आम आदमी पर पड़ेगा असर...UPI चार्ज मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, फैसला वापस लेनी की मांग
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। इसमें केंद्र सरकार के उस हालिया फ़ैसले को चुनौती दी गई है जिसके तहत ₹2,000 से ज़्यादा के कुछ खास P2M (व्यक्ति से व्यापारी) UPI ट्रांज़ैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की अनुमति दी गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह कदम बिना किसी उचित कानूनी सुरक्षा के मनमाना और देशव्यापी वित्तीय बोझ डालता है। वकील आशुतोष दुबे के ज़रिए वकील अंजन दत्ता द्वारा दायर इस याचिका में 14 सितंबर, 2026 को 'पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007' की धारा 10A के तहत जारी गैज़ेट नोटिफिकेशन और 15 सितंबर को घोषित उस फ़्रेमवर्क को चुनौती दी गई है जिसके तहत ज़्यादा वैल्यू वाले कुछ खास UPI ट्रांज़ैक्शन पर MDR लगाया जाएगा। इस फ़्रेमवर्क के तहत, ₹2,000 से ज़्यादा के योग्य P2M UPI ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR लगेगा, जिसमें ₹75,000 और उससे ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन के लिए अधिकतम चार्ज ₹300 होगा। कुछ खास सेक्टर के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। यह फ़्रेमवर्क 15 अक्टूबर से लागू होने वाला है।
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PIL में ₹2,000 की लिमिट के आधार पर सवाल उठाए गए
याचिकाकर्ता ने नए चार्ज और कैटेगरी तय करने के तरीके को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि सरकार ने ₹2,000 के ट्रांज़ैक्शन की लिमिट, ₹1 लाख की मंथली-रिसीट कैटेगरी, अलग-अलग सेक्टर के रेट और ₹75,000 की कैप के पीछे के डेटा या सिद्धांतों को सार्वजनिक नहीं किया है। याचिका में लिमिट से ठीक ऊपर और नीचे के ट्रांज़ैक्शन के बीच के अंतर पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका के अनुसार, ₹2,001 के ट्रांज़ैक्शन पर प्रतिशत-आधारित चार्ज लगेगा, जबकि ₹2,000 के ट्रांज़ैक्शन पर नहीं। इससे एक ऐसी स्थिति पैदा होगी जिसे "क्लिफ" (अचानक बड़ा बदलाव) कहा जा सकता है; यह ट्रांज़ैक्शन के व्यवहार को प्रभावित कर सकता है और एक जैसी स्थिति वाले व्यापारियों के साथ असमान व्यवहार का कारण बन सकता है। याचिकाकर्ता ने उस प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं जिसके ज़रिए विस्तृत MDR फ्रेमवर्क लागू किया गया था। उनका तर्क है कि रेट तय करने और कैटेगरी बनाने जैसे ज़रूरी फ़ैसले साफ़ कानूनी मानकों, जानकारी को सार्वजनिक किए बिना और रेगुलेटरी निगरानी के बिना किसी और को नहीं सौंपे जा सकते।
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MDR फ़ैसले से जुड़े रिकॉर्ड की मांग
PIL में इस फ़ैसले से जुड़े सभी रिकॉर्ड मांगे गए हैं। इनमें फ़्रेमवर्क का कानूनी आधार, UPI और सर्विसेज़ स्टीयरिंग कमिटी का गठन और अधिकार, उनके फ़ैसले और मीटिंग की जानकारी (मिनट्स) शामिल हैं। साथ ही, MDR रेट तय करने और UPI इकोसिस्टम में प्राइवेट पार्टिसिपेंट्स के बीच चार्ज बांटने का कानूनी आधार भी मांगा गया है। याचिकाकर्ता ने इस फ़्रेमवर्क को रद्द करने या उस पर रोक लगाने की मांग की है, क्योंकि यह ₹2,000 से ज़्यादा के UPI ट्रांज़ैक्शन पर MDR लगाता है।
UPI Payment News | 2000+ के पेमेंट पर 8 रुपये फीस कैसे बंटेगा पैसा? Donald Trump | Hindi News |Sumit
UPI Payment News | Chakraview | Sumit Awasthi | नए नियमों में ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR तय किया गया है, जबकि P2P भुगतान मुफ्त रहेंगे। सरकार ने कहा है कि यह व्यवस्था UPI इकोसिस्टम की स्थिरता और संचालन के लिए है। वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस बदलाव से अमेरिकी कार्ड कंपनियों को फायदा पहुंच सकता है और इसे अमेरिकी दबाव से जोड़ा है। सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि डिजिटल पेमेंट नीति स्वतंत्र है। #chakraview #sumitawasthi #upi #upipayment #donaldtrump #pmmodi #upinews #upirules #upiframework #upicharges #upimdr #hindinews You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat
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