मणिपुर में 7 दिनों से स्कूल-बाजार बंद:लोग घरों में कैद, चार दिनों में हो चुकी कुकी समुदाय के 6 लोगों की हत्या
मणिपुर में एक बार फिर खौफ और दहशत का माहौल है। इस बार वजह मैतेई-कुकी नहीं, बल्कि कुकी-नगा के बीच चल रहा हिंसक संघर्ष है। बीते चार दिन में हथियारबंद उग्रवादी 4 महिलाओं समेत 6 कुकी लोगों को मौत के घाट उतार चुके हैं। कुकी संगठनों का आरोप है कि यह नगा उग्रवादियों की करतूत है। फिलहाल इस वजह से राज्य का 7 पहाड़ी जिलों से संपर्क कट चुका है। 5 दिन से इनके ऊपरी पहाड़ी गांवों में इतना खौफ है कि लोग दिन में भी घरों से बाहर नहीं निकल रहे। 7 दिन से स्कूल-बाजार बंद हैं। मेडिकल इमरजेंसी में भी मदद नहीं मिल पा रही है। बुधवार को भी पहाड़ी जिले कांगपोकपी में स्थानीय कुकी लोगों और सुरक्षा बलों के बीच जमकर टकराव हुआ। सुरक्षा बलों ने नाकेबंदी और बढ़ा दी है। चीनी तक 400-450 रुपए किलो मिल रही कांगपोकपी में रहने वाली 53 साल की मार्गरेट ने बताया कि जिला मुख्यालय में होने की वजह से उन्हें जरूरी सामान बमुश्किल मिल रहा है। कुछ अंदरुनी गांवों में 400-450 रुपए में 1 किलो चीनी मिल रही है। यहां रहने वाले 35 वर्षीय डेविड ने बताया कि हम लोग खेतों में भी नहीं जा पा रहे हैं। कब-कहां से गोली चल जाए, नहीं पता। राज्य में 40 हजार सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं, लेकिन ये संघर्ष जातियों का है, इसलिए वो भी मदद नहीं कर पा रहे हैं। डेविड ने आगे बताया कि सड़कों, हाईवे पर जगह-जगह नगा समुदाय के लोगों की नाकेबंदी है। चेक पॉइंट हैं। बिना सिक्योरिटी एस्कॉर्ट के कोई प्राइवेट गाड़ी नहीं चल रही। मेडिकल इमरजेंसी, एयरपोर्ट जाने के लिए भी नगा के सब-डिविजनल ऑफिसर की मंजूरी लेनी पड़ रही है, जो बहुत मुश्किल से मिलती है। फरवरी से अब तक 40 मौतें उखरुल, सेनापति, तामेंगलोंग, चंदेल नगा बहुल, जबकि चूराचांदपुर, कांगपोकपी, फिरजॉल कुकी-बहुल जिले हैं। कांगपोकपी समेत 4 जिलों में दोनों जनजातियां साथ रहती हैं। इसलिए उग्रवादी दोनों पर हमले कर रहे हैं। इस साल फरवरी में लिटन गांव में हिंसा के बाद से अब तक इस संघर्ष में 40 मौतें हो चुकी हैं। तांगखुल नगा जनजाति के प्रमुख संगठन यूनाइटेड नगा काउंसिल ने आर्थिक नाकाबंदी की है। संगठन के सचिव एच. जेम्स हाऊ ने बताया- हाईवे से किसी को भी गुजरने की अनुमति नहीं है। ------------------- मणिपुर हिंसा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर में 2 कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या:कई फार्महाउस जलाए मणिपुर के तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई गांव में मंगलवार को दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके अलावा कई फार्महाउसों में आग लगा दी गई। पूरी खबर पढ़ें…
कश्मीर में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़:ऊधमपुर जिले के पहाड़ी क्षेत्र में नजर आए थे संदिग्ध, सर्च अभियान जारी
जम्मू-कश्मीर में ऊधमपुर जिले के पहाड़ी क्षेत्र मजाल्टा में बुधवार रात सुरक्षा बल और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। सूत्रों के अनुसार, आतंकियों की ओर से गोलीबारी के बाद सुरक्षाबलों ने भी सात से आठ राकेट दागे और ड्रोन से भी निगरानी की गई। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू और कश्मीर के उधमपुर जिले के मजालता इलाके में संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की , जिसके बाद क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों को तेज कर दिया गया है। हालांकि, अब तक संदिग्ध आतंकवादियों का कोई सुराग नहीं मिला है। यह इलाका पहले से ही हाई अलर्ट पर था, सुरक्षा एजेंसियां पिछले कई दिनों से ब्रेट्टल-खुब्बन क्षेत्र और आसपास के वन क्षेत्रों में आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद व्यापक तलाशी और निगरानी अभियान चला रही थीं। मजाल्टा क्षेत्र अपने ऊबड़-खाबड़ भूभाग और घने जंगलों के कारण पहले भी कई बार आतंकवाद विरोधी अभियानों का गवाह रहा है, जिसका इस्तेमाल आतंकवादी अक्सर सुरक्षा बलों से बचने के लिए करते रहे हैं। सोमवार को 3 आतंकी मददगार अरेस्ट किए गए थे दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े उनके तीन मददगारों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजौरी के कोटचरवाल तेरीयाथ निवासी जाकिर हुसैन और मोहम्मद आजम और उधन गांव निवासी मोहम्मद मुश्ताक के रूप में हुई है। जांच के दौरान एक आरोपी की निशानदेही पर IED भी बरामद किया गया है। पुलिस को शक है कि आतंकी समूह ने इसे सुरक्षित रखने या फिर टारगेटेड हमले में इस्तेमाल के लिए इन्हें दिया होगा। तीन दिन पहले डोडा में आतंकी का सड़ा शव मिला था आतंकी का शव मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया था। यह फुटेज उसी वक्त का है। जम्मू-कश्मीर के डोडा में शनिवार को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक पाकिस्तानी आतंकी का शव मिला था। इसके पास से नाइट विजन वाली M4 राइफल भी बरामद हुई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, SOG डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और CRPF की संयुक्त टीम को सर्च के दौरान आतंकी के अवशेष मिले थे। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… हाफिज सईद के नाम 2 महीने में दूसरा गैर-जमानती वारंट:NIA कोर्ट का आरोप- आतंकवादियों को हथियार और फंड दिया जम्मू की एक स्पेशल NIA कोर्ट ने लश्कर-ए-तैयबा के चीफ और घोषित आतंकवादी हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ नया गैर-जमानती वारंट जारी किया है। उस पर कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकवादियों को हथियार, फंड और निर्देश देने का आरोप है। पूरी खबर पढ़ें…
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