समंदर में पाकिस्तान की हेकड़ी पड़ी भारी! भारतीय डेस्ट्रॉयर से भिड़ते ही बिखर गया दुश्मन का जहाज
PNS Hunain Collision: अरब सागर के उत्तरी हिस्से में बुधवार को भारत-पाकिस्तान के जहाजों के बीच मुद्री भिड़ंत हुई है. जिससे दोनों देशों के बीच एक और तनाव भरा अध्याय जुड़ गया है. बता दें भारतीय नौसेना के दमदार डेस्ट्रॉयर के बेहद करीब पहुंचने की कोशिश में पाकिस्तानी जहाज पीएनएस हुनैन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था. वहीं, भारतीय जहाज को खरोंच तक नहीं आई है. आखिर समंदर में हुआ क्या, और भारत ने इस पर क्या रुख अपनाया, आइए सिलसिलेवार समझते हैं.
PNS Hunain Collision कब और कहां हुई?
यह वाकया 15 सितंबर 2026 की शाम उत्तरी अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुआ जो ओमान के तट से करीब 220 किलोमीटर पूर्व की तरफ पड़ता है. भारतीय नौसेना का एक अग्रिम पंक्ति का युद्धपोत अपने नियमित निगरानी अभियान ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा के तहत इस इलाके में तैनात था तभी पाकिस्तानी नौसेना का जहाज पीएनएस हुनैन असामान्य रूप से तेज रफ्तार से उसके नजदीक पहुंचने लगा.
Aftermath of the India-Pakistan Navy collision: Pak Navy Surgeon Commodore Fowad Khurshid Imami visited the four injured PNS Hunain personnel at PNS Shifa Hospital in Karachi around 8 PM IST.
— Bhairav Force (OSint) (@BhairavForce) September 17, 2026
One officer suffered severe back and leg injuries and will need major surgery.
PNS… pic.twitter.com/oPEVB6Nm7g
पाकिस्तानी जहाज ने आखिर किया क्या था?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पीएनएस हुनैन अपनी सी स्पार्क नामक नौसैनिक अभ्यास गतिविधि के दौरान उस इलाके में मौजूद था और वह भारतीय जहाज को लगातार शैडो यानी पीछा करते हुए ट्रैक कर रहा था. अंतरराष्ट्रीय समुद्री संचार माध्यम चैनल-16 पर उसे कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन पाकिस्तानी पक्ष ने इसका कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद अचानक रफ्तार बढ़ाते हुए पीएनएस हुनैन स्टारबोर्ड यानी दाहिनी तरफ से भारतीय जहाज के आगे के हिस्से के पास से गुजरने की कोशिश करने लगा और इसी दौरान दोनों जहाजों के बीच सीधी टक्कर हो गई.
भारत-पाक जहाजों की टक्कर में किसे कितना नुकसान हुआ?
एक रिपोर्ट के मुताबिक नुकसान का पूरा असर पाकिस्तानी जहाज पर पड़ा है. पीएनएस हुनैन के अगले हिस्से में गहरा डेंट पड़ गया और वहां दरार पड़ने की भी आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते उसे मरम्मत के लिए वापस बंदरगाह लौटना पड़ा है. इसके उलट भारतीय युद्धपोत को किसी तरह का संरचनात्मक नुकसान नहीं हुआ, न ही कोई चोट या क्षमता में कमी दर्ज की गई और वह अपना तय मिशन बिना रुके जारी रख सका. बताया जा रहा है कि भारतीय कमांडर की सूझबूझ और समय रहते उठाए गए बचाव कदमों की वजह से बड़ा हादसा टल गया.
Pakistan Navy ship PNS Hunain, which collided with an Indian warship in international waters, has returned to harbour after suffering “severe damage.”This is real video. pic.twitter.com/4cqopwjsfQ
— anilKhatri???????? (@anilkhatri005) September 16, 2026
जहाजों की टक्कर के बाद भारत सरकार ने इस पर क्या कदम उठाया है?
इस घटना को भारत ने हल्के में नहीं लिया. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के चार्ज डी अफेयर्स को तलब कर औपचारिक रूप से कड़ा विरोध दर्ज कराया है. भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तानी जहाज का व्यवहार पूरी तरह गैर-पेशेवर और अस्वीकार्य था. सूत्रों के मुताबिक जहाज के तकनीकी लॉग की जांच में यह भी सामने आया कि यह किसी मैकेनिकल खराबी का नतीजा नहीं था बल्कि जानबूझकर तेज गति से नजदीक आने और बार-बार दी गई चेतावनियों को अनदेखा करने का परिणाम था.
भारत ने किस समझौते के उल्लंघन का हवाला दिया?
भारत ने इस टक्कर को अप्रैल 1991 में हुए भारत-पाकिस्तान रक्षा भरोसा समझौते के अनुच्छेद 10 का सीधा उल्लंघन बताया है. बता दें यह समझौता मूल रूप से दोनों देशों की सेनाओं के बीच किसी भी तरह की गलतफहमी या अनजाने टकराव को रोकने के लिए किया गया था. इसका अनुच्छेद 10 खासतौर पर कहता है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गश्त कर रहे दोनों देशों के नौसैनिक जहाज और पनडुब्बियां एक-दूसरे से कम से कम तीन नॉटिकल मील यानी करीब साढ़े पांच किलोमीटर की दूरी बनाए रखें. यह दूरी इसलिए तय की गई थी ताकि दोनों पक्षों को एक-दूसरे को पहचानने, रेडियो संपर्क साधने और अपना रास्ता बदलने के लिए पर्याप्त समय मिल सके.
India Pak Navy faceoff:
— War & Gore (@Goreunit) September 16, 2026
PNS Hunain after collided with Indian ship ???? https://t.co/UBWheb83eU pic.twitter.com/quMT87EuAg
खबर अपडेट की जा रही है
Bike Comparison: नई पल्सर 150 या होंडा यूनिकॉर्न; जानें कीमत और फीचर्स में कौन बेस्ट?
Bike Comparison: बजाज ऑटो ने अपनी लोकप्रिय पल्सर 150 को 25वीं सालगिरह के मौके पर बड़े अपडेट के साथ पेश किया है। नई पल्सर 150 में डिजाइन से लेकर इंजन, चेसिस और फीचर्स तक कई बदलाव किए गए हैं। हालांकि, इस मोटरसाइकिल का मुकाबला सिर्फ दूसरी पल्सर से नहीं है, बल्कि होंडा यूनिकॉर्न जैसी लोकप्रिय 160cc कम्यूटर बाइक से भी है।
दोनों मोटरसाइकिलें उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं, जो रोजाना इस्तेमाल के लिए आरामदायक बाइक चाहते हैं और 125cc कम्यूटर मोटरसाइकिल से बेहतर परफॉर्मेंस की उम्मीद रखते हैं। हालांकि, दोनों का फोकस अलग है। पल्सर 150 स्पोर्टी डिजाइन और ज्यादा टेक्नोलॉजी के साथ आती है, जबकि यूनिकॉर्न आराम, सादगी और रिफाइनमेंट पर ज्यादा जोर देती है।
डिजाइन: पल्सर 150 ज्यादा स्पोर्टी
डिजाइन के मामले में दोनों मोटरसाइकिलों का लुक काफी अलग है। होंडा यूनिकॉर्न का डिजाइन सिंपल और प्रीमियम रखा गया है। इसमें लंबा बॉडी प्रोफाइल, बड़ा फ्यूल टैंक और साफ-सुथरा फ्रंट डिजाइन मिलता है। LED हेडलैंप और डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल के बावजूद इसका ओवरऑल डिजाइन काफी सादा है।
वहीं नई पल्सर 150 को ज्यादा मस्कुलर और स्पोर्टी लुक दिया गया है। इसमें पल्सर का सिग्नेचर फ्यूल टैंक डिजाइन बरकरार है, लेकिन नई डिटेलिंग और LED हेडलैंप इसे पहले से ज्यादा आधुनिक बनाते हैं। बजाज ने मूल पल्सर डिजाइन को पूरी तरह बदलने के बजाय उसे मॉडर्न बनाने की कोशिश की है।
एर्गोनॉमिक्स और वजन
कागज पर होंडा यूनिकॉर्न का वजन नई पल्सर 150 से थोड़ा कम है। यूनिकॉर्न का वजन करीब 139 किलोग्राम है, जबकि नई पल्सर 150 का कर्ब वेट करीब 141 किलोग्राम बताया गया है।
यूनिकॉर्न में 798 मिमी की सीट ऊंचाई, 1,335 मिमी का व्हीलबेस और 187 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है। दूसरी ओर, पल्सर 150 की सीट ऊंचाई करीब 785 मिमी है।
यूनिकॉर्न में लंबी सीट और सीधी राइडिंग पोजिशन मिलती है, जिससे यह रोजाना लंबी दूरी और कम्यूटर इस्तेमाल के लिए आरामदायक महसूस होती है। पल्सर में भी आरामदायक राइडिंग पोजिशन है, लेकिन फुटपेग और हैंडलबार की स्थिति इसे थोड़ा ज्यादा स्पोर्टी बनाती है। कम सीट ऊंचाई के कारण छोटे कद वाले राइडर्स के लिए पल्सर को संभालना आसान हो सकता है।
इंजन: पल्सर में ज्यादा पावर, यूनिकॉर्न में ज्यादा टॉर्क
इंजन के मामले में दोनों मोटरसाइकिलों के आंकड़े काफी दिलचस्प हैं। होंडा यूनिकॉर्न में 162.71cc सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 7,500 rpm पर 13 BHP और 5,250 rpm पर 14.8 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसे 5-स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है।
नई बजाज पल्सर 150 में 149.5cc इंजन दिया गया है। यह 8,000 rpm पर 13.8 BHP और 6,500 rpm पर 14.1 Nm का टॉर्क देता है। यानी पल्सर की पीक पावर थोड़ी ज्यादा है, जबकि यूनिकॉर्न का पीक टॉर्क ज्यादा है और कम rpm पर उपलब्ध होता है।
बजाज ने नई पल्सर में इंजन और गियरबॉक्स में बदलाव किए हैं। कंपनी के मुताबिक, 3,000 rpm पर ही पीक टॉर्क का करीब 85 फीसदी उपलब्ध हो जाता है। इससे शहर के रुक-रुक कर चलने वाले ट्रैफिक में बाइक चलाना आसान हो सकता है।
फीचर्स: पल्सर 150 को बड़ी बढ़त
फीचर्स के मामले में नई पल्सर 150 और यूनिकॉर्न के बीच बड़ा अंतर देखने को मिलता है। यूनिकॉर्न में डिजिटल LCD इंस्ट्रूमेंट पैनल, LED हेडलैंप, 15W USB-C चार्जिंग, मोनोशॉक सस्पेंशन, साइड-स्टैंड इंजन कट-ऑफ और ABS जैसे फीचर्स मिलते हैं।
नई पल्सर 150 इससे आगे जाती है। इसके अलग-अलग वेरिएंट में 5-इंच कलर LCD या 5-इंच TFT डिस्प्ले दिया गया है। इसमें ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और टॉप वेरिएंट में Google Maps मिररिंग के साथ ब्लूटूथ और वाई-फाई कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स मिलते हैं।
TFT डिस्प्ले पर कॉल और मैसेज अलर्ट, म्यूजिक कंट्रोल, गियर पोजिशन, फ्यूल की जानकारी और राइडिंग से जुड़ी कई जानकारियां देखी जा सकती हैं।
इसके अलावा पल्सर 150 में रोड, रेन और स्पोर्ट जैसे तीन राइडिंग मोड और कम स्पीड वाले ट्रैफिक में मदद करने वाला क्रॉल टेक भी दिया गया है। ऊंचे वेरिएंट में ISG-बेस्ड ऑटोमैटिक स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम, LED लाइटिंग और Type-C USB चार्जिंग भी मिलती है।
इसके मुकाबले यूनिकॉर्न का फीचर सेट काफी सरल रखा गया है। हालांकि, जिन ग्राहकों को कनेक्टेड फीचर्स और नेविगेशन की जरूरत नहीं है, उनके लिए यह सादगी उपयोगी साबित हो सकती है।
कीमत: दोनों की शुरुआती कीमत करीब-करीब समान
कीमत के मामले में नई पल्सर 150 और होंडा यूनिकॉर्न के बीच अंतर काफी कम है। नई बजाज पल्सर 150 की दिल्ली में शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 1.15 लाख रुपये है। इसके टॉप स्प्लिट-सीट TFT वेरिएंट की कीमत करीब 1.23 लाख रुपये तक जाती है।
होंडा यूनिकॉर्न की कीमत भी करीब 1.15 लाख रुपये एक्स-शोरूम है। यूनिकॉर्न को कंपनी एक ही वेरिएंट में पेश करती है, जबकि पल्सर 150 में अलग-अलग वेरिएंट के विकल्प मिलते हैं।
बजाज पल्सर 150 बनाम होंडा यूनिकॉर्न: किसके लिए कौन?
नई पल्सर 150 और होंडा यूनिकॉर्न एक ही व्यापक कम्यूटर सेगमेंट में होने के बावजूद अलग-अलग तरह के ग्राहकों को ध्यान में रखती हैं।
यूनिकॉर्न का फोकस आरामदायक राइडिंग, सरल डिजाइन, रिफाइनमेंट और रोजाना इस्तेमाल पर है। वहीं पल्सर 150 स्पोर्टी डिजाइन, बेहतर पीक पावर, ज्यादा फीचर्स और आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ आती है।
इसलिए इन दोनों के बीच चुनाव करते समय खरीदारों के लिए उनकी प्राथमिकताएं अहम रहेंगी। जो ग्राहक सादगी और आराम को महत्व देते हैं, उनके लिए यूनिकॉर्न का पैकेज अलग तरह का अनुभव देता है। वहीं स्पोर्टी डिजाइन, ज्यादा टेक्नोलॉजी और फीचर-रिच अनुभव चाहने वाले ग्राहकों के लिए नई पल्सर 150 एक अलग विकल्प पेश करती है।
(मंजू कुमारी)
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