Responsive Scrollable Menu

अमेरिका में AI को लेकर तीन खेमे:मस्क को सभ्यता मिटने का डर, ट्रम्प को चीन से पिछड़ने की चिंता, तीसरा पक्ष इंसानी कंट्रोल चाहता

अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर बहस तेज हो गई है। यहां AI के विकास की रफ्तार को लेकर तीन अलग-अलग खेमे बन गए हैं। इलॉन मस्क समेत कुछ टेक दिग्गजों को डर है कि AI अगर इंसानों के कंट्रोल से बाहर हुआ तो इसका असर पूरी मानव सभ्यता पर पड़ सकता है। उन्होंने AI को परमाणु हथियार से भी खतरनाक बताया है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प AI के विकास को धीमा करने के पक्ष में नहीं हैं। उनका जोर अमेरिका को AI की दौड़ में चीन से आगे रखने पर है। उनका मानना है कि ज्यादा रोक-टोक से अमेरिका को नुकसान हो सकता है। तीसरा खेमा AI को रोकने के बजाय उसके विकास के साथ सुरक्षा नियम और इंसानी निगरानी बनाए रखने की बात कर रहा है। यानी एक तरफ AI के खतरों को लेकर चिंता है, दूसरी तरफ चीन से पीछे छूटने का डर और बीच में ऐसा रास्ता तलाशने की कोशिश है, जिसमें AI आगे भी बढ़े और उसका कंट्रोल इंसानों के हाथ में रहे। राष्ट्रपति ट्रम्प AI पर निगरानी के खिलाफ पिछले एक हफ्ते में AI के विकास को धीमा करने की मांग अमेरिकी राजनीति के बड़े मुद्दों में शामिल हो गई है। कई टेक कंपनियों के बड़े अधिकारी AI पर ज्यादा सावधानी और नियमों की बात कर रहे हैं, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसका विरोध कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि AI पर नियंत्रण की मांग करने वालों में अमेरिका के राजनीतिक वामपंथी और दक्षिणपंथी, दोनों तरफ के लोग शामिल हैं। आम तौर पर इन दोनों विचारधाराओं में बहुत कम मुद्दों पर सहमति होती है, लेकिन AI के मामले में दोनों तरफ के कुछ नेता इसे नियंत्रित करने की जरूरत मानते हैं। AI को लेकर इस लड़ाई का असर सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे तय होगा कि आने वाले समय में AI हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में किस तरह इस्तेमाल होगा और दुनिया के लिए इसके नियम कौन तय करेगा। AI का विकास धीमा करने के पक्ष में… डारियो अमोडेई डारियो अमोडेई AI कंपनी एंथ्रोपिक के को-फाउंडर और CEO हैं। उन्होंने 2021 में OpenAI छोड़कर एंथ्रोपिक शुरू की थी। कंपनी ने खुद को AI की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने वाली कंपनी के तौर पर पेश किया है। अमोडेई कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि भविष्य की AI बेहद खतरनाक हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा है कि इसका इस्तेमाल जैविक हथियार बनाने जैसे खतरनाक कामों में हो सकता है। वह AI पर सरकारी नियम बनाए जाने की मांग करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने 3,800 शब्दों का एक लेख लिखकर दुनियाभर में AI के विकास की रफ्तार धीमी करने की योजना सामने रखी। रुख बदलने वाले… सैम ऑल्टमैन सैम ऑल्टमैन OpenAI के को-फाउंडर और CEO हैं। 2023 में उन्होंने AI से इंसानों के खत्म होने के खतरे से जुड़े एक बयान पर हस्ताक्षर किए थे। उसी साल अमेरिकी सीनेट में उन्होंने ताकतवर AI मॉडल पर नियम बनाने का समर्थन भी किया था। हालांकि, 2025 के बीच तक उनका रुख कुछ बदल गया। उन्होंने कहा कि AI में बड़े बदलाव धीरे-धीरे होंगे और उन्हें संभालना संभव होगा। लेकिन जुलाई 2026 में OpenAI ने खुद माना कि टेस्ट के दौरान उसके दो मॉडल्स जानबूझकर टेस्टिंग से निकल भागे और चोरी की लॉगिन डिटेल्स और सिक्योरिटी खामी का इस्तेमाल कर AI कंपनी Hugging Face के सर्वर तक पहुंच गए। वो भी बिना किसी इंसानी दखल के। इसके बाद ऑल्टमैन ने कहा कि अब AI के विकास की रफ्तार धीमी करने का समय आ गया है। उन्होंने अमोडेई की इस बात से सहमति जताई कि AI मॉडल के विकास की रफ्तार कम होनी चाहिए। इलॉन मस्क इलॉन मस्क xAI, स्पेसX और टेस्ला के CEO हैं। मस्क लंबे समय से कहते रहे हैं कि AI के खतरनाक होने की संभावना करीब 10 से 20% है। उन्होंने AI को परमाणु हथियारों से भी ज्यादा खतरनाक बताया है और समय रहते नियम बनाने की मांग की है। हालांकि, उन्होंने xAI शुरू की और राष्ट्रपति ट्रम्प को चुनाव में जिताने के लिए बड़ी रकम खर्च की। ट्रम्प प्रशासन में वह कुछ समय तक नियमों में ढील देने से जुड़े काम से भी जुड़े रहे। इसके बावजूद शनिवार को सोशल मीडिया पर मस्क ने अमोडेई की AI को धीमा करने की मांग का समर्थन किया और लिखा कि "डारियो सही हैं।" AI पर बीच का रास्ता चाहते हैं… सत्या नडेला सत्या नडेला माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और CEO हैं। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट और OpenAI के बीच बड़ी साझेदारी को आगे बढ़ाया है। हाल के समय में माइक्रोसॉफ्ट ने अपने खुद के AI टूल्स पर भी जोर बढ़ाया। नडेला ने हाल ही में कहा कि AI का विकास सोच-समझकर और कंट्रोल्ड रफ्तार से होना चाहिए। वह एडवांस्ड AI सिस्टम पर इंसानों की निगरानी के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि ऐसी सुपरइंटेलिजेंस विकसित करने का कोई मतलब नहीं है जो इंसानों के कंट्रोल में न रहे या जिसका फायदा लोगों को न मिले। इसके साथ ही वह AI के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और खुले AI सिस्टम का भी समर्थन करते हैं। सुंदर पिचाई सुंदर पिचाई अल्फाबेट और गुगल के CEO हैं। पिचाई कई सालों से कहते रहे हैं कि AI इतना जरूरी है कि इस पर सही तरीके से नियम बनने चाहिए। उन्होंने AI के खतरों को भी माना है। हालांकि, वह बहुत कड़े नियमों के बजाय AI के अलग-अलग इस्तेमाल के हिसाब से नियम बनाने के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि AI से मिलने वाले फायदों को हासिल करने में पीछे रहना भी बड़ा खतरा हो सकता है। मार्क जुकरबर्ग मार्क जुकरबर्ग मेटा के चेयरमैन और CEO हैं। उनका मानना है कि AI का कुछ बड़ी कंपनियों के हाथों में सीमित हो जाना ज्यादा बड़ा खतरा है। इसके मुकाबले AI तक ज्यादा लोगों की पहुंच को वह सुरक्षा का एक तरीका मानते हैं। जुकरबर्ग ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका में AI मॉडल जारी करने की रफ्तार धीमी हुई तो इसका फायदा चीन को मिल सकता है। हालांकि, वह AI की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को भी मानते हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि मेटा भविष्य में अपने सबसे शक्तिशाली AI मॉडल सभी के लिए खुले तौर पर जारी नहीं कर सकती। एलेक्जेंडर वेंग एलेक्जेंडर वेंग 2025 में Meta से जुड़े और कंपनी में AI से जुड़े बड़े कामों की जिम्मेदारी संभाली। वह मेटा के डिजिटल असिस्टेंट AI एजेंट ‘म्यूस’ के विकास से भी जुड़े हैं। वेंग ने एक स्ट्राटिजी पेपर में सुपरइंटेलिजेंस को परमाणु बम के बाद सबसे खतरनाक बताया है। उनका मानना है कि AI को लेकर अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा और दूसरे देशों को रोकने वाली रणनीति के नजरिए से भी सोचना चाहिए। AI का विकास तेजी से जारी रखने के पक्ष में जेनसन हुआंग जेनसन हुआंग एनवीडिया के को-फाउंडर और CEO हैं। एनवीडिया के चिप्स का इस्तेमाल AI इंडस्ट्री की ज्यादातर कंपनियां करती हैं। हुआंग AI के विकास के सबसे बड़े समर्थकों में शामिल हैं। उनका कहना है कि किसी भी कंपनी को सरकार से AI पर ज्यादा नियम बनाने की मांग नहीं करनी चाहिए। AI से नौकरियां जाने और अमेरिका से दूसरे देशों को चिप्स भेजने पर भी उनका एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई से सार्वजनिक मतभेद रहा है। डेविड सैक्स डेविड सैक्स टेक निवेशक हैं और ट्रम्प प्रशासन में AI और क्रिप्टो से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। सैक्स वह AI को लेकर डर के आधार पर नियम बनाने की मांगों का विरोध करते हैं। उन्होंने अमेरिकी राज्यों की ओर से अलग-अलग AI कानून बनाए जाने का भी विरोध किया है और इसके बजाय कम नियमों वाली खुली नीति का समर्थन किया है। सैक्स का कहना है कि AI कंपनियां खुद ही तकनीक की सीमा आगे बढ़ा रही हैं और उनकी रफ्तार रोकने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। अमेरिकी राजनीति में भी AI को लेकर दो राय नियम बनाने के पक्ष में… बर्नी सैंडर्स बर्नी सैंडर्स वर्मोंट से इंडिपेंडेंट अमेरिकी सीनेटर हैं। वह अमेरिकी संसद में AI के सबसे बोलने वाले आलोचकों में शामिल हैं। सैंडर्स AI को बड़े कारोबारियों के हाथ में मौजूद ऐसी ताकत के रूप में देखते हैं जिससे कामगारों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने नए AI डेटा सेंटर बनाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा उन्होंने बड़ी AI कंपनियों पर 50% टैक्स लगाने का प्रस्ताव दिया है। इस पैसे को एक सार्वजनिक फंड में डालने की बात कही गई है। सैंडर्स ने सुपरइंटेलिजेंस पर स्थायी रोक और तब तक AI के एडवांस विकास को रोकने का भी प्रस्ताव रखा है। नियमों के विरोध में… माइक जॉनसन माइक जॉनसन अमेरिका के लोअर हाउस के स्पीकर हैं। उन्होंने माना है कि AI के खतरे बढ़ रहे हैं, लेकिन वह जल्दबाजी में नियम बनाने के पक्ष में नहीं हैं। NBC के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि लोअर हाउस को जल्दबाजी में ऐसे नियम नहीं बनाने चाहिए जिनसे चीन को फायदा मिल सकता है। जॉनसन ने AI के कारण इंसानों के खत्म हो जाने की आशंकाओं को खारिज किया है। डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने AI में अमेरिका का दबदबा कायम करना अपनी प्राथमिकता बनाई है। वह इसे अमेरिका और चीन के बीच एक ऐसी दौड़ के रूप में देखते हैं जिसे अमेरिका को जीतना जरूरी है। ट्रम्प ने AI के तेजी से विकास पर जोर दिया है। इसमें AI डेटा सेंटर के लिए जरूरी बिजली की व्यवस्था बढ़ाना और ओपन AI मॉडल को समर्थन देना भी शामिल है। एनवीडिया के जेनसन हुआंग के साथ एक कॉन्फ्रेंस में बातचीत के दौरान ट्रम्प ने संकेत दिया कि वह AI के विकास में सरकारी दखल देने के पक्ष में नहीं हैं। ---------------------- यह खबर भी पढ़ें… ओपनएआई का 90 साल पुरानी गणित पहेली सुलझाने का दावा: यह दुनिया के 7 सबसे मुश्किल सवालों में एक; 88 घंटे में जवाब ढूंढा ओपनएआई ने दावा किया है कि उसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने गणित की दुनिया के सबसे मुश्किल सवालों में से एक को सॉल्व कर दिया है। AI को इसे सुलझाने में सिर्फ 88 घंटे लगे। पूरी खबर पढ़ें…

Continue reading on the app

UK PM Andy Burnham reacts to village that voted to leave the UK. #BBCNews

Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #BBCNews

Continue reading on the app

  Sports

Suryakumar Yadav lalbaugcha raja: घर में बेटी हो... लालबागचा राजा ने पूरी की मन्नत, अब माथा टेकने पहुंचे सूर्यकुमार यादव

Suryakumar Yadav lalbaugcha raja: अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब दिलाने वाले दिग्गज क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव मुंबई के मशहूर गणेश पंडाल लालबागचा राजा के दर पर आशीर्वाद लेने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में मीडिया से दिल खोलकर बात की. सूर्या ने बताया कि कैसे उन्होंने एक बेटी की मुराद मांगी थी और गणपति बप्पा ने इसे पूरा कर दिया. Thu, 17 Sep 2026 06:54:03 +0530

  Videos
See all

Meenakshi Temple: मीनाक्षी मंदिर में Mahakumbabhishekam की भव्य तैयारी, Drone VIDEO आया सामने #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-17T01:38:39+00:00

'किसी खास धर्म को इशारा करके...' UCC बिल पर RSS के Indresh Kumar का बड़ा बयान | Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-17T01:38:07+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers