तेलंगाना में गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, तालाब में डूबने से 6 मासूम बच्चों की मौत
Ganesh Immersion Tragedy: तेलंगाना के संगारेड्डी जिले से बुधवार को एक बेहद दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां गणेश प्रतिमा के विसर्जन का उल्लास उस समय चीख-पुकार और मातम में बदल गया, जब तालाब में उतरे छह मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई. यह दर्दनाक वाकया पाटनचेरु मंडल के अंतर्गत आने वाले पेड्डाकंजेरला गांव में घटा. एक साथ छह बच्चों की असमय मौत की खबर जैसे ही इलाके में फैली, चारों तरफ सनसनी फैल गई और भारी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े.
विसर्जन के उत्साह के बीच हुआ भयानक हादसा
पेड्डाकंजेरला गांव में गणेश उत्सव को लेकर बच्चों और युवाओं में काफी उत्साह बना हुआ था. बुधवार को गांव के कुछ बच्चे पूरे विधि-विधान के साथ स्थापित की गई गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए स्थानीय नेरेडु चेरुवु (तालाब) पहुंचे थे. मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चे विसर्जन के दौरान किनारे से थोड़ा आगे पानी में उतर गए. इसी दौरान छह बच्चे अनजाने में तालाब के गहरे हिस्से की तरफ चले गए. पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण बच्चे अचानक अपना संतुलन खो बैठे और गहरे पानी में डूबने लगे.
तैरना नहीं जानते थे मासूम, बचाने का मौका तक नहीं मिला
प्रारंभिक सूचनाओं के मुताबिक पानी में उतरे इन बच्चों को तैरना बिल्कुल नहीं आता था. इसी कारण जैसे ही वे तालाब के गहरे गड्ढे में पहुंचे, खुद को संभाल नहीं पाए और घबराकर हाथ-पैर मारने लगे. बच्चों को छटपटाते देखकर किनारे खड़े कुछ अन्य लोगों और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की. कुछ लोगों ने फौरन पानी में छलांग भी लगाई, लेकिन जब तक बच्चों को बाहर निकाला जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. तालाब की गहराई अधिक होने से बच्चों के फेफड़ों में तेजी से पानी भर गया, जिससे उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.
एक ही संस्थान के छात्र थे सभी मृतक, पसरा मातम
इस भीषण हादसे के शिकार हुए सभी छह बच्चे शिरीषा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित एक स्थानीय शैक्षणिक संस्थान के विद्यार्थी बताए गए हैं. ट्रस्ट के संस्थान में पढ़ने वाले इन मासूमों के साथ हुए इस भयानक हादसे ने हर किसी का दिल दहला दिया है. घटना के बाद से ही पूरे पेड्डाकंजेरला गांव और आसपास के क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा हुआ है. बच्चों के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. जिस घर से सुबह बच्चे विसर्जन के गीतों के बीच खुशी-खुशी निकले थे, वहां अब केवल चीत्कार और विलाप सुनाई दे रहा है.
पुलिस और प्रशासन का अमला मौके पर पहुंचा
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत नेरेडु चेरुवु तालाब पर पहुंचे. अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और स्थिति को संभाला. पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव दल की सहायता से सभी छह बच्चों के शवों को पानी से बाहर निकलवाया और आवश्यक विधिक कार्यवाही शुरू की. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल भेज दिया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों और समय की आधिकारिक पुष्टि हो सके.
सुरक्षा इंतजामों और लापरवाही की जांच में जुटा प्रशासन
फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले की गहन पड़ताल कर रहा है. जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विसर्जन स्थल पर सुरक्षा के क्या प्रबंध किए गए थे. बच्चों के साथ कोई वयस्क या जिम्मेदार संरक्षक मौजूद था या नहीं, इस बिंदु पर भी सवाल उठ रहे हैं. क्या तालाब के खतरनाक और गहरे इलाकों के पास कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग लगाई गई थी, प्रशासन इन सभी पहलुओं पर जानकारी जुटा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही हादसे की सही परिस्थितियों का पूरा खुलासा हो सकेगा.
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