मेसी का इंटर मियामी के लिए 100वां गोल:क्रूज एज़ुल को हराकर पहली बार कैंपियोनेस कप जीता, कासेमिरो ने दिलाई 2-0 से जीत
लियोनेल मेसी ने इंटर मियामी के लिए 100वां गोल किया। उन्होंने बुधवार को मियामी के न्यू स्टेडियम में क्रूज एज़ुल के खिलाफ कैंपियोनेस कप फाइनल में 24वें मिनट में हेडर से गोल दागा। मेसी के गोल और कासेमिरो के 81वें मिनट में किए गोल की मदद से इंटर मियामी ने मुकाबला 2-0 से जीता। इसके साथ ही टीम ने पहली बार कैंपियोनेस कप का खिताब अपने नाम किया। मेसी ने हेडर से खोला खाता मेसी ने 24वें मिनट में लुइस सुआरेज़ के क्रॉस पर हेडर से गोल किया। यह इंटर मियामी के लिए उनका 100वां गोल था। उन्होंने सभी कॉम्पिटिशन्स में 115 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की। खास बात यह रही कि मेसी ने मियामी के लिए पहला गोल भी क्रूज़ एज़ुल के खिलाफ ही किया था। जुलाई 2023 में डेब्यू मैच में उन्होंने इंजरी टाइम में फ्री-किक से गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिलाई थी। कासेमिरो ने हेडर से बढ़त दोगुनी की इंटर मियामी को 81वें मिनट में दूसरी सफलता मिली। मेसी की कॉर्नर किक पर कासेमिरो ने हेडर से गोल किया। इसके साथ ही मियामी ने 2-0 की बढ़त बना ली। कासेमिरो ने पिछले पांच मैचों में चार गोल किए हैं। उनके सभी चार गोल हेडर से आए हैं। मेसी के आने के बाद चौथी ट्रॉफी मेसी के इंटर मियामी से जुड़ने के बाद टीम ने चार ट्रॉफी जीती हैं। मियामी ने 2023 में लीग्स कप, 2024 में सपोर्टर्स शील्ड, 2025 में MLS कप और अब 2026 में कैंपियोनेस कप अपने नाम किया। मेक्सिकन टीमों का तीन साल का दबदबा खत्म कैंपियोनेस कप में पिछले सीजन के MLS कप विजेता और मैक्सिको की ‘कैंपियोन डी कैंपियोनेस’ विजेता टीम के बीच मुकाबला होता है। यह इस टूर्नामेंट का आठवां संस्करण था। मियामी की जीत से पहले पिछले तीनों संस्करणों में मैक्सिको की टीमों ने खिताब जीता था। क्रूज़ एज़ुल अब तक यह कप नहीं जीत पाई है। टीम 2021 के फाइनल में भी हार गई थी।
सिंगापुर सरकार किताब पढ़ने के बदले पैसे देगी:रोजाना कम से कम 15 मिनट पढ़ना होगा; स्मार्ट फोन और रील्स की लत छुड़ाना मकसद
स्मार्टफोन और रील्स की आदत के बीच सिंगापुर सरकार लोगों को किताब पढ़ने के लिए पैसे दे रही है। सरकार ने 5 साल का नेशनल रीडिंग मिशन शुरू किया है। इसके तहत लोगों को रोज कम से कम 15 मिनट पढ़ना होगा। पढ़ने का समय सरकारी वेबसाइट पर दर्ज करने के बदले पॉइंट्स मिलेंगे। इन पॉइंट्स के आधार पर नकद इनाम दिया जाएगा। सरकार का मकसद लोगों में दोबारा किताब पढ़ने की आदत डालना है। लगातार फोन चलाने और छोटे-छोटे वीडियो देखने से लोग लंबे समय तक किसी किताब या लेख पर ध्यान नहीं दे पाते। सरकार इसी आदत को बदलना चाहती है। 15 मिनट पढ़ने पर मिलेंगे 20 कॉइन्स इस योजना में रोज कम से कम 15 मिनट पढ़ने पर 20 वर्चुअल कॉइन्स मिलेंगे। एक दिन में सिर्फ एक बार पढ़ने का समय दर्ज किया जा सकेगा। अगर कोई व्यक्ति 50 दिन तक रोज 15 मिनट पढ़ता है, तो उसके 1,000 कॉइन्स पूरे हो जाएंगे। इसके बदले उसे 1 सिंगापुरी डॉलर यानी करीब 76 रुपए मिलेंगे। इस साल सरकार ने कुल 75 लाख रीडिंग मिनट का लक्ष्य रखा है। लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए करीब 1.14 करोड़ रुपए के इनाम दिए जाएंगे। सरकार ने पढ़ने को गेम जैसा बनाया सिंगापुर के नेशनल लाइब्रेरी बोर्ड (NLB) ने इस योजना में गेम जैसा रिवॉर्ड सिस्टम बनाया है। लोग ‘क्राउडटास्क एसजी’ वेबसाइट पर रोज अपनी पढ़ाई का समय दर्ज कर सकेंगे। जितना तय समय पूरा होगा, उतने कॉइन्स मिलेंगे। कॉइन्स जमा करने पर नकद इनाम मिलेगा। रील्स की जगह किताब पढ़ने की आदत चाहती है सरकार सरकार चाहती है कि लोग फोन पर लगातार रील्स और छोटे वीडियो देखने के बजाय कुछ समय किताब पढ़ने में लगाएं। नेशनल लाइब्रेरी बोर्ड की प्रमुख मेलिसा टैम के मुताबिक, छोटे वीडियो से जानकारी जल्दी मिल जाती है, लेकिन लगातार बहुत सारी जानकारी देखने से दिमाग थक सकता है। वहीं, किताब और लंबे लेख पढ़ने से ध्यान लगाने, सोचने और कल्पना करने की क्षमता बेहतर हो सकती है। इसलिए सरकार ने शुरुआत के लिए रोज सिर्फ 15 मिनट का लक्ष्य रखा है। युवा भी सिर्फ पढ़ाई के लिए पढ़ रहे रिसर्च एनालिस्ट आइजैक निओ के मुताबिक, बच्चों और युवाओं पर पढ़ाई और परीक्षाओं का दबाव रहता है। ऐसे में वे अक्सर सिर्फ परीक्षा के लिए पढ़ते हैं। मन की खुशी के लिए किताब पढ़ने की आदत कम होती जा रही है। निओ ने इसी वजह से 2025 में मॉडर्न मेन्स बुक क्लब शुरू किया था। इसका मकसद युवाओं को दोबारा किताबों से जोड़ना था। क्या पैसे देकर पढ़ने की आदत बन सकती है? इस योजना को लेकर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है। मनोवैज्ञानिक चारिसा एनजी के मुताबिक, पैसे का इनाम उन लोगों को पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकता है, जिन्हें पहले से थोड़ी रुचि है। लेकिन जिन लोगों को किताब पढ़ने में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं है, उनके लिए सिर्फ पैसे लंबे समय तक पढ़ने की आदत नहीं बना सकते। वहीं, पुस्तक विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआत करवाने के लिए छोटा इनाम भी काम आ सकता है। हो सकता है कि कोई व्यक्ति पहले पैसे के लिए किताब पढ़ना शुरू करे और बाद में उसे पढ़ने में खुद रुचि आने लगे। यानी सिंगापुर की योजना का मकसद सिर्फ 76 रुपए देना नहीं, बल्कि लोगों को रोज 15 मिनट के लिए फोन से दूर करके किताब तक पहुंचाना है।
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