हरियाणा के 12 हजार शिक्षकों पर संकट:HTET जरूरी, नहीं तो नौकरी छोड़ो या रिटायरमेंट लो, पश्चिम बंगाल में 90 हजार टीचर्स के लिए एग्जाम की तैयारी
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत उन 12 हजार शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिन्होंने अब तक हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) पास नहीं की है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय (हरियाणा) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के तहत बिना HTET पास किए नौकरी कर रहे शिक्षकों को अब यह परीक्षा पास करनी होगी। जो टीचर यह परीक्षा नहीं देंगे, उन्हें नौकरी छोड़नी होगी या कंप्लसरी रिटायरमेंट दे दिया जाएगा। उन्हें प्रमोशन भी नहीं मिलेगा। हालांकि, सरकार ने इसमें रिटायरमेंट के 5 साल से कम या अधिक सेवा वाली शर्त भी जोड़ी है। निदेशालय ने भिवानी बोर्ड (BSEH) को साल में दो बार HTET परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि शिक्षकों को परीक्षा पास करने का पर्याप्त मौका मिल सके। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से हुई थी टीचर्स के लिए HTET शुरू शिक्षा निदेशालय के अनुसार, यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा सिविल अपील संख्या 1385/2025 (अंजुमन इशात-ए-तलीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य) में 1 सितंबर 2025 को दिए गए आदेश और रिव्यू पिटीशन में 29 मई 2026 को पारित आदेशों के अनुसार लिया गया है। निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEOs) को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी शिक्षकों तक यह सूचना तुरंत पहुंचाएं। इस फैसले के खिलाफ हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन फिर से सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बैंच में याचिका दायर करने पर विचार कर रही है। इसके बाद पश्चिम बंगाल में TET की तैयारी पश्चिम बंगाल के स्कूल शिक्षा विभाग ने इन-सर्विस प्राइमरी शिक्षकों के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) कराने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के चलते उठाया गया है। इस प्रक्रिया के अंदर करीब 90 हजार इन-सर्विस शिक्षक आ सकते हैं। हालांकि, अभी परीक्षा की तारीख, आवेदन प्रक्रिया और शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। किन शिक्षकों को देना होगा TET यह मामला खास तौर पर उन इन-सर्विस शिक्षकों से जुड़ा है, जिनकी नियुक्ति RTE Act, 2009 के लागू होने से पहले हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवा में पांच साल से अधिक समय बाकी है, उन्हें TET पास करना होगा, तभी वे सेवा में बने रह सकेंगे। वहीं, जिन शिक्षकों के रिटायरमेंट में पांच साल या उससे कम समय बचा है, उन्हें नौकरी जारी रखने के लिए TET से छूट दी गई है। हालांकि, जो शिक्षक प्रमोशन चाहते हैं उनके लिए भी TET पास करना जरूरी होगा। शिक्षकों ने जताई नाराजगी सरकार के इस कदम के बाद पश्चिम बंगाल में शिक्षक संगठनों की ओर से विरोध भी किया जा रहा है। कुछ संगठनों का कहना है कि लंबे समय से पढ़ा रहे शिक्षकों पर नौकरी के दौरान दोबारा पात्रता परीक्षा का फैसला सही नहीं है। उन्होंने खासकर पुराने नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से बाहर रखने की मांग की है। यूपी में टीचर के लिए UPTET पास करना जरूरी 1 सितंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने फैसला दिया कि बगैर TET पास किए प्राइमरी शिक्षक बने उम्मीदवारों को भी अब TET पास करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। ऐसे में 1.85 लाख कैंडिडेट्स ने 2 से 4 जुलाई 2026 के बीच आयोजित हुई UPTET परीक्षा दी। हालांकि, शिक्षकों ने इस फैसले का जमकर विरोध किया। इस संबंध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजे गए और संसद में भी इस कानून में संशोधन की मांग उठाई। लेकिन ये सारी कोशिशें सुप्रीम कोर्ट के परीक्षा अनिवार्य करने के फैसले के सामने बेकार रहीं। तनाव में हुई 2 शिक्षकों की मौत कई ऐसे शिक्षक भी हैं, जो 20 - 25 साल से पढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी नौकरी के बाद फिर से परीक्षा लेना कहां तक तर्कसंगत है? शिक्षक संघों का दावा है कि इसी तनाव में 2 शिक्षकों की मौत भी हो चुकी है। एग्जाम देने के लिए दी स्कूल से छुट्टी यूपी सरकार ने इस एग्जाम को लेकर सेवारत शिक्षकों के लिए दो बड़े फैसले लिए हैं। पहला अब कार्यरत शिक्षकों के लिए भी TET आयोजित की जाएगी। दूसरा UPTET में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए स्कूल से छुट्टी भी मिलेगी। यह परीक्षा साल में 2 बार कराई जाएगी। विभाग ने परीक्षा पास करने के लिए 2 साल का समय तय किया है। इसके बाद भी परीक्षा पास न कर पाने पर नौकरी जाएगी। फिर चाहे टीचर्स की उम्र 40-45 साल ही क्यों न हो। HTET को लेकर शिक्षा निदेशालय का नया नोटिस ---------------------------------------------------------------------------- खबर भी पढ़ें इंडियन आर्मी में अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी:ट्राइबल कम्युनिटी और धार्मिक टैटू बनवा सकते हैं, ये 6 तरह के टैटू प्रतिबंधित इंडियन आर्मी ने अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी की है। इसमें बताया गया है कि शरीर पर कहां टैटू बनवाया जा सकता है और कहां नहीं। अग्निवीर भर्ती में शारीरिक गतिविधियों के साथ उम्मीदवारों के पूरे शरीर की जांच की जाती है। साथ में शरीर पर टैटू भी देखा जाता है क्योंकि सेना में टैटू को लेकर कड़े नियम तय किए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें
Telangana में Semiconductor उद्योग लगाएगा Singapore, CM Revanth Reddy से मिले प्रतिनिधि
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सिंगापुर की कंपनियों को तेलंगाना में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है, क्योंकि राज्य सरकार संभावित निवेशकों को हर तरह की मदद देने के लिए तैयार है। सिंगापुर के व्यापार और उद्योग मंत्रालय के तहत ऊर्जा बाजार विभाग के स्थायी सचिव ऑगस्टीन ली के नेतृत्व में सिंगापुर के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज विधानसभा में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक के दौरान सिंगापुर के प्रतिनिधियों ने तेलंगाना में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने की अपनी इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने तेलंगाना में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए सिंगापुर की कंपनियों का स्वागत करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार राज्य में उनके निवेश को पूरा समर्थन देगी। प्रतिनिधियों ने निवेश प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
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मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई कई बड़ी विकास परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी और सिंगापुर से आर्थिक मदद मांगी। जारी बयान के अनुसार, सिंगापुर के प्रतिनिधियों को इस साल दिसंबर में 'भारत फ्यूचर सिटी' में होने वाले प्रतिष्ठित 'तेलंगाना ग्लोबल समिट' में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मूसी नदी के कायाकल्प प्रोजेक्ट और 'फ्यूचर सिटी' के विकास की मुख्य विशेषताओं के बारे में बताया। बैठक में मूसी प्रोजेक्ट के पहले चरण के चल रहे कामों - जिसमें मूसी और ईसा नदियों के संगम से गांधी सरोवर तक का हिस्सा शामिल है - और 'नाइट इकोनॉमी' को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने 'भारत फ्यूचर सिटी' को नेट-ज़ीरो शहर के तौर पर विकसित करने और हैदराबाद को पर्यटन स्थल से नॉलेज हब में बदलने पर भी ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल को हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड, MIT और लंदन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस जैसे दुनिया के मशहूर विश्वविद्यालयों के साथ तेलंगाना सरकार के उन समझौतों के बारे में बताया, जिनके तहत वे हैदराबाद में अपने ऑफ़शोर कैंपस स्थापित करेंगे।
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बैठक में राज्य सरकार के सलाहकार के. रामकृष्ण राव, दक्षिण एशिया के सीनियर डायरेक्टर डॉ. फ्रांसिस चोंग, कॉन्सल-जनरल विलियम चिक और सिंगापुर के अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
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