Ganeshotsav 2026: सभी देवी-देवताओं से पहले क्यों होती है गणेश जी की पूजा? जानें रोचक कथा
Ganeshotsav 2026: गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को मनाई गई थी. इस दिन से गणेशोत्सव का भी आरंभ हो गया था. आज 17 सितंबर को गणेशोत्सव का चौथा दिन है. धार्मिक मान्यता है कि दस दिन के इस उतस्व में हमें गणेश जी से जुड़ी पौराणिक कथाओं का पाठ करना चाहिए, उनके बारे में जानना चाहिए. आपने अक्सर देखा होगा कि घर में जब भी कोई नया कार्य शुरू होता है तो सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है. शादी-विवाह से जुड़े कार्यों में भी पहले बप्पा का आशीर्वाद मांगा जाता है. मगर क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर बप्पा कैसे प्रथम पूज्य बन गए. उन्हें किसने यह दर्जा दिया था. आइए जानते हैं इसके पीछे की रोचक गाथा क्या है.
माता-पिता ने ली दोनों पुत्रों परीक्षा
शिव पुराण के अनुसार, एक दिन भगवान शिव और माता पार्वती ने अपने दोनों पुत्रों भगवान कार्तिकेय और भगवान गणेश की परीक्षा लेनी चाही. दोनों ने अपने पुत्रों से कहा कि जो सबसे पहले पूरे ब्रह्मांड के चक्कर लगाकर आएगा, उसे ही सर्वश्रेष्ठ माना जाएगा. शर्त सुनते ही भगवान कार्तिकेय अपने वाहन मोर पर सवार हुए और संसार का चक्कर काटने चले गए. वहीं, दूसरी तरफ मूषक यानी चूहा, जो गणेश जी का वाहन था. मूषक छोटा सा वाहन था. ऐसे में उन्होंने अपनी तीव्र बुद्धि का प्रयोग किया. उन्होंने ब्रह्मांड के चक्कर लगाने की बजाय अपने माता-पिता के चारों ओर परिक्रमा की.
ये भी पढ़ें- Ganesh Chaturthi 2026 Puja Samagri: गणपति स्थापना से पहले तैयार कर लें पूजा की सामग्रियां, देखें पूरी लिस्ट
इसके बाद जब शिव और पार्वची ने पूछा तो गणेश जी बोले कि मेरे लिए तो मेरा पूरी पूरी दुनिया मेरे माता-पिता के चरणों में समर्पित है. गणेश जी के इस उत्तर से प्रसन्न होकर शिव जी और माता पार्वती ने उन्हें खुश होकर आशीर्वाद दिया. उनकी सूझबूझ को देखकर उन्हें यह वरदान मिला कि आज के बाद किसी भी कार्य के प्रारंभ में सबसे पहले उन्हीं की पूजा की जाएगी.
लोक मंगल के देवता श्रीगणेश
श्री गणेश भगवान को लोक मंगल का देवता मावा जाता है. लोक मंगल उनका उद्देश्य है परंतु जहां भी अमंगल होता है, उसे दूर करने के लिए श्री गणेश अग्रणी रहते हैं. गणेश भगवान रिद्वी और सिद्धी के स्वामी हैं. इसलिए, उनकी कृपा से संपदा और समृद्धि का कभी अभाव नहीं होता है. भगवान श्री गणेश जी को दूर्वा और मोदक अत्यंत प्रिय होते हैं.
भगवान गणेश को प्रथम पूज्य मानने का धार्मिक महत्व क्या है?
हिंदू धर्म में भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक, ज्ञान और शुभता का प्रतीक माना जाता है. किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ में गणेश जी का स्मरण करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. धार्मिक मान्यता है कि गणपति जी की पूजा करने से कार्य में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं. यही वजह है कि उन्हें 'विघ्नहर्ता' और 'मंगलकर्ता' जैसे नामों से भी पुकारा जाता है.
अनोखा है गणेश जी का स्वरूप
गणेश भगवान का स्वरूप भी अपने आप में कई महत्वपूर्ण संदेश देता है. उनका बड़ा मस्तक अधिक सोचने और ज्ञान प्राप्त करने की प्रेरणा देता है, जबकि उनके बड़े कान यह संदेश देते हैं कि व्यक्ति को अधिक सुनना और कम बोलना चाहिए. छोटी आंखों को एकाग्रता का प्रतीक माना जाता है. वहीं, उनका वाहन मूषक मन की चंचलता और इच्छाओं का प्रतीक माना जाता है. गणेश जी का मूषक पर सवार होना इस बात का संकेत माना जाता है कि बुद्धि और विवेक से मन की चंचलता पर नियंत्रण पाना मुमकिन है.
ये भी पढ़ें- Santan Saptami 2026: आज या कल... कब रखा जाएगा संतान सप्तमी का व्रत? जानें सही डेट-शुभ मुहूर्त
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
कल्याण कर्नाटक में एनीमिया के खिलाफ दो साल का अभियान चलाएगी सरकार, सीएम शिवकुमार ने कई बड़ी योजनाओं का किया ऐलान
कलबुर्गी, 17 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में एनीमिया (खून की कमी) से निपटने के लिए दो साल का विशेष अभियान शुरू करेगी। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को कलबुर्गी में आयोजित कल्याण कर्नाटक उत्सव के दौरान इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और स्तनपान कराने वाली माताओं की विशेष रूप से जांच, रोकथाम और उपचार किया जाएगा।
कल्याण कर्नाटक मुक्ति दिवस समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, बुनियादी ढांचे, आईटी, पर्यटन और खेल सहित कई क्षेत्रों के लिए नई योजनाओं की घोषणा की।
सरकार अगले दो वर्षों में पूरे क्षेत्र में एनीमिया की स्क्रीनिंग, रोकथाम और इलाज का व्यापक अभियान चलाएगी। इसका उद्देश्य कल्याण कर्नाटक में एनीमिया के मामलों को कम करना है।
मुख्यमंत्री ने बड़े निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कल्याण कर्नाटक इकोनॉमी मिशन को सेक्शन-8 कंपनी के रूप में स्थापित करने की घोषणा की।
इसके अलावा किसानों की आय बढ़ाने के लिए बायो इकोनॉमी मिशन बनाया जाएगा, जो अरहर दाल, कमलापुर केले, किशमिश और मोटे अनाज जैसे उत्पादों की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर काम करेगा।
सरकार ने सेडम रोड रिंग रोड पर फ्लाईओवर बनाने की घोषणा की है। साथ ही शहर के लिए नई परिधीय रिंग रोड की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।
कलबुर्गी में 30 करोड़ रुपये की लागत से नई झील और मनोरंजन पार्क भी विकसित किया जाएगा। वहीं, भूमिहीन परिवारों के लिए जिले में 50,000 आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे। कलबुर्गी में 30 एकड़ भूमि पर आईटी पार्क बनाया जाएगा, ताकि बेंगलुरु के बाहर भी आईटी और नवाचार क्षेत्र का विस्तार हो सके।
इसके साथ कीरिया की स्थापना की जाएगी, जो स्टार्टअप और युवा उद्यमियों को बढ़ावा देगा। शहर और तालुक मुख्यालयों में एआई आधारित सीसीटीवी नेटवर्क लगाया जाएगा, जिसका उपयोग अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और सफाई जैसी नागरिक सेवाओं की निगरानी में होगा।
सरकार कलबुर्गी किला, शरणबसवेश्वर मंदिर, ख्वाजा बंदे नवाज दरगाह, बुद्ध विहार, मलखेड़, सन्नति और गाणगापुर को जोड़ते हुए धार्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट विकसित करेगी। गाणगापुर के विकास पर पहले चरण में 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही बसवन्ना की शिक्षाओं को युवाओं तक पहुंचाने के लिए कलबुर्गी में वचन मंटप बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने चंद्रशेखर पाटिल स्टेडियम के आधुनिकीकरण, केएससीए के साथ क्रिकेट सुविधाओं के विकास और कलबुर्गी तालुक के हडगिल हरुति गांव में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाली स्पोर्ट्स सिटी स्थापित करने की भी घोषणा की। सरकार अगले दो वर्षों में पूरे कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में कोटी वृक्ष अभियान चलाएगी। इसके तहत एक करोड़ पौधे लगाए और संरक्षित किए जाएंगे, ताकि हरित क्षेत्र बढ़े और जलवायु परिवर्तन से मुकाबले की क्षमता मजबूत हो।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि कल्याण कर्नाटक सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और क्षेत्र का विकास केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation









