भारत-अफगानिस्तान तीसरा टी-20 आज:वैभव सूर्यवंशी भारत में अपना पहला इंटरनेशनल मुकाबला खेल सकते, सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन टी-20 मैचों की सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आज शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी आज भारत में अपना पहला इंटरनेशनल मुकाबला खेल सकते हैं। वैभव को भारत के शुरुआती 2 मैचों में जगह नहीं मिली थी। वहीं, भारत 2-0 से सीरीज अपने नाम कर चुका है। ऐसे में कप्तान श्रेयस अय्यर के संकेत के मुताबिक टीम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। तीन छक्के लगाते ही तोड़ेंगे सहवाग का रिकॉर्ड अगर वैभव आज खेलते हैं तो बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के टी-20 अंतरराष्ट्रीय छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। वैभव अब तक भारत के लिए 6 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। इन मुकाबलों में उन्होंने 32.16 की औसत से 193 रन बनाए हैं। उनके नाम 2 अर्धशतक हैं और स्ट्राइक रेट 189.21 का रहा है। वैभव ने इन 6 मैचों में 14 छक्के लगाए हैं। वहीं, वीरेंद्र सहवाग ने अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर में 19 मैच खेले हैं। सहवाग के नाम टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 16 छक्के हैं। ऐसे में वैभव को उनसे आगे निकलने के लिए केवल तीन और छक्कों की जरूरत है। आईपीएल में 1.1 करोड़ रुपए में रिटेन हुए वैभव राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2026 सीजन से पहले वैभव सूर्यवंशी को 1.1 करोड़ रुपए में रिटेन किया था। आईपीएल 2026 में वह सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए, जिसमें एक शतक और 5 अर्धशतक शामिल रहे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.3 रहा और उन्होंने रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वैभव ने अब तक अपने टी-20 करियर में सिर्फ 40 मैचों में 148 छक्के जड़े हैं। इसके मुकाबले सहवाग ने 159 टी-20 मैचों में 147 छक्के लगाए थे। सहवाग ने अपने पूरे टी-20 करियर में 4,061 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 147.83 रहा। रोहित शर्मा के नाम सबसे ज्यादा छक्के हालांकि, टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में वैभव को अभी लंबा सफर तय करना है। इस सूची में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा 205 छक्कों के साथ शीर्ष पर हैं। सूर्यकुमार यादव 179 छक्कों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के नाम 126 छक्के हैं, जबकि विराट कोहली ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने तक 124 छक्के लगाए थे। वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दुनिया के दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे आगे सिर्फ पाकिस्तान के हसन रजा हैं, जिन्होंने 1996 में 14 साल 227 दिन की उम्र में जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू किया था। भारत की बात करें तो वैभव ने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। शेफाली वर्मा ने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेला था। वैभव टी-20 डेब्यू पर स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय वैभव ने टी-20 डेब्यू मैच में 10 गेंदों में 14 रन बनाए। इसमें 2 छक्के शामिल रहे। वैभव टी-20 डेब्यू पर स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय बन गए। उन्हें विल जैक्स की गेंद पर जोस बटलर ने स्टंप आउट किया था। वैभव ने फील्डिंग में पहला कैच भी पकड़ा था। वैभव ने इंटरनेशनल क्रिकेट की सिर्फ तीसरी गेंद पर छक्का जड़ दिया था। उन्होंने तीसरे ओवर में जोफ्रा आर्चर की पहली ही गेंद पर सिक्स मारा था। यह उनके इंटरनेशनल करियर का पहला छक्का था। वैभव इंटरनेशनल में डेब्यू करने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बने हैं। जर्सी की निया चार्लोट ग्रेग सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाली क्रिकेटर हैं। उन्होंने 2019 में 11 साल, 40 दिन की उम्र में पहला टी-20 इंटरनेशनल खेला था। उनके नाम सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। पुरुषों में रोमानिया के मारियन गेरासिम सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले पुरुष क्रिकेटर हैं। उन्होंने 2020 में 14 साल और 16 दिन की उम्र में पहला टी-20 इंटरनेशनल खेला था।
मंदाकिनी ने दाऊद इब्राहिम संग तस्वीर पर सफाई दी:एक्ट्रेस बोलीं- उन्होंने शारजाह में क्रिकेट मैच के लिए नहीं बुलाया था
एक्ट्रेस मंदाकिनी ने दाऊद इब्राहिम के साथ वायरल हुई अपनी तस्वीर पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि दाऊद ने उन्हें शारजाह क्रिकेट मैच के लिए नहीं बुलाया था। मंदाकिनी के मुताबिक, वह एक शो के लिए दुबई गई थीं। इसके बाद क्रिकेट मैच देखने पहुंचीं, जहां यह तस्वीर ली गई थी। उस समय उन्हें नहीं पता था कि तस्वीर विवाद का कारण बनेगी। मंदाकिनी ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि तस्वीर को लेकर हुई अटकलों और खबरों पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था। इस विवाद से उनके फिल्म करियर को बहुत नुकसान हुआ। एक्ट्रेस ने कहा कि एक कलाकार कई लोगों से मिलता है। कलाकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। उन्होंने कहा, “लोग जो लिखना या कहना चाहते हैं, उस पर हमारा नियंत्रण नहीं होता। एक कलाकार को हजारों लोगों से मिलना पड़ता है और सभी उसके लिए बराबर होते हैं।” मंदाकिनी ने कहा, “हमारे साथ बहुत सारे लोग थे। ऐसे में किसे चुनें और किसे न चुनें? हम वहां एक शो के लिए गए थे। नहीं, मुझे दाऊद ने नहीं बुलाया था। मैं दुबई में एक शो के लिए गई थी और फिर मैच देखने पहुंची। उस समय मुझे इसका अंदाजा नहीं था।” विवाद का असर मंदाकिनी ने बताया कि बाद में यह तस्वीर विवाद का विषय बन गई। इसे लेकर बड़े स्तर पर अटकलें लगाई गईं। उन्होंने कहा, “इस विवाद से बहुत नुकसान हुआ। बाद में मुझे पता चला कि इन सभी चीजों को संभालने के लिए एक टीम होनी चाहिए। मैंने हर जगह इन अफवाहों का खंडन किया।” 80 और 90 के दशक में दाऊद दुबई से अपना नेटवर्क चला रहा था। वहां वह अक्सर बॉलीवुड सितारों के लिए आलीशान पार्टियां रखता था। मंदाकिनी के अलावा एक्टर अनिल कपूर की भी शारजाह स्टेडियम से एक पुरानी तस्वीर इंटरनेट पर मौजूद है, जिसमें वे राज कपूर और महबूब के साथ बैठे हैं और उनके पीछे दाऊद इब्राहिम दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस तस्वीर को लेकर अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर ने सोशल मीडिया पर सफाई दी थी कि उनके पिता वहां राज कपूर और कृष्णा कपूर के साथ सिर्फ भारतीय क्रिकेट मैच देखने गए थे और उन्हें जानकारी नहीं थी कि उनके पास कौन बैठा है। वहीं, ऋषि कपूर ने खुद स्वीकार किया था कि वे दुबई में दाऊद से 2 बार मिले थे। मंदाकिनी ने बताया ‘राम तेरी गंगा मैली’ के चर्चित सीन का सच मंदाकिनी ने फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ से डेब्यू किया था। इसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई और 1980 के दशक में हिंदी सिनेमा के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गईं। राज कपूर के निर्देशन में बनी यह फिल्म बड़ी हिट रही। हालांकि, फिल्म के कई सीन बाद में चर्चा और विवाद का विषय बने। मंदाकिनी ने गाने ‘तुझे बुलाएं ये मेरी बहनें’ में सफेद साड़ी में फिल्माए गए झरने वाले सीन और बहस में रहे स्तनपान वाले सीन पर बात की। उन्होंने कहा कि इन दृश्यों का उद्देश्य फिल्म में मासूमियत और पवित्रता को दिखाना था। ANI को दिए इंटरव्यू में मंदाकिनी ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म की शूटिंग शुरू की, तब वह सिर्फ 16 साल की थीं और उन्हें पूरी तरह अंदाजा नहीं था कि बाद में इन सीन को किस तरह देखा जाएगा। झरने वाले सीन के बारे में मंदाकिनी ने कहा कि राज कपूर ने उन्हें सीन समझाया था। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य अश्लीलता दिखाना नहीं था, बल्कि फिल्म की कहानी और गंगा के किरदार की पवित्रता को सामने रखना था। एक्ट्रेस ने कहा, “उनका तरीका ऐसा था कि आप उनसे कोई सवाल ही नहीं करते थे। इतना प्यार से, इतना जेंटल, जैसे आपका फैमिली मेंबर आपसे करवा रहा हो। मुझे कहीं से कोई अश्लीलता महसूस नहीं हुई। कोई खराब या घिनौना एहसास नहीं था। पूरी फिल्म यही थी कि गंगा को अपवित्र करना चाहते थे, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए।” उन्होंने आगे कहा, “वह मेरे सामने थे। थोड़ा सा मुझे लगा तो मैंने साड़ी को डबल कर लिया। उन्होंने कहा डबल कर लो, तो मैंने कर लिया। बस हो गया वो शॉट। यह मेरे लिए बड़ी बात थी, क्योंकि मैं बहुत छोटी जगह से आई थी।” मंदाकिनी ने स्तनपान के सीन पर सफाई दी मंदाकिनी ने फिल्म के चर्चित स्तनपान वाले सीन पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि इसमें वास्तव में स्तनपान नहीं कराया गया था और कैमरे की पोजिशनिंग के जरिए ऐसा सीन बनाया गया था। उन्होंने कहा, “नहीं, वहां कोई स्तनपान नहीं था। उन्होंने इसे बहुत अच्छे तरीके से फिल्माया था। मेरे लिए अब समझाना मुश्किल है, लेकिन अगर मैं बताऊंगी कि इसे कैसे किया गया था, तो आप समझ जाएंगे।” अभिनेत्री ने बताया कि सीन में उनके पास एक बच्चा था, जिसे उन्होंने कसकर पकड़ा हुआ था। उन्होंने कहा, “हां, मेरे पास बच्चा था और मैंने उसे कसकर पकड़ा था, लेकिन वह स्तनपान नहीं था। मैं यही सबको बताना चाहती हूं।” मंदाकिनी के मुताबिक, उन्होंने लो-कट आउटफिट पहना था और बच्चे को शरीर के करीब रखा था। कैमरे के एंगल की वजह से ऐसा लगा कि मां अपने बच्चे को स्तनपान करा रही है। उन्होंने कहा कि सीन का उद्देश्य मां और बच्चे के रिश्ते को दिखाना था, जिसे बाद में अलग तरह से समझा गया। सफलता के बाद झरने वाला सीन दोहराने से मना किया अभिनेत्री ने यह भी बताया कि ‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद कुछ फिल्ममेकर्स ने उनसे झरने वाले सीन को दोहराने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनका कहना था कि किसी फिल्म के सफल होने के लिए सिर्फ एक सीन नहीं, बल्कि अच्छी कहानी जरूरी है। उन्होंने कहा, “हिट होने के लिए बहुत अच्छी कहानी चाहिए, जो ‘राम तेरी गंगा मैली’ में थी। उसमें क्या दिखाया गया है? उसका ट्रीटमेंट क्या है? डायरेक्टर आपको क्या मैसेज देना चाहता है? सब कुछ मायने रखता है।” ‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती और गोविंदा समेत इंडस्ट्री के कई प्रमुख कलाकारों के साथ काम किया और अपने करियर में कई फिल्मों में नजर आईं।
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