Weather Update 17 September: देश के कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट; जानिए अपने शहर के मौसम का हाल
देशभर में मानसून का असर अभी भी बना हुआ है और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार नया मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और मध्य भारत के बड़े हिस्से में मानसूनी हवाएं पूरी तरह सक्रिय हैं, जिसके चलते देश के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश और हवाओं का असर देखने को मिलेगा।
उत्तर-पश्चिम भारत और राजधानी क्षेत्र का हाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। कुछ इलाकों में हल्की वर्षा या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी। वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्र के जिलों जैसे लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वी भारत और तटीय क्षेत्रों की स्थिति
पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड के क्षेत्रों में मानसून की ट्रफ लाइन काफी मजबूत स्थिति में है। मौसम विभाग ने बिहार के सीमांचल और दक्षिणी जिलों, झारखंड के रांची व जमशेदपुर क्षेत्र और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।
मध्य भारत के राज्यों का हाल
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में मेघगर्जन और बिजली कड़कने के साथ मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। विशेष रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश (जबलपुर, रीवा संभाग) और उत्तरी छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों का पूर्वानुमान
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों जैसे देहरादून, चमोली, शिमला और मंडी में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है, जिससे तापमान में ठंडक बढ़ेगी। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के क्षेत्रों में भी अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
मानसून की वापसी का रुझान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सितंबर के तीसरे सप्ताह के अंत तक पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों से मानसून की आधिकारिक वापसी की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालाँकि, जब तक यह प्रक्रिया गति नहीं पकड़ती, तब तक देश के पूर्वी और मैदानी क्षेत्रों में रह-रहकर मानसूनी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।
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