NSE का IPO आज से ओपन हुआ:21 सितंबर तक बोली लगा सकेंगे, जानें ब्रोकरेज की राय और निवेश की पूरी डिटेल
देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का IPO आज 17 सितंबर से रिटेल निवेशकों के लिए खुल गया है। 21 सितंबर को यह बंद होगा। BSE पर लिस्टिंग 24 सितंबर को होगी। IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर है। इसका लॉट साइज 8 शेयरों का है। यानी, अपर प्राइस बैंड ₹1,785 पर रिटेल निवेशकों को कम से कम ₹14,280 का निवेश करना होगा। कंपनी का इस इश्यू से करीब ₹22,562 करोड़ जुटाने का प्लान है। IPO खुलने के दिन ग्रे मार्केट प्रीमियम 93 रुपए घटा इसका जीएमपी ₹125 पर आ गया है, जो 11 सितंबर को ₹218 पर था। महज 6 दिनों के भीतर जीएमपी में करीब ₹93 की गिरावट आई है। यानी इसकी अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹1,910 पर हो सकती है। IPO से मिलने वाला पैसा NSE के खाते में नहीं जाएगा यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 12.64 करोड़ शेयर बेचे जा रहे हैं। इसका मतलब है कि IPO से मिलने वाली पूरी रकम शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलेगी और NSE को इसमें से कोई फंड नहीं मिलेगा। हाल के दिनों में NSE के वित्तीय नतीजों (कमाई) का प्रदर्शन कैसा रहा है? वित्त वर्ष 2026 में ऑपरेशनल रेवेन्यू घटकर ₹16,601 करोड़ हो गया है। एक साल पहले यानी वित्त वर्ष 2025 में यह ₹17,140.68 करोड़ था। नेट प्रॉफिट घटकर ₹10,302 करोड़ हो गया जो वित्त वर्ष 2025 में ₹12,187.69 करोड़ था। हालांकि, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही Q1FY27 में रेवेन्यू 13.10% बढ़कर ₹4,560.41 करोड़ और मुनाफा 6.71% बढ़कर ₹3,120.08 करोड़ हो गया है। IPO को लेकर ब्रोकरेज हाउस की क्या राय? क्या निवेशकों को इस IPO में पैसा लगाना चाहिए? NSE की बाजार में मोनोपोली, बड़ा यूजर बेस और भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती NSE के लिए पॉजिटिव संकेत हैं। लेकिन ध्यान रहे कि NSE की 79% कमाई ट्रांजेक्शन चार्ज (विशेषकर ऑप्शंस) से आती है। इसके अलावा जीएमपी में आई गिरावट यह संकेत देती है कि केवल लिस्टिंग गेन की उम्मीद से आने वाले निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। नॉलेज पार्ट: जानें क्या होता है ग्रे मार्केट प्रीमियम? IPO शेयर बाजार में लिस्ट होने से पहले अनऑफिशियल या गैर-कानूनी बाजार में जिस प्रीमियम पर ट्रेड करता है, उसे जीएमपी कहते हैं। उदाहरण के लिए, अगर NSE का अपर प्राइस ₹1,785 है और GMP ₹125 चल रहा है, तो इसके ₹1,910 पर लिस्ट होने की उम्मीद जताई जाती है। हालांकि, जीएमपी केवल एक अनुमान होता है और यह वास्तविक लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं देता। क्या होता है ऑफर फॉर सेल (OFS)? IPO में ऑफर फॉर सेल का मतलब होता है कि कंपनी खुद नए शेयर जारी करके बाजार से नया फंड नहीं जुटा रही है, बल्कि कंपनी के पुराने या मौजूदा निवेशक जैसे- प्रमोटर्स या बड़े बैंक अपनी हिस्सेदारी का कुछ भाग आम जनता को बेच रहे हैं। इससे मिलने वाला सारा पैसा कंपनी के खाते में न जाकर सीधे उन शेयरधारकों के पास जाता है जो अपने शेयर बेच रहे होते हैं।
LIC Share Price: NSE IPO की एंकर बुक में भारतीय जीवन बीमा निगम रही सबसे बड़ी निवेशक, इश्यू खुलते ही शेयर 2% चढ़ा
LIC Share Price: भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से NSE की एंकर बुक में 3 इकाइयों- LIC, LIC म्यूचुअल फंड और LIC पेंशन फंड के जरिए 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया। शेयर की कीमत 2 सप्ताह में 4 प्रतिशत नीचे आई है
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
Moneycontrol









