घर बैठे बनवाएं लर्निंग लाइसेंस, बस ऑनलाइन टेस्ट देते समय इन गलतियों से बचें, वरना आवेदन हो जाएगा रद्द
Driving Licence Application Process: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब बार-बार आरटीओ दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. परिवहन विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए घर बैठे लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है और ऑनलाइन टेस्ट भी दिया जा सकता है. खास बात यह है कि आवेदन से लेकर टेस्ट और फीस तक की पूरी प्रक्रिया को समझकर करना जरूरी है, क्योंकि टेस्ट के दौरान कुछ छोटी-सी गलती भी परेशानी बढ़ा सकती है. आखिर लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, कितनी फीस लगेगी और टेस्ट पास करने के लिए कितने सवाल सही करने होंगे, जानिए पूरी जानकारी.
उत्तर कोरिया बोला- परमाणु हथियार छोड़ना बेवकूफी है:किम जोंग की बहन ने कहा- न्यूक्लियर वेपन हमारी सुरक्षा की गारंटी
उत्तर कोरिया ने एक बार फिर कहा है कि वह परमाणु हथियार छोड़ने वाला नहीं है। किम जोंग उन की बहन किम यो-जोंग ने गुरुवार को कहा कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार बनाए रखेगा। ये हथियार देश की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। किम यो ने परमाणु हथियार छोड़ने के लिए मनाने की कोशिशों को ‘बेवकूफी भरी बात’ बताया। किम यो-जोंग का यह बयान वियना में चल रही अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की जनरल कॉन्फ्रेंस के दौरान आया। इस साल 14 से 18 सितंबर तक वियना में 181 सदस्य देशों के प्रतिनिधि जुटे हैं। ट्रम्प ने फिर बातचीत की इच्छा जताई किम यो-जोंग का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने उत्तर कोरिया के साथ फिर बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई है। ट्रम्प अपने पहले कार्यकाल में किम जोंग उन से तीन बार मिल चुके हैं। ट्रम्प-किम जोंग की 3 मुलाकातें जून 2018: ट्रम्प और किम जोंग उन की पहली मुलाकात सिंगापुर में हुई थी। यह पहली बार था जब किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया के नेता से आमने-सामने मुलाकात की। दोनों ने परमाणु हथियारों का खतरा कम करने और रिश्ते सुधारने पर बात की। फरवरी 2019: वियतनाम के हनोई में दोनों की दूसरी मुलाकात हुई। यहां परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में राहत को लेकर सहमति नहीं बन सकी। जून 2019: दोनों नेताओं की यह मुलाकात अचानक हुई। ट्रम्प दक्षिण कोरिया के दौरे पर थे और उत्तर-दक्षिण सीमा पर बने डिमिलिटराइज्ड जोन (DMZ) पहुंचे। यहां किम से मुलाकात के दौरान ट्रम्प ने उत्तर कोरिया की जमीन पर भी कदम रखा। वे उत्तर कोरिया की जमीन पर कदम रखने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बने। हालांकि, इस मुलाकात के बाद भी परमाणु मुद्दे पर कोई बड़ा समझौता नहीं हो सका। हनोई मीटिंग के बाद उत्तर कोरिया ने बढ़ाई परमाणु ताकत 2019 की हनोई बैठक के बाद अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियार छोड़ने के बजाय अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को और आगे बढ़ाया। प्योंगयांग ने अपने परमाणु हथियारों को सिर्फ बातचीत में इस्तेमाल होने वाली ताकत नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा का स्थायी हिस्सा बना दिया। उसने कानून में भी परमाणु हथियारों को अपनी रक्षा नीति का हिस्सा बताया है। यानी उत्तर कोरिया का कहना है कि परमाणु हथियार उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी हैं और वह इन्हें छोड़ने की नीति पर वापस नहीं जाएगा। किम यो-जोंग का ताजा बयान इसी रुख को दोहराता है। उत्तर कोरिया के पास कितने परमाणु हथियार? उत्तर कोरिया के पास परमाणु हथियारों की सही संख्या सार्वजनिक नहीं है। अलग-अलग देशों और संस्थानों के आकलन में इसकी संख्या अलग बताई जाती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अगस्त में दावा किया था कि उत्तर कोरिया के पास 57 परमाणु हथियार हैं। वहीं दक्षिण कोरिया के आकलन में यह संख्या 80 से 120 के बीच बताई गई है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों की पूरी संख्या सार्वजनिक नहीं करता।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18









