क की जाएगी।
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इंदौर में रोड शो में भी शामिल हुए। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह पहला मध्य प्रदेश दौरा है।
23 हजार से ज्यादा गांवों में एक महीने चलेगा अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वामित्व योजना के जरिए ग्रामीण आबादी को उनकी संपत्ति का अधिकार मिलेगा। प्रदेश के 23 हजार से अधिक गांवों में एक महीने तक अधिकार अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री का अभियान चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पैतृक संपत्ति को परिवार के सपनों से जोड़ते हुए कहा कि गांवों में वर्षों से जिस जमीन पर परिवार रहते आए हैं, उस पर कानूनी अधिकार मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण है। योजना के तहत हितग्राहियों से स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा।
नितिन नवीन बोले- रजिस्ट्री केवल कागज नहीं, मालिकाना हक का रास्ता
नितिन नवीन ने योजना को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर मध्य प्रदेश सरकार की ओर से दिया गया अनमोल तोहफा बताया। उन्होंने देवी अहिल्याबाई होल्कर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं को संपत्ति का अधिकार और कानूनी सुरक्षा देने की पहल की थी और उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए सरकार ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का अधिकार दे रही है।
नितिन नवीन के मुताबिक प्रदेश में करीब 68 लाख भूखंडों का सर्वे किया गया है और अब 50 लाख लोगों को नि:शुल्क रजिस्ट्री के जरिए अधिकार देने की शुरुआत हुई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 41,568 गांवों में 68.47 लाख भूखंडों का सर्वे पूरा हो चुका है।
PM मोदी के जन्मदिन से ‘सेवा-संकल्प अभियान’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से प्रदेश में सेवा-संकल्प अभियान भी शुरू किया गया है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा और इसके तहत अलग-अलग जनसेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक जीवन की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले 25 वर्षों से सेवा और समर्पण के भाव से काम किया है। उन्होंने जनधन खाते, नि:शुल्क खाद्यान्न, कोविड टीकाकरण, पीएम विश्वकर्मा, स्टार्टअप और मुद्रा योजना जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जब वैश्विक मंचों पर जाते हैं तो वहां भारत की बढ़ती ताकत दिखाई देती है।
CM बोले- दुनिया ने देखी भारत की बढ़ती ताकत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति और वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने हाल में नई दिल्ली में हुए BRICS Summit का उदाहरण देते हुए कहा कि रूस और चीन के राष्ट्राध्यक्षों के भारत आने और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी आत्मीयता को दुनिया ने देखा। यह मुख्यमंत्री के संबोधन में व्यक्त राजनीतिक दृष्टिकोण था।
लाड़ली बहनों के खातों में ₹55 हजार करोड़ से ज्यादा
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि लाड़ली बहनों के खातों में अब तक ₹55 हजार करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। उन्होंने रोजगार आधारित उद्योगों में काम करने वाली महिलाओं को VGF के माध्यम से हर महीने ₹5,000 का अतिरिक्त लाभ दिए जाने की बात भी कही।
विश्वकर्मा जयंती का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छोटे कामगारों और श्रमिकों के साथ खड़ी है। उन्होंने जानापाव सहित भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े प्रदेश के स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने की बात भी दोहराई।
इंदौर से शुरू हुई नि:शुल्क रजिस्ट्री योजना का सीधा फोकस अब गांवों के उन परिवारों पर है, जिन्हें स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेख मिले हैं। प्रदेशव्यापी अभियान के जरिए सरकार अब इन संपत्तियों के पंजीयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट
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