Haryana में अत्यधिक नशा से लोगों की मौत हो रही : सुरजेवाला
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शनिवार को कहा कि हरियाणा में नशीले पदार्थों की लत तेजी से फैल रही है और मादक पदार्थों के अत्यधिक सेवन से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। सुरजेवाला ने कहा कि अकेले फतेहाबाद जिले में पिछले छह महीनों में नशीली दवाओं के ‘ओवरडोज’ से 20 से अधिक युवाओं की मौत हुई है।
कांग्रेस सांसद ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हजारों युवा नशा मुक्ति केंदों में इलाज के लिए पहुंचे, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में इलाज के साधन न होने के कारण भर्ती ही नहीं किया गया।’’
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि नशीले पदार्थों का इंजेक्शन नसों को अवरुद्ध कर सकता है, अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है और एचआईवी और पीलिया जैसी गंभीर बीमारियों को फैला सकता है। उन्होंने कहा कि 15 से 25 साल की आयु वर्ग के बच्चे नशे की लत का सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं और सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले पिछड़े इलाकों के बच्चे सबसे ज्यादा चपेट में हैं।
सुरजेवाला ने कहाा, ‘‘युवा रोजाना 2,500 से 3,000 रुपए तक नशाखोरी में खर्च कर रहे हैं और वे नशे की लत पूरी करने को चोरी और अपराध के दलदल में भी धंसते जा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘नशे की महामारी और अपराध के घोर अंधकार में हरियाणा की पूरी नस्ल ही बर्बाद होती जा रही है, मगर भाजपा की सरकार झूठ और लूट के हथियार से सिर्फ सत्ता की फसल काटने में ही व्यस्त है।
Delhi में बुजुर्ग दंपति को दो सप्ताह से अधिक समय तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर 14 करोड़ रुपये की ठगी
दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाले एक बुजुर्ग चिकित्सक दंपति को साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर दो सप्ताह से अधिक समय तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर उनसे करीब 14 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, कथित धोखाधड़ी 24 दिसंबर से नौ जनवरी के बीच हुई। उसने बताया कि आरोपियों ने स्वयं को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताया और बुजुर्ग दंपति पर दबाव डालकर उन्हें कई बैंक खातों से धनराशि स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया।
शनिवार को ई-प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध इकाई ने जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, चिकित्सक दंपति अमेरिका से लौटे थे और 2016 से ग्रेटर कैलाश में रह रहे थे। उनके बच्चे विदेश में रहते हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने दंपति के अकेलेपन का कथित तौर पर फायदा उठाया और उन्हें गिरफ्तारी एवं कानूनी कार्रवाई की बार-बार धमकी दी, जिससे वे लगातार फोन और वीडियो कॉल पर बने रहने को मजबूर हो गए। नौ जनवरी को कॉल बंद होने के बाद यह ठगी सामने आई, जिसके बाद दंपति ने अधिकारियों से संपर्क किया।
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