NSE IPO से पहले एंकर निवेशकों से जुटाए 6,746 करोड़ रुपये, LIC और Goldman Sachs ने लगाया पैसा
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने बुधवार को एंकर निवेशकों से 6,746.18 करोड़ रुपये जुटाए। एंकर निवेशकों में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), गोल्डमैन सैक्श और फिडेलिटी समेत कई बड़े संस्थागत निवेशक शामिल हैं। कंपनी का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) खुदरा निवेशकों के लिए बृहस्पतिवार को खुलेगा।
एंकर निवेशकों में सिंगापुर का सरकारी निवेश कोष जीआईसी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए), नॉर्गेस बैंक, ईस्टस्प्रिंग और एचएसबीसी ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट भी शामिल हैं। बीएसई की वेबसाइट उपलब्ध परिपत्र के अनुसार, एनएसई ने 150 एंकर निवेशकों को 1,785 रुपये प्रति शेयर की दर से 3.77 करोड़ से अधिक शेयर आवंटित किए। यह उसके आईपीओ मूल्य दायरे की ऊपरी सीमा है।
इससे एंकर निवेश का कुल आकार 6,746.2 करोड़ रुपये रहा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की एंकर बुक में करीब 43 प्रतिशत हिस्सेदारी रही और उन्होंने 2,883 करोड़ रुपये का निवेश किया। अमेरिका, यूरोप और एशिया के 20 से अधिक विदेशी निवेश कोषों ने इसमें हिस्सा लिया।
इनमें सरकारी निवेश कोष, क्षेत्रीय दीर्घकालिक निवेश कोष और वैश्विक म्यूचुअल फंड शामिल थे। घरेलू संस्थागत निवेशकों की भागीदारी भी अच्छी-खासी रही। म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों, पेंशन कोष और अन्य संस्थानों ने इसमें हिस्सा लिया।
25 से अधिक बड़े घरेलू म्यूचुअल फंड और 11 प्रमुख बीमा एवं पेंशन कंपनियों ने करीब 3,588 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो एंकर बुक का 53 प्रतिशत है। इसमें भाग लेने वाले म्यूचुअल फंड में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, एक्सिस म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड, यूटीआई म्यूचुअल फंड, मिराए एसेट म्यूचुअल फंड, टाटा म्यूचुअल फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, एडलवाइस म्यूचुअल फंड और एचएसबीसी म्यूचुअल फंड शामिल हैं। एनएसई में 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली सबसे बड़ी शेयरधारक एलआईसी ने तीन इकाइयों...एलआईसी, एलआईसी म्यूचुअल फंड और एलआईसी पेंशन फंड...के जरिये 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया।
एलआईसी के कुल निवेश में एनएसई शीर्ष पांच कंपनियों में शामिल है। शेयर बाजार में एलआईसी की मौजूदा हिस्सेदारी आईपीओ के तहत पेश की जा रही हिस्सेदारी से भी अधिक है। एसबीआई समूह भी एंकर बुक में शामिल हुआ।
भारतीय स्टेट बैंक और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स के जरिये एनएसई में एक प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने वाला एसबीआई समूह एसबीआई म्यूचुअल फंड, एसबीआई जनरल इंश्योरेंस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और एसबीआई पेंशन फंड के जरिये एंकर दौर में शामिल हुआ। समूह ने 400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया। संस्थागत निवेशकों की यह मजबूत भागीदारी एनएसई के 22,569 करोड़ रुपये के आईपीओ से पहले हुई है।
आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,700 से 1,785 रुपये का मूल्य दायरा तय किया गया है। इस मूल्य दायरे पर एनएसई का बाजार मूल्यांकन करीब 4.2 लाख करोड़ रुपये से 4.42 लाख करोड़ रुपये के बीच होगा। आईपीओ बोली के लिए 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा।
यह निर्गम पूरी तरह मौजूदा शेयरधारकों की ओर से बिक्री पेशकश (ओएफएस) के रूप में है। इसमें मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेचेंगे। एनएसई के 24 सितंबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।
PM Modi ने Semiconductor CEOs के साथ की बैठक, उभरती तकनीकों में भारत को अग्रणी बनाने पर दिया जोर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को स्थिर एवं स्पष्ट नीतिगत माहौल उपलब्ध कराने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि भारत को उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में शुरुआती अग्रणी देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) के साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर आयोजित गोलमेज बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारत के प्रौद्योगिकी भविष्य को आकार देने में सरकार और उद्योग के बीच करीबी सहयोग की जरूरत पर बल दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, मोदी ने भारत में प्रतिभा, प्रौद्योगिकी को अपनाने और बुनियादी ढांचे की मजबूत नींव का उल्लेख करते हुए उद्योग जगत से कौशल विकास, नवाचार तथा कृत्रिम मेधा (एआई) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में अधिक भागीदारी का आह्वान किया।
मोदी ने कहा कि भारत को उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में शुरुआती अग्रणी देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पारिस्थितिकी तंत्र अब बुनियादी प्रयासों के चरण से आगे बढ़कर बड़े पैमाने तथा नए अवसरों वाले चरण में प्रवेश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि नीतियों को प्रौद्योगिकी में बदलाव और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप विकसित होना चाहिए। उन्होंने उद्योग जगत से नीतिगत और प्रशासनिक उपायों पर सुझाव देने को कहा तथा भरोसा दिलाया कि क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए उनके सुझावों पर उचित विचार किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने उद्योग जगत के दिग्गजों से भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास के अगले चरण में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘सेमीकंडक्टर क्षेत्र के सीईओ के साथ हुई बैठक में मैंने केंद्र की ओर से सेमीकंडक्टर उद्योग को पूर्ण समर्थन, स्थिर एवं त्वरित प्रतिक्रिया देने वाला नीतिगत माहौल, कौशल विकास, नवाचार और बुनियादी ढांचे के उन्नयन पर निरंतर ध्यान देने तथा भारत को उभरती प्रौद्योगिकियों में अग्रणी बनाने के सभी प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।’’ इस बैठक में शामिल कंपनी अधिकारियों ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में विनिर्माण, डिजाइन, बुनियादी ढांचे और प्रतिभा विकास में सरकार के प्रयासों की तारीफ की। कंपनियों के सीईओ ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0 के तहत उभरते अवसरों और विनिर्माण, शोध एवं विकास, उन्नत प्रौद्योगिकियों तथा सहायक उद्योगों समेत समूची सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत की क्षमताएं विकसित करने की संभावनाओं पर भरोसा जताया। प्रधानमंत्री मोदी ने एक करोड़ लोगों को एआई का प्रशिक्षण देने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का प्रतिभा आधार और वैश्विक उद्योग क्षेत्र के दिग्गजों का अनुभव एवं क्षमताएं मिलकर महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर सकती हैं।
बैठक में सेमी, माइक्रोन, इन्फिनियॉन, एप्लाइड मैटेरियल्स, एएसएमएल, मर्क, टोक्यो इलेक्ट्रॉन लिमिटेड, फुजीफिल्म, एएमडी, इंटेल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, लैम रिसर्च, रैपिडस, एनएक्सपी, फॉक्सकॉन, सेमीकंडक्टर डिवाइसेज, एडवांटेस्ट, सेलेस्टा कैपिटल, सीजी पावर और आईबीएम रिसर्च समेत विभिन्न संगठनों के सीईओ, प्रमुख और प्रतिनिधि शामिल हुए।
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