“अगर दीये जलाने से फुर्सत मिल गई हो तो..” इंदौर आने से पहले राहुल गांधी ने स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा, जानें क्या कहा
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 19 सितंबर को होना है। राहुल गांधी ने इंदौर दौरे से पहले सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर कर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर संवेदनहीनता और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि बालाघाट में 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मासूम बच्चों की मौत का सिलसिला जारी रहा लेकिन सरकार की ओर से कार्रवाई की रफ्तार सुस्त रही।
राहुल गांधी का सीएम मोहन यादव पर हमला
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत पर भी एक नजर डाल लिजिये। राहुल गांधी ने कहा कि बीमारी, पोषण और साफ पानी की कमी के साथ-साथ चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था का असर छोटे बच्चों की जिंदगी पर पड़ रहा है।
इसके अलावा राहुल गांधी ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बालाघाट सहित प्रदेश के आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में बीमारी, कुपोषण, साफ पानी की कमी और चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण नन्हें बच्चों की जान जा रही है।
मिलावटी दवाइयों और जहरीली शराब से सैकड़ों परिवार प्रभावित: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आगे कहा है कि राज्य में मिलावटी दवाइंया और जहरीली अवैध शराब सैकड़ों परिवारों को तबाह कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह इंदौर आ रहे हैं और लगातार प्रदेश के छात्रों युवाओं और आम लोगों से प्रतिक्रिया ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र, बच्चे, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े और महिलाएं हर वर्ग परेशान है। इसके बाद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश सरकार पर तीखा राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा, मध्य प्रदेश सरकार आज भारत की सबसे भ्रष्ट और सबसे कुशासित सरकार है, यही सच्चाई है।
बालाघाट में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है।
संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही।
मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 17, 2026
TMC सिंबल पर आज फैसला ले सकता है चुनाव आयोग:दोनों गुटों को बैठक के लिए बुलाया; 6 अक्टूबर को बंगाल की दो सीटों पर उपचुनाव
चुनाव आयोग गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर आज अंतरिम आदेश दे सकता है। दोनों गुटों ने एक ही चिह्न पर उम्मीदवार उतारे हैं। आयोग ने दिल्ली में दोनों गुटों के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया है। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव हैं। आयोग ने दोनों गुटों को गुरुवार की बैठक में मौजूद रहने को कहा है। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों गुटों ने नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। दोनों ने तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक चुनाव चिह्न ‘घास पर दो फूल’ का इस्तेमाल किया है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC धड़े से मोहम्मद एतेशामुल हक नंदीग्राम और सफीउद्दीन शेख रेजीनगर से चुनाव लड़ेंगे। वहीं, पूर्व सीएम ममता बनर्जी की TMC ने रविवार को नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया गया था। नंदीग्राम TMC और भाजपा, दोनों के लिए अहम सीट नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। 2021 में ममता ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। अधिकारी BJP में शामिल होने के बाद TMC के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले। बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई। TMC में संगठन और पार्टी के नाम पर संकट उपचुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद TMC संगठनात्मक संकट से जूझ रही है। पार्टी के नाम और दो फूल-घास वाले चुनाव चिन्ह को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के गुट आमने-सामने हैं। दोनों गुटों ने पार्टी के नाम, चुनाव चिन्ह और फंड पर दावा किया है। चुनाव आयोग ने शनिवार को दोनों पक्षों से बातचीत की, लेकिन अभी फैसला नहीं हुआ है। ऋतब्रत गुट ने कहा है कि वह TMC के नाम और चिन्ह पर दावा जारी रखेगा। आयोग के फैसले के बिना नामांकन की समयसीमा खत्म होने पर वह निर्दलीय उम्मीदवारों के तौर पर भी चुनाव लड़ सकता है। 4 राज्यों में उपचुनाव तमिलनाडु में 2 सीट: मदुरांतकम और धारापुरम- ये दोनों विधानसभा सीटें मरागथम कुमारवेल और पी. सत्यबामा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं। दोनों सीटों की फाइनल वोटर लिस्ट 23 फरवरी को जारी की गई। पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी सीट: यह सीट एन. रंगासामी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। सीट की मतदाता सूची 14 फरवरी को पब्लिश हुई। पश्चिम बंगाल की रेजीनगर-नंदीग्राम सीट: रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर और नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई। इन सीटों की अंतिम वोटर लिस्ट 28 फरवरी को जारी की गई। असम की नगांव लोकसभा सीट: असम की नागांव लोकसभा प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इस सीट की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को जारी की गई थी। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… TMC सांसदों की अयोग्यता पर समयसीमा में फैसला लें स्पीकर:सुप्रीम कोर्ट ने 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी किया सुप्रीम कोर्ट ने TMC के 20 सांसदों की अयोग्यता पर कार्यवाही तय समयसीमा में करने की बात कही। पूरी खबर पढ़ें…
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