Tata Sons: एन चंद्रशेखरन ने कहा था छोड़ेंगे पद, लेकिन फिर चुने गए चेयरमैन; नोएल टाटा ने किया विरोध
Tata Sons Chairman N Chandrasekaran: टाटा संस के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर एक और पांच साल का कार्यकाल देने को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि चंद्रशेखरन ने पिछले महीने ही फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा पद संभालने से इनकार किया था। अब बोर्ड के फैसले से उनकी दोबारा नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, बोर्ड की वोटिंग में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का विरोध किया।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब RBI ने टाटा संस की Core Investment Company (CIC) के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अपील खारिज कर दी है। इसके बाद टाटा संस की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
अगस्त में चंद्रशेखरन ने क्यों कहा था पद छोड़ेंगे?
एन चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को टाटा संस बोर्ड को बताया था कि वह 20 फरवरी 2027 को मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद अगले कार्यकाल के लिए अपना नाम आगे नहीं बढ़ाएंगे। इसके बाद उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया शुरू करने की बात सामने आई थी।
अब बोर्ड के ताजा फैसले से उत्तराधिकारी चुनने को लेकर बनी स्थिति बदल गई है।
नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की नियुक्ति का विरोध किया
बोर्ड की वोटिंग में नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन को दोबारा चेयरमैन बनाए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया। बाकी बोर्ड सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया। इस तरह बोर्ड की वोटिंग में चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को समर्थन मिला, जबकि नोएल टाटा इसके खिलाफ रहे।
RBI के फैसले के बाद फिर चर्चा में टाटा संस की लिस्टिंग
एन चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का फैसला RBI के एक अहम निर्णय के कुछ दिन बाद आया है। RBI ने टाटा संस की Core Investment Company (CIC) के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अपील खारिज कर दी है।
टाटा संस ने नियामकीय ढांचे से बाहर निकलने के लिए यह आवेदन किया था। RBI के फैसले के बाद कंपनी की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग से जुड़ा मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
टाटा संस में चंद्रशेखरन का कार्यकाल
एन चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था। 2022 में उन्हें दूसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्त किया गया था। अब बोर्ड की मंजूरी के बाद उनका कार्यकाल एक और पांच साल के लिए बढ़ जाएगा।
टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर क्या है मामला?
टाटा संस के रेगुलेटरी स्टेटस और संभावित लिस्टिंग को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। कंपनी के प्रमुख शेयरधारकों में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66% हिस्सेदारी है, जबकि शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप की हिस्सेदारी करीब 18% बताई जाती है।
RBI के हालिया फैसले के बाद टाटा संस के रेगुलेटरी स्टेटस और लिस्टिंग से जुड़े सवाल एक बार फिर महत्वपूर्ण हो गए हैं।
UP के इस जिले में 1 अक्टूबर से बिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल-CNG, लागू होने जा रहा नया नियम
UP News: गाजियाबाद में 1 अक्टूबर 2026 से एक महत्वपूर्ण नियम लागू होने जा रहा है. अगर आपके वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) एक्सपायर हो गया है, तो आपको पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा. जिले में 26,384 से अधिक वाहनों का PUC वर्तमान में वैध नहीं है.
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