Diwali 2024: प्रिंयका चोपड़ा से लेकर अमिताभ बच्चन तक, बॉलीवुड स्टार्स की 'ग्रीन दिवाली' देती है खास संदेश
Eco-Friendly Green Diwali: दिवाली का त्योहार पूरे जश्न के साथ देशभर में मनाया जाता है। विदेशों में भी अब इसके चर्चे हैं और वहां रह रहे भारतीय भी इसका जश्न मनाने से नहीं रुकते। इस त्योहार पर लोग पटाखों की धूम के साथ एंज़य करते हैं। लेकिन इसका प्रदूषण कितना खतरनाक होता है, इसके लिए भी कई लोग आवाज उठा चुके हैं।
पटाखों से प्रदूषण रोकने के लिए कई सेलेब्रिटीज़ ईको-फ्रेंडली दिवाली या ग्रीन दिवाली सेलिब्रेट करते हैं। हालांकि कुछ साल पहले ‘ग्रीन दिवाली’ को कई लोग सेलेब्स का पब्लिसिटी स्टंट का नाम दिया करते थे। लेकिन अब धीरे-धीरे, विशेषकर युवा वर्ग में यह समझ आने लगा है कि दिवाली में खुशी के नाम पर अंधाधुंध फोड़े गए पटाखे किस तरह से हमारे वातावरण को जहरीला बना देते हैं। इसलिए कई साल पहले ही बॉलीवुड के कुछ सितारों ने ग्रीन दिवाली मनाने का जो चलन शुरू किया था, अब धीरे-धीरे देश के हर कोने में ना सिर्फ उसे पसंद किया जाने लगा है बल्कि आम लोग भी उसका अनुसरण करने लगे हैं।
प्रदूषण से बढ़ी जागरुकता
आमतौर पर दिवाली के बाद दिल्ली और दूसरे कई मेट्रो सिटीज़ की हवा में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। साल 2023 में उत्तर भारत के 90 से ज्यादा शहरों में दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता औसतन 300 अंक के ऊपर पहुंच गई थी। यही वजह है, जिसके कारण कई सालों से बॉलीवुड के कुछ लोकप्रिय सितारों ने ग्रीन दिवाली मनाए जाने का जिक्र किया जिसे अब देश के आम लोग भी समझने लगे हैं।
कई स्टार्स कर रहे अवेयर
बॉलीवुड में पिछले कुछ सालों से दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह, प्रियंका चोपड़ा, अनुष्का शर्मा, अमिताभ बच्चन और शिल्पा शेट्टी जैसे सितारों ने सोशल मीडिया के माध्यम या इंटरव्यू के जरिए ग्रीन दिवाली मनाने का प्रचार करते हैं। वे ग्रीन दिवाली का संदेश देते हुए बताते हैं कि पटाखों के प्रदूषण से बड़े शहरों की हवा जहरीली हो जाती है। ऐसै में ग्रीन दिवाली मनाना एक राहत भरा कदम माना जा सकता है।
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह: पिछले कई सालों से दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह अपने फैंस से हर साल ग्रीन दिवाली मनाने का आह्वान करते हैं, जिसका मतलब होता है दिवाली को पारंपरिक हर्ष, उल्लास के साथ बिना पटाखों के मनाना। इससे ना सिर्फ हमारे इर्द-गिर्द सांस लेने लायक हवा बनी रहती है बल्कि यह हमें भरपूर उल्लास के साथ त्योहार मनाने में सहयोग करती है।
प्रियंका चोपड़ा: प्रियंका चोपड़ा अपनी निजी जीवन में कितनी ही मॉडर्न और वेस्टर्न लाइफस्टाइल को अपनाती हैं, लेकिन पर्यावरण के मामले में वह बेहद संवेदनशील हैं और वह भी पिछले कई सालों से अपने प्रशंसकों से सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो संदेश देकर ग्रीन दिवाली का समर्थन और आह्वान कर रही हैं। वह कहती हैं, 'इससे धरती में कचरा कम होगा, हवा जहरीली कम होगी और कई सारी जिंदगियां, जो इस रोशनी के पर्व के बाद जिंदगी से हाथ धो बैठती हैं, वो बची रहेंगी।’ इसलिए प्रियंका चोपड़ा हर साल अपने फैंस से ग्रीन दिवाली मनाने की अपील करती हैं।
अनुष्का शर्मा: अनुष्का शर्मा भी अपने प्रशंसकों के साथ-साथ आम लोगों को सुखद, सुरक्षित और खुशियों से भरपूर दिवाली का पर्व मनाने के लिए ग्रीन दिवाली मनाने का अनुरोध करते हैं। अनुष्का शर्मा इस दौरान पशु अधिकारों की बात भी करती हैं और बताती हैं कि कैसे दिवाली के मौके पर बेतहाशा पटाखे फोड़ने के कारण पालतू और गली कूचे के आवारा पशुओं की जान हलकान होती है। अनुष्का दिवाली के पर्व को ज्यादा रचनात्मक और खुशियों से भरपूर मनाने के लिए लोगों से इस मौके पर पटाखे फोड़ने की बजाय पौधे लगाने और गरीब लोगों को मिठाई और पौष्टिक भोजन बांटने की गुजारिश करती हैं। उनके मुताबिक इससे खुशियां भी दोगुनी हो जाएंगी और कई लोगों की अंधेरी जिंदगी में खुशहाली की रोशनी भी दिखाई देगी।
अमिताभ बच्चन: सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी पिछले कई सालों से ग्रीन दिवाली को प्रोत्साहित कर रहे हैं। वे हमेशा अपने फैंस से आग्रह करते हैं कि त्योहार की खुशी दोगुनी हो जाती है, जब हम उसे सुखद वातावरण में मनाएं और दिवाली का सुखद वातावरण तभी होगा, जब हम इस दिन वातावरण में पटाखों की जहरीली बारूद ना भरें।
दिवाली सेलिब्रेशन के अन्य तरीके
हालांकि बॉलीवुड के सभी सितारे ग्रीन दिवाली नहीं मनाते। लेकिन कोई भी सितारा ग्रीन दिवाली जैसी अवधारणा का विरोध भी नहीं करता। बॉलीवुड सितारे पटाखों के साथ-साथ दिवाली के मौके पर की जाने वाली सजावट को भी पर्यावरण के अनुकूल रखने की बात करते हैं। इसलिए वह दिवाली के मौके पर की जाने वाली सजावट के लिए मिट्टी के दीयों, प्राकृतिक फूलों और दूसरी बायोडिग्रेडेबल सामग्री के इस्तेमाल की अपील करते हैं और यह भी गुजारिश करते हैं कि वे खुशी के इस मौके पर जितना हो सके चैरिटी करें ताकि जिन लोगों के जीवन में अंधेरा है, उन्हें भी कुछ खुशियों की रोशनी नसीब हो सकें। इस तरह देखें तो बॉलीवुड के सितारे ग्रीन दिवाली का आह्वान करके अपनी सामाजिक जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं।
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: NPCI ने विदेशी प्रतिनिधियों के लिए लॉन्च की UPI One World वॉलेट सेवा, जानें ट्रांजेक्शन की सीमाएं और नियम
दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 आज से शुरू हो गया है, जहां दुनियाभर के टेक दिग्गज शामिल हो रहे हैं। इस वैश्विक आयोजन के मद्देनजर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों की सुविधा के लिए UPI One World वॉलेट सर्विस लॉन्च की है।
यह एक पायलट पहल के रूप में शुरू की गई सेवा विदेशी प्रतिनिधियों को भारत में प्रवास के दौरान आसानी से डिजिटल भुगतान करने में सक्षम बनाएगी। इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य विदेशी मेहमानों को भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जोड़ना है।
क्या है UPI One World वॉलेट
यह एक प्रीपेड डिजिटल वॉलेट सेवा है जो खासतौर पर विदेशी यात्रियों के लिए विकसित की गई है। इस सेवा की खास बात यह है कि विदेशी यूजर्स को भारतीय मोबाइल नंबर या लोकल बैंक में खाता खोलने की कोई आवश्यकता नहीं है।
UPI One World के जरिए विदेशी यूजर्स UPI क्यूआर कोड स्कैन करके वास्तविक समय में पर्सन टू मर्चेंट पेमेंट कर सकेंगे। यह सुविधा 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों के लिए उपलब्ध कराई गई है। एनपीसीआई ने इस सर्विस को नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और भारत मंडपम के भीतर स्थित एनपीसीआई पवेलियन में उपलब्ध कराया है।
वॉलेट सेटअप की प्रक्रिया
UPI ऐप डाउनलोड करने के बाद रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी करनी होगी। इसमें पासपोर्ट और वीजा डिटेल्स सबमिट करने की जरूरत होती है। पहचान के वेरिफिकेशन के लिए सेल्फी अपलोड करनी होगी और UPI पिन सेट करना होगा।
सिस्टम द्वारा अप्रूवल मिलने के बाद यूजर को एक यूनीक UPI आईडी मिलेगी। इसके बाद यूपीआई वॉलेट में इंटरनेशनल डेबिट या क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके रकम लोड की जा सकती है।
ट्रांजेक्शन की सीमाएं और नियम
इस वॉलेट में प्रति ट्रांजेक्शन की अधिकतम लिमिट 25,000 रुपये रखी गई है। यूजर्स इस वॉलेट को हर महीने 2 बार लोड कर सकते हैं, जिसकी मासिक सीमा 50,000 रुपये है।
यदि वॉलेट में कोई बैलेंस बिना इस्तेमाल किए बच जाता है, तो उसे फॉरेन एक्सचेंज नियमों के अनुसार बैंक के ओरिजिनल पेमेंट सोर्स को लौटाया जा सकता है। यह सुविधा यात्रियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की पहल
एनपीसीआई का उद्देश्य विदेशी यूजर्स को भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम तक आसान पहुंच देना है। अक्सर विदेशी मेहमानों को भारत में लोकल पेमेंट सिस्टम के साथ दिक्कतें आती हैं, क्योंकि उन्हें भारतीय बैंक खाता या मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है।
UPI क्यूआर कोड के जरिए पेमेंट करने की यह सुविधा इन समस्याओं का सीधा समाधान है। इससे विदेशी प्रतिनिधि देश में आयोजित होने वाले बड़े इवेंट्स के दौरान बिना किसी परेशानी के खरीदारी और भुगतान कर सकेंगे।
यह पहल भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। AI Impact Summit जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में इस तरह की सुविधाएं भारत की तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करती हैं।
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