अरब सागर में भारतीय युद्धपोत से टकराया PAK नेवी शिप: दिल्ली में पाकिस्तानी डिप्लोमैट तलब; 2011 में भी हुई थी ऐसी घटना
उत्तरी अरब सागर में मंगलवार शाम भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत और पाकिस्तानी नौसेना के जहाज के बीच टक्कर के बाद भारत ने बुधवार को राजनयिक स्तर पर विरोध दर्ज कराया। भारतीय सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय भारतीय युद्धपोत अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार से उसके करीब आया और कथित तौर पर असुरक्षित तरीके से आगे बढ़ा, जिसके चलते दोनों जहाजों में टक्कर हो गई। घटना में किसी के घायल होने या भारतीय युद्धपोत को कोई बड़ा नुकसान होने की खबर नहीं है।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तानी नौसेना के व्यवहार को “अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर” बताया है। भारतीय नौसेना ने भी तय सैन्य चैनलों के जरिए पाकिस्तान के सामने यह मामला उठाया है।
कैसे हुई भारतीय और पाकिस्तानी जहाजों की टक्कर?
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय युद्धपोत नॉर्थ अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तान का ऑफशोर पेट्रोल जहाज PNS Hunain उसके करीब पहुंचा।
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जहाज की ओर से समुद्री रेडियो के चैनल 16 पर कई बार चेतावनी दी गई। इसके बावजूद पाकिस्तानी जहाज ने अपनी गति बढ़ाई और भारतीय युद्धपोत के आगे से गुजरने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों जहाजों में टक्कर हो गई।
भारतीय पक्ष के मुताबिक, घटना में युद्धपोत को कोई स्ट्रक्चरल डैमेज नहीं हुआ और कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। टक्कर के बाद भी भारतीय युद्धपोत ने अपना मिशन जारी रखा।
भारत ने 1991 के समझौते का हवाला क्यों दिया?
भारत ने इस मामले में 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते के Article 10 का हवाला दिया है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों को एक-दूसरे से कम से कम 3 नॉटिकल मील की दूरी बनाए रखने का प्रावधान है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
MEA ने पाकिस्तान से कहा है कि उसकी सैन्य इकाइयों को समुद्र में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करना चाहिए। भारत ने इस्लामाबाद में अपने चार्ज डी'अफेयर्स को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने भी विरोध दर्ज कराने को कहा है।
2011 में भी हुई थी ऐसी घटना
भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के जहाजों के बीच टक्कर का यह पहला मामला नहीं है। 2011 में INS Godavari और PNS Babur के बीच अदन की खाड़ी में ऐसी ही घटना हुई थी। उस समय दोनों देशों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे।
भारत के तत्कालीन आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, पाकिस्तान ने INS Godavari पर गलत व्यवहार और खतरनाक तरीके से आगे बढ़ने का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि PNS Babur तेज गति से भारतीय जहाज के पास आया, जिससे टक्कर की स्थिति बनी। उस मामले में भी 1991 के समझौते के Article 10 का हवाला दिया गया था।
अब आगे क्या?
मौजूदा घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। भारतीय पक्ष ने कहा है कि समुद्र में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दोनों देशों की सैन्य इकाइयों को तय सुरक्षा नियमों और द्विपक्षीय समझौतों का पालन करना चाहिए।
फर्जी एक्सपीरियंस सार्टिफिकेट और सैलरी स्लिप से बना CEO, लिया लाखों का पैकेज… ऐसे खुली जालसाज की पोल, अरेस्ट
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi








