Cinta: सिंटा री-इलेक्शन में उपासना सिंह और साहिला चड्ढा की बड़ी जीत, जानें किसे कितने वोट मिले?
Cinta Re-Election: सिनेमा और टीवी कलाकारों की संस्था सिंटा के री-इलेक्शन के नतीजे सामने आ गए हैं। शनिवार को हुई वोटिंग में उपासना सिंह सबसे ज्यादा वोट पाकर पहले स्थान पर रहीं। उन्हें 360 वोट मिले। साहिला चड्ढा 357 वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहीं। यह चुनाव संस्था में पिछले कुछ समय से चल रहे विवाद और कई सदस्यों के इस्तीफे के बाद कराया गया था।
इन कलाकारों को भी मिले वोट
उपासना और साहिला के बाद विकास वर्मा को 349 और दीपक पराशर को 348 वोट मिले। कुनीका सदानंद को 312 और वर्षा उसगांवकर शर्मा को 306 वोट मिले।
नगमा मोरारजी को 290, निमई बाली को 266 और अर्जुन यानी फिरोज खान को 250 वोट मिले। आसमानी ताही को 237, शहजाद खान को 234 और मनीष कुमार चतुर्वेदी को 219 वोट मिले। सपन कुमार भट्टाचार्य को 197, रंजीत कुमार सिंह को 184 और रमाकांत बोरुडे को 176 वोट मिले।
इस्तीफों के बाद हुआ री-इलेक्शन
सिंटा में अगस्त से ही विवाद चल रहा था। 21 सदस्यों वाली चुनी हुई समिति के कुल 11 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने संस्था के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि फैसले लेते समय सभी सदस्यों की राय नहीं ली जा रही थी और संस्था के नियमों के मुताबिक काम नहीं हो रहा था।
इस्तीफों के बाद पुरानी समिति को लेकर भी सदस्यों के बीच मतभेद सामने आए। इसी विवाद के बीच दोबारा चुनाव कराने का फैसला हुआ।
चुनाव से पहले पुलिस पहुंची थी
पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरी ने री-इलेक्शन रोकने के लिए अदालत का रुख किया था, लेकिन चुनाव पर रोक नहीं लगी। वहीं, मतदान से एक दिन पहले संस्था के कुछ कागजात बाहर ले जाने की कोशिश को लेकर भी विवाद हुआ। मामला बढ़ने पर पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने वहां मौजूद सदस्यों को शांत रहने और संस्था की छवि का ध्यान रखने की सलाह दी।
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जहरीली शराब में ऐसा क्या होता है कि इंसान के लिए बन जाता है जहर, क्या इसकी पहचान पहले संभव है, जानिए डॉक्टर की राय
How Liquor Turn Toxic: अक्सर आप सुनते होंगे कि जहरीली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत हो गई. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि शराब जहरीली क्यों हो जाती है. यह शरीर में कैसे बन जाती है जहरीली. हकीकत यह भी है कि कुछ लोग जब उसी शराब को पीते हैं तो उसके शरीर में वह जहर नहीं बनता लेकिन कुछ लोगों को इसके कारण अपनी जान देनी पड़ती है. ऐसा क्यों होता है. मैक्स अस्पताल में इंटरनल मेडिसीन के डायरेक्टर डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा से हमने इसी बात को जानने की कोशिश की.
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