Responsive Scrollable Menu

भारत में पहला मैच खेल सकते हैं वैभव सूर्यवंशी:अफगानिस्तान से तीसरा टी-20 आज, राशिद 200 इंटरनेशनल विकेट लेने वाले पहले क्रिकेटर बनने के करीब

15 साल के वैभव सूर्यवंशी आज भारत में अपना पहला इंटरनेशनल मुकाबला खेल सकते हैं। भारत और अफगानिस्तान के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टी-20 दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से होगा। भारत शुरुआती दोनों मैच जीतकर सीरीज 2-0 से अपने नाम कर चुका है। ऐसे में कप्तान श्रेयस अय्यर के संकेत के मुताबिक टीम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वैभव को क्यों मिल सकता है मौका? राशिद खान के 196 टी-20 विकेट राशिद 200 टी-20 इंटरनेशनल विकेट हासिल करने से 4 विकेट दूर हैं। अगर वे ऐसा करते हैं तो राशिद यह उपलब्धि हासिल करने वाले मेंस या विमेंस में दुनिया के पहले क्रिकेटर बनेंगे। उन्होंने 117 मैचों में 196 विकेट लिए हैं। अभिषेक इस सीरीज में भारत के टॉप स्कोरर अभिषेक शर्मा इस सीरीज के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 2 मैचों में 121 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 237.25 रहा। उन्होंने पहले मैच में 82 और दूसरे में 39 रन बनाए थे। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने 2 मैचों में 5 विकेट लिए हैं। उनकी इकोनॉमी 6.75 रही है। उनके अलावा जसप्रीत बुमराह से भी टीम को विकेट की उम्मीद होगी। अफगानिस्तान की नजर नवीन की फिटनेस पर अफगानिस्तान की टीम के लिए तीसरे टी-20 में नवीन-उल-हक की फिटनेस अहम रहेगी। दूसरे मैच में फजलहक फारूकी ने नई गेंद से गेंदबाजी नहीं की थी। ऐसे में नवीन की वापसी हो सकती है। अफगानिस्तान के पास राशिद खान, मुजीब उर रहमान और मोहम्मद नबी के रुप में तीन स्पिन गेंदबाजी विकल्प हैं। टीम एक स्पिनर कम करके एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज को खिलाने पर भी विचार कर सकती है। उमरजई इस सीरीज में अफगानिस्तान के टॉप बैटर अजमतुल्लाह उमरजई ने 2 मैचों में 75 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 138.88 है और बेस्ट स्कोर नाबाद 64 रन है। गेंदबाजी में फिर राशिद खान से उम्मीदें होंगी। उन्होंने 2 मैचों में 3 विकेट लिए हैं। हालांकि उन्होंने 9.33 की इकोनॉमी से रन खर्चे हैं। भारत ने 10 मैच जीते दोनों टीमों के बीच अब तक 11 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। भारत ने इनमें 10 मुकाबले जीते हैं, जबकि अफगानिस्तान को एक भी जीत नहीं मिली है। एक मैच नो रिजल्ट रहा है। दिल्ली में फिर बल्लेबाजों को मदद मिलने की उम्मीद अरुण जेटली स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार रहने की उम्मीद है। मैदान की छोटी बाउंड्री के कारण बड़े शॉट देखने को मिल सकते हैं। गुरुवार को बारिश होने की उम्मीद नहीं है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा/वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, नितिश कुमार रेड्डी, रवि बिश्नोई, यश ठाकुर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह। अफगानिस्तान: इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदीकुल्लाह अटल, गुलबदीन नायब, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मुजीब उर रहमान/नवीन-उल-हक, फजलहक फारूकी, अब्दुल्लाह अहमदजई।

Continue reading on the app

आकृति कक्कड़ बोलीं- गणपति बप्पा घर आते हैं:विसर्जन के बाद पौधों के जरिए जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं

गणेश उत्सव पर सिंगर आकृति कक्कड़ ने दैनिक भास्कर से घर में विराजे गणपति बप्पा, परिवार की आस्था और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी पर बातचीत की। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से वह और उनके पति घर में गणपति बप्पा को विराजमान करते आ रहे हैं। इस बार उत्सव की थीम मां की तबीयत ठीक होने पर भगवान का आभार व्यक्त करना है। आकृति घर पर ही बप्पा का विसर्जन करती हैं और उसी मिट्टी में बीज डालकर पौधे उगाती हैं। बातचीत में उन्होंने पसंदीदा संगीत, नए प्रोजेक्ट और गणपति भजन के बारे में भी बताया। शादी के बाद शुरू की गणपति बप्पा को घर लाने की परंपरा मुंबई में गणेश उत्सव के बीच सिंगर आकृति कक्कड़ के घर भी गणपति बप्पा विराजमान हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस बार उनके घर गणपति बप्पा के विराजमान होने का 11वां साल है। शादी के समय उन्होंने और उनके पति ने तय किया था कि वे हर साल घर में गणपति बप्पा को लेकर आएंगे। आकृति ने कहा, "मैं दिल्ली में पली-बढ़ी हूं। वहां जन्माष्टमी और ये सारी चीजें ज्यादा मनाई जाती थीं। गणेश चतुर्थी को इस तरह नहीं मनाते थे। तो मेरे लिए बहुत एक्साइटिंग चीज थी।" उन्होंने बताया कि उनके परिवार के लिए गणेश उत्सव केवल परंपरा नहीं, बल्कि भावनाओं और खुशियों से जुड़ा अवसर है। उनके मुताबिक, भले ही हर चीज शत-प्रतिशत विधि-विधान के अनुसार न होती हो, लेकिन वह सच्ची भावना के साथ बप्पा का स्वागत करती हैं। 'मेरे लिए गणपति उत्सव का महत्व दिवाली से भी ज्यादा है' आकृति कक्कड़ ने बताया कि गणपति बप्पा के घर आने से परिवार का माहौल बदल जाता है। उन्होंने कहा, "हमें इतनी खुशी मिलती है, घर का माहौल ही अलग हो जाता है। मेरे लिए इस फेस्टिवल का जो वैल्यू है, जो महत्व है, वो दिवाली से भी ज्यादा है।" उन्होंने कहा, "लोग कहते हैं दिवाली होती है, हिंदुओं का सबसे बड़ा फेस्टिवल, लेकिन मेरे लिए गणपति बप्पा खुद घर आते हैं।" आकृति के लिए बप्पा का घर आना सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि परिवार के साथ खुशियां साझा करने और आस्था महसूस करने का अवसर है। ट्री गणेशा लाती हैं आकृति, घर पर ही करती हैं विसर्जन आकृति पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ट्री गणेशा की मूर्ति घर लेकर आती हैं। उन्होंने बताया कि मूर्ति का विसर्जन घर पर ही पानी के ड्रम में किया जाता है। मूर्ति की मिट्टी घुलने के बाद उसमें बीज डालकर पौधे उगाए जाते हैं। उन्होंने कहा, "गणपति बप्पा आते हैं, लेकिन जाते नहीं हैं। वो हमारे साथ ही रह जाते हैं और पौधों के थ्रू फिर हमारी जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं।" पर्यावरण के अनुकूल इस पहल पर आकृति ने कहा कि भगवान के नाम पर होने वाले हर काम को समझदारी और जिम्मेदारी से करना चाहिए। उनके मुताबिक, आस्था के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है। सात साल से इसी घर में मना रही हैं गणेश उत्सव आकृति ने बताया कि वह पिछले सात साल से अपने मौजूदा घर में गणपति बप्पा को विराजमान कर रही हैं। इससे पहले शादी के बाद वह मलाड में रहती थीं और वहीं से इस परंपरा की शुरुआत हुई थी। उन्होंने बताया कि पहले घर की सजावट परिवार के लोग खुद किया करते थे। उनकी मां काफी क्रिएटिव हैं और सजावट में उनका विशेष योगदान रहता था। तीन दिन के उत्सव के लिए फूलों के अलग-अलग कॉम्बिनेशन और थीम तैयार की जाती थी। मां की तबीयत ठीक होने पर इस बार रखी 'ग्रैटिट्यूड' थीम इस बार गणपति उत्सव की थीम के बारे में पूछे जाने पर आकृति ने बताया कि थीम आभार यानी ग्रैटिट्यूड पर आधारित है। उन्होंने बताया कि काफी समय से उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन गणपति बप्पा के आगमन से ठीक दो दिन पहले उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक हो गई। आकृति ने कहा, "सच में विघ्नहर्ता, सुखकर्ता हमारी जिंदगी में आए हैं। तो इस बार उनको तहे दिल से शुक्रिया करने के लिए..." उन्होंने बताया कि इस बार तैयारियों के लिए ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन जब कुछ होना होता है तो वह हो जाता है। उनके मुताबिक, भगवान सब संभाल लेते हैं। बप्पा से मांगी परिवार की अच्छी सेहत और दूसरों की मदद करने की शक्ति गणपति बप्पा से मांगे गए वरदान के बारे में आकृति ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी प्रार्थना परिवार के सभी लोगों की अच्छी सेहत है। वह चाहती हैं कि सभी की हेल्थ बराबर बनी रहे। इसके अलावा, वह खुद को इतना सक्षम बनाए रखने की प्रार्थना करती हैं कि जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकें। उन्होंने कहा कि जिंदगी में जो चीजें उन्हें खुशी देती हैं और आसपास के लोगों से जोड़कर रखती हैं, उनके लिए भी वह बप्पा का आशीर्वाद चाहती हैं। 'बिग बैंड थ्योरी' के सीजन 3 की तैयारी में जुटी हैं आकृति सिंगिंग करियर और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर आकृति ने बताया कि इन दिनों वह 'बिग बैंड थ्योरी' के सीजन 3 की तैयारियों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि तैयारी पूरे जोर-शोर से चल रही है और अक्टूबर के अंत में दर्शक इस सीरीज को सुन और देख पाएंगे। आकृति ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में कई अच्छे कोलाबोरेशंस हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि गणपति बप्पा की कृपा से सब कुछ अच्छे से होगा और लोगों को यह प्रोजेक्ट पसंद आएगा। लता मंगेशकर और आशा भोसले के संगीत से मिली प्रेरणा आकृति से पसंदीदा गाना पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एक सिंगर के लिए अपने पसंदीदा गाने का चुनाव करना मुश्किल होता है। उन्होंने अपनी संगीत की परवरिश में लता मंगेशकर और आशा भोसले के योगदान को खास बताया। उन्होंने कहा, "मेरी जो म्यूजिकल परवरिश रही है, उसमें लता जी, आशा जी और इन सब का बहुत मेजर रोल रहा है। मुझे लगता है कि गाने तो उन्हीं के बैठते हैं जहन में। हम तो बस वहीं से चीजें सीख-सीखकर खुद के गानों में अप्लाई कर लेते हैं।" दो साल पहले बनाया गणपति भजन आज भी ट्रेंडिंग गणपति बप्पा के लिए भजन सुनाने के अनुरोध पर आकृति ने अपना भजन 'गणेशा गणेशा' गाया। उन्होंने बताया कि दो साल पहले बनाए इस भजन को लेकर उन्हें हाल ही में पता चला कि वह अब भी इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर ट्रेंडिंग में चल रहा है। आकृति ने कहा कि उनके फैन क्लब उन्हें इसकी जानकारी देते रहते हैं, जिससे उन्हें बहुत खुशी मिलती है। 'सैटरडे-सैटरडे' और 'इस्की उसकी' जैसे हिट गाने गा चुकी हैं आकृति आकृति कक्कड़ बॉलीवुड की जानी-मानी पार्श्व गायिका और स्वतंत्र संगीत कलाकार हैं। दिल्ली में पली-बढ़ी आकृति ने फिल्म 'दस' के गाने 'छम से वो आ जाए' से प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में अपनी आवाज दी। उन्हें फिल्म 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' के लोकप्रिय गाने 'सैटरडे-सैटरडे' और '2 स्टेट्स' के 'इस्की उसकी' से खास पहचान मिली। इसके अलावा 'बिल्लू' के 'मरजानी' और 'खुदा या खैर', 'जॉनी गद्दार' के टाइटल ट्रैक, 'नमस्ते लंदन' के 'आनन फानन' और 'वेलकम' के 'इंशाअल्लाह' जैसे गानों में भी उनकी आवाज सुनने को मिली है। आकृति ने बॉलीवुड के साथ स्वतंत्र संगीत में भी काम किया है। 2010 में उन्होंने शंकर महादेवन के साथ अपना सोलो एल्बम 'आकृति' रिलीज किया था। वह लाइव परफॉर्मर के रूप में भी सक्रिय हैं और जी बांग्ला के 'सा रे गा मा पा: लिटिल चैंप्स' में जज की भूमिका निभा चुकी हैं।

Continue reading on the app

  Sports

India vs Japan Cricket match: टीम इंडिया से मिले जापान के एंबेसडर, ऐतिहासिक मुकाबले को दिया नया नाम

भारत और जापान के बीच सुजुकी कप होने जा रहा है, जिसके तहत सिर्फ एक T20 मुकाबला खेला जाएगा. जापान ने एंबेसडर ने इस मुकाबले से पहले टीम इंडिया से मुलाकात की. Thu, 17 Sep 2026 07:55:04 +0530

  Videos
See all

PM Modi Birthday:चाय की दुकान से PM की कुर्सी तक का सफर, PM Modi के बारे में आप क्या-क्या जानते हैं? #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-17T04:20:46+00:00

Big Breaking on Disha Murder Case LIVE: सुसाइड नहीं मर्डर? | SSR | Maharashtra Police | CBI Probe #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-17T04:16:19+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers