देवी-देवताओं को सुनाई गई सजा, अनोखी परंपरा में अदालत लगाकर होता है फैसला
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बर्थडे स्पेशल : 10 साल की उम्र में अकेले ट्रेन से संगीत सुनने निकल पड़ते थे लालगुडी जयरामन, ऐसे बने वायलिन के उस्ताद
मुंबई, 16 सितंबर (आईएएनएस)। लालगुडी जयरामन का नाम कर्नाटक संगीत और वायलिन की दुनिया में बहुत सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने वायलिन को सिर्फ एक वाद्य यंत्र की तरह नहीं बजाया, बल्कि उसकी आवाज में गायकी जैसा भाव पैदा किए। उन्होंने देश-विदेश के बड़े मंचों पर पहचान बनाई, लेकिन बचपन में संगीत सुनना उनके लिए आसान नहीं था। उनके घर में रेडियो तक नहीं था। संगीत सुनने की ऐसी लगन थी कि वह करीब 10 साल की उम्र में अकेले ट्रेन से कॉन्सर्ट सुनने निकल पड़ते थे।
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