टॉयलेट के समय दर्द और खून आना बवासीर है या फिशर? ऐसे समझें दोनों में फर्क
Piles And Fissure Between: अगर टॉयलेट में बार-बार खून आ रहा है, दर्द ज्यादा है, लक्षण लगातार बने हुए हैं या देखभाल के बावजूद समस्या ठीक नहीं हो रही है तो डॉक्टर से टेस्ट करानी चाहिए. यह बवासीर है या फिशर के संकेत हो सकते हैं.
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चलेगा या हटेगा 'इम्पैक्ट प्लेयर'? IPL गवर्निंग काउंसिल की बैठक में फंसा पेंच, एक महीने बाद होगा फैसला
IPL 2027: इंडियन प्रीमियर लीग 2027 को लेकर 15 सितंबर को IPL गवर्निंग काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक हुई थी. इस मीटिंग में आईपीएल की सबसे चर्चित और विवादास्पद नियम 'इम्पैक्ट प्लेयर नियम' को लेकर भी चर्चा हुई. हालांकि इस मीटिंग में 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है. बीसीसीआई ने इस मामले को अभी रोक कर रखा है. अब यह नियम आईपीएल में आगे रहेगा या इसे हमेशा के लिए हटा दिया जाएगा, इसका पक्का फैसला ठीक एक महीने बाद होने वाली अगली मीटिंग में किया जाएगा.
IPL गवर्निंग मीटिंग के बाद बढ़ी फ्रेंचाइजी टीमों की टेंशन
15 सितंबर को हुई आईपीएल की मीटिंग में एक और बड़ा फैसला लिया गया कि अगले सीजन की मिनी-नीलामी विदेशों में नहीं, बल्कि भारत में ही होगी. लेकिन दूसरी तरफ, 'इम्पैक्ट प्लेयर नियम' पर कोई पक्का फैसला नहीं हो पाया, जिसने सभी 10 टीमों और क्रिकेट फैंस के सस्पेंस को बढ़ा दिया है.
'इम्पैक्ट प्लेयर नियम' को लेकर 2 गुटों में बंटी IPL टीमें
गवर्निंग काउंसिल की बैठक से पहले, बीसीसीआई ने सभी 10 आईपीएल फ्रेंचाइजी से इस नियम पर उनका फीडबैक मांगा था. लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो टीम मालिकों के बीच इसे लेकर सहमति नहीं बन पाई है और सबकी राय अलग-अलग बंटी हुई है. अधिकांश फ्रेंचाइजी का कहना है कि 'इम्पैक्ट प्लेयर' की वजह से क्रिकेट का असली संतुलन बिगड़ रहा है, और इसे अब स्थाई तौर पर बंद कर देना चाहिए.
वहीं कुछ टीमों का कहना है कि उन्होंने अपनी मौजूदा टीम इसी 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम को ध्यान में रखकर बनाई है. अगर इसे अचानक हटाया गया, तो उनकी पूरी प्लानिंग गड़बड़ हो जाएगी. इसलिए ये टीमें चाहती हैं कि इस नियम को कम से कम एक और सीजन के लिए जारी रखा जाए, और जो भी बड़ा बदलाव करना हो, वो साल 2028 की मेगा-नीलामी से ही लागू किया जाए.
A decision on the impact player rule was left open-ended at the IPL Governing Council meeting on Tuesday. A final decision on the rule is expected to be taken at another meeting in a month#IPL pic.twitter.com/46HI2tq1tr
— Cricbuzz (@cricbuzz) September 16, 2026
आखिर क्यों विवादों में है 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम?
साल 2023 में शुरू हुए इस नियम के तहत टीमों को मैच के बीच में अपनी प्लेइंग-11 से किसी भी एक खिलाड़ी को बदलने की छूट मिलती है. इसकी जगह टीम एक एक्स्ट्रा स्पेशलिस्ट बल्लेबाज या गेंदबाज को मैदान पर उतार सकती है. हालांकि, इसके दो बड़े नुकसानों की वजह से इस नियम की लगातार कड़ी आलोचना हो रही है.
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