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Diabetes Control: डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए सही लाइफस्टाइल भी जरूरी, इन आदतों से ब्लड शुगर करें मैनेज

Diabetes Control: डायबिटीज आज के समय में एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिसे कंट्रोल करने के लिए दवाओं के साथ सही खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना भी जरूरी है। ब्लड शुगर का स्तर सामान्य बनाए रखने में रोजाना की छोटी-छोटी आदतें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। अगर आप भी डायबिटीज से परेशान हैं, तो अपनी दिनचर्या में कुछ जरूरी बदलाव करके बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

अनियमित खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव और नींद की गड़बड़ी ब्लड शुगर मैनेजमेंट को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है, इसलिए डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार लाइफस्टाइल और उपचार की योजना बनाना जरूरी है। आइए जानते हैं, किन आदतों को अपनाकर ब्लड शुगर मैनेज करने में मदद मिल सकती है।

संतुलित खानपान को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा
डायबिटीज मैनेजमेंट में खानपान का विशेष महत्व है। भोजन में फाइबर से भरपूर सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और प्रोटीन के अच्छे स्रोत शामिल करें। मीठे पेय, अधिक चीनी और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करना मददगार हो सकता है। भोजन की मात्रा और कार्बोहाइड्रेट के सेवन पर ध्यान देने से ब्लड शुगर को मैनेज करने में मदद मिल सकती है। डाइट में बदलाव अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार करें।

रोजाना शारीरिक गतिविधि करें
नियमित एक्सरसाइज शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। तेज चाल से पैदल चलना, साइकिल चलाना, तैराकी या डॉक्टर की सलाह के अनुसार अन्य गतिविधियां दिनचर्या में शामिल की जा सकती हैं। सामान्य तौर पर वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि का लक्ष्य रखने की सलाह दी जाती है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर चलना भी उपयोगी है।

वजन और कमर के घेरे पर ध्यान दें
जिन लोगों को अधिक वजन या मोटापे की समस्या है, उनके लिए डॉक्टर की सलाह से वजन कम करना ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मददगार हो सकता है। इसके लिए क्रैश डाइट अपनाने के बजाय संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम पर ध्यान दें। वजन घटाने का लक्ष्य व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और दवाओं के अनुसार तय किया जाना चाहिए।

नींद और तनाव को न करें नजरअंदाज
अच्छी नींद और तनाव का बेहतर प्रबंधन भी डायबिटीज केयर का हिस्सा है। पर्याप्त नींद लेने, सोने-जागने का नियमित समय रखने और तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या सांस से जुड़ी एक्सरसाइज करने से दिनचर्या बेहतर हो सकती है। तनाव और नींद की समस्या ब्लड शुगर नियंत्रण को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इन्हें नजरअंदाज न करें।

ब्लड शुगर की नियमित जांच करें
डायबिटीज में ब्लड शुगर की निगरानी बेहद जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार फास्टिंग, भोजन के बाद शुगर या HbA1c की जांच कराएं। दवाओं को अपने मन से बंद या कम न करें। अगर बार-बार शुगर बढ़ रही है, तो डॉक्टर से उपचार की समीक्षा कराएं। पैरों की देखभाल और नियमित स्वास्थ्य जांच भी डायबिटीज मैनेजमेंट का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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लेखक: (कीर्ति)

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Pomegranate Benefits: अनार सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत के लिए भी खास, पाचन से स्किन तक आएगा काम

Pomegranate Benefits: अनार को सेहतमंद फलों में गिना जाता है। इसके लाल दाने स्वाद में मीठे-खट्टे होते हैं और इनमें फाइबर, विटामिन सी और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पाए जाते हैं। रोज की डाइट में अनार को शामिल करना संतुलित खानपान का हिस्सा हो सकता है।

आयुर्वेद में भी अनार का लंबे समय से इस्तेमाल होता रहा है। कुछ पारंपरिक तरीकों में अनार के दानों, रस और छिलके का अलग-अलग तरह से उपयोग बताया गया है। आइए जानते हैं अनार से जुड़े कुछ पारंपरिक घरेलू तरीके और इसके पोषण से मिलने वाले फायदे।

1. पाचन के लिए फायदेमंद हो सकता है अनार
अनार में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए जरूरी है। इसे पूरी तरह दानों के रूप में खाने पर फाइबर भी मिलता है। आयुर्वेदिक परंपरा में भूख कम लगने या पाचन से जुड़ी परेशानी में अनार के रस के साथ भुना जीरा और थोड़ा सेंधा नमक लेने का तरीका बताया गया है। हालांकि, यह एक पारंपरिक उपाय है, किसी बीमारी का इलाज नहीं।

2. शरीर को मिलते हैं एंटीऑक्सीडेंट
अनार में पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में भूमिका निभाते हैं। इसी वजह से अनार को संतुलित डाइट में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है।

3. स्किन के लिए भी चर्चा में रहता है अनार
अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट स्किन हेल्थ के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं। कुछ पारंपरिक आयुर्वेदिक तरीकों में अनार के छिलके का इस्तेमाल त्वचा से जुड़े घरेलू लेप में करने की बात कही गई है। हालांकि, चेहरे पर किसी भी घरेलू मिश्रण को लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है, खासकर अगर स्किन संवेदनशील है।

4. इम्यूनिटी के लिए भी उपयोगी
अनार में विटामिन सी समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। विटामिन सी सामान्य इम्यून फंक्शन के लिए जरूरी पोषक तत्व है। इसलिए मौसम के अनुसार फल खाने की आदत में अनार को भी शामिल किया जा सकता है।

5. हार्ट हेल्थ के लिए डाइट में शामिल कर सकते हैं
अनार में मौजूद पॉलीफेनॉल और अन्य एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पर हार्ट हेल्थ को लेकर शोध हुआ है। हालांकि, सिर्फ अनार खाने को किसी हृदय रोग के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। इसे फल और सब्जियों से भरपूर संतुलित डाइट का हिस्सा रखना बेहतर है।

प्रेग्नेंसी में अनार का सेवन?
दिए गए स्रोत में कमजोरी महसूस करने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए अनार के रस को पौष्टिक बताया गया है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी घरेलू नुस्खे या खास मात्रा में जूस लेने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है।

अनार को खाने का आसान तरीका
अनार को सीधे उसके दानों के रूप में खाना सबसे आसान तरीका है। इसे सलाद, दही, ओट्स या फ्रूट बाउल में भी मिलाया जा सकता है। पूरे फल के दानों से जूस की तुलना में फाइबर भी मिलता है।

ध्यान रखने वाली बात

  • अनार से जुड़े कई घरेलू नुस्खे आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में बताए जाते हैं, लेकिन हर नुस्खे के वैज्ञानिक प्रमाण समान नहीं हैं।
  • खासकर बीमारी, प्रेग्नेंसी, बच्चों या किसी दवा के सेवन की स्थिति में घरेलू उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लें। अनार को किसी बीमारी की दवा या इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

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