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अरब सागर में आमने-सामने आए भारत-पाकिस्तान के युद्धपोत, बढ़ा तनाव; जानिए क्या है पूरा मामला

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का एक नया मामला समुद्र से सामने आया है. अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के भीतर भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत और पाकिस्तान नौसेना के एक जहाज के बीच टक्कर हुई है. घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है. भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, टक्कर के बावजूद भारतीय युद्धपोत को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. घटना के बाद भारत ने इसे गंभीरता से लेते हुए पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक प्रतिनिधि को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया.

कैसे हुआ दोनों युद्धपोतों का आमना-सामना?

भारतीय पक्ष के अनुसार, भारतीय युद्धपोत अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था. इसी दौरान पाकिस्तान नौसेना का जहाज तेज गति से भारतीय पोत के करीब आया. भारत का आरोप है कि पाकिस्तानी नौसैनिक इकाई ने असुरक्षित और गैर-पेशेवर तरीके से दिशा बदली, जिसके बाद दोनों जहाजों की टक्कर हो गई.

अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सैन्य जहाजों की आवाजाही के दौरान एक-दूसरे की स्थिति और दूरी पर लगातार नजर रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है. खासकर भारत और पाकिस्तान जैसे दो संवेदनशील पड़ोसी देशों की नौसेनाओं के मामले में किसी भी गलत आकलन से स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी बड़े नुकसान या गंभीर हताहत की सूचना नहीं है.

भारत ने क्यों उठाया राजनयिक कदम?

घटना के बाद भारत ने केवल नौसेना स्तर पर मामला रखने के बजाय इसे राजनयिक माध्यम से भी उठाया. विदेश मंत्रालय ने 16 सितंबर को नई दिल्ली में पाकिस्तान के चार्ज डी'अफेयर्स को तलब किया और पाकिस्तान नौसेना की कार्रवाई को भारत ने 'अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर' बताया.

भारत ने पाकिस्तान से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उसके सैन्य जहाज समुद्र में पर्याप्त सावधानी बरतें और दोनों देशों के बीच मौजूद समझौतों का पालन करें. भारत ने इस्लामाबाद में अपने राजनयिक प्रतिनिधि को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं.

क्या यह सैन्य हमला माना जाएगा?

फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर इस घटना को सैन्य हमले के रूप में पेश नहीं किया गया है. भारत ने इसे पाकिस्तानी नौसैनिक इकाई के कथित असुरक्षित और गैर-पेशेवर आचरण से जुड़ी घटना बताया है.

यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच किसी दुर्घटना और जानबूझकर किए गए सैन्य हमले की प्रकृति पूरी तरह अलग होगी. मौजूदा जानकारी में भारत ने राजनयिक विरोध दर्ज कराया है, लेकिन इसे सैन्य कार्रवाई के रूप में नहीं बताया गया है.

समुद्र में पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद

भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच समुद्र में नजदीकी मुठभेड़ या जोखिम भरे नौवहन का विवाद नया नहीं है. 2011 में भी भारतीय नौसेना के आईएनएस गोदावरी और पाकिस्तान नौसेना के पीएनएस बाबर को लेकर विवाद हुआ था.

उस समय दोनों देशों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे. भारत ने पाकिस्तान के जहाज पर जोखिम भरे तरीके से संचालन करने का आरोप लगाया था और 1991 के समझौते के अनुच्छेद 10 का हवाला दिया था. भारत के विदेश मंत्रालय के पुराने रिकॉर्ड में भी उस घटना और दोनों पक्षों के विरोध का उल्लेख मिलता है.

इससे पता चलता है कि दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना लंबे समय से एक महत्वपूर्ण सुरक्षा मुद्दा रहा है.

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सरकारी नौकरी के साथ रोजगार पर फोकस, उत्तराखंड में 34 हजार से ज्यादा युवाओं को मिली नियुक्ति

Uttarakhand Government Jobs: उत्तराखंड में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर सरकार का फोकस है. सरकारी नौकरी के साथ युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, स्वरोजगार और स्टार्टअप के लिए भी मदद देने की बात कही जा रही है. राज्य सरकार के हालिया आंकड़ों और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वक्तव्य के अनुसार, पिछले साढ़े चार वर्षों में 34 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है. 

सरकार का कहना है कि इन भर्तियों में पारदर्शिता पर खास जोर दिया गया. भर्ती प्रक्रिया में नकल और गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया. सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी सिफारिश के आगे बढ़ने का मौका देना है.

कई विभागों में हुई भर्तियां

पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में युवाओं को नियुक्तियां मिली हैं. शिक्षा विभाग में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा से जुड़े पदों पर भर्ती हुई. इनमें सहायक अध्यापक, प्रवक्ता और सहायक प्रोफेसर जैसे पद शामिल हैं. 

पुलिस और गृह विभाग में भी युवाओं को रोजगार मिला है. उप निरीक्षक, पुलिस कांस्टेबल और फायरमैन जैसे पदों पर भर्ती की गई. स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में नर्सिंग अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, लैब टेक्नीशियन और पैरामेडिकल स्टाफ के पदों पर नियुक्तियां हुई हैं.

राजस्व और प्रशासनिक विभाग में पटवारी, लेखपाल और कनिष्ठ सहायक जैसे पदों पर भी युवाओं का चयन हुआ. इसके अलावा पशुपालन और कृषि विभाग में पशुधन प्रसार अधिकारी, सहायक कृषि अधिकारी और प्रयोगशाला सहायक के पदों पर भर्ती की गई.

वन एवं पर्यावरण विभाग में वन आरक्षी और अन्य पदों पर युवाओं को मौका मिला. वहीं, ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्र में सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता जैसे पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया के जरिए नियुक्तियां हुई हैं.

नकल पर सख्ती, भर्ती प्रक्रिया पर जोर

सरकार की ओर से कहा गया है कि सरकारी भर्तियों में नकल और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं. नकल विरोधी कानून को इसी दिशा में एक प्रमुख कदम बताया गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई मौकों पर कह चुके हैं कि सरकारी नौकरी में चयन योग्यता और मेहनत के आधार पर होना चाहिए. सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने से युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है. 

नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

सरकार का फोकस सिर्फ सरकारी नियुक्तियों तक सीमित नहीं है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी सहायता देने की योजना चल रही है. 'मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना' के तहत 11 हजार से ज्यादा पात्र विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन कोचिंग दी जा रही है. इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर या ऐसे युवाओं को तैयारी का अवसर देना है, जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते.  इस तरह सरकार सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को पढ़ाई और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है. 

नौकरी लेने के साथ नौकरी देने पर भी जोर

राज्य सरकार युवाओं को नौकरी देने के साथ उन्हें रोजगार पैदा करने वाला बनाने पर भी जोर दे रही है. इसके लिए स्टार्टअप और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को बढ़ावा देने की बात कही गई है. सरकार का लक्ष्य युवाओं को अपने व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है. इसके जरिए राज्य में रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है. यानी युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने के बजाय उत्तराखंड में ही अपना काम शुरू कर सकें.

स्टार्टअप नीति और दूसरी स्वरोजगार योजनाओं के जरिए युवाओं को कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों और हुनर के आधार पर रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर है.

युवाओं की आवाज के लिए आयोग की तैयारी

सरकार की ओर से उत्तराखंड युवा आयोग के गठन की भी बात कही गई है. इसका उद्देश्य युवाओं से जुड़े मुद्दों, रोजगार के अवसरों और उनकी अपेक्षाओं पर संस्थागत स्तर पर काम करना बताया गया है. कुल मिलाकर, राज्य सरकार की रोजगार नीति में तीन प्रमुख हिस्से नजर आते हैं। पहला, सरकारी विभागों में भर्ती. दूसरा, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग और मार्गदर्शन. तीसरा, स्वरोजगार और स्टार्टअप के जरिए युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना. 

सरकार के अनुसार, पिछले साढ़े चार वर्षों में 34 हजार से ज्यादा सरकारी नियुक्तियां इसी दिशा में एक बड़ा कदम हैं. अब इसके साथ युवाओं को रोजगार देने के बजाय रोजगार पैदा करने वाला बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है. इससे राज्य में युवाओं के लिए नौकरी और स्वरोजगार, दोनों तरह के विकल्प बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

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  Sports

Rishabh Pant को मिली Rest of India की कप्तानी, J&K के खिलाफ श्रीनगर में Irani Cup मैच

भारतीय क्रिकेट में घरेलू सत्र की शुरुआत से पहले ईरानी कप को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। जम्मू-कश्मीर के खिलाफ होने वाले मुकाबले में शेष भारत की कप्तानी ऋषभ पंत करेंगे। पंत को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली एकदिवसीय सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है। ऐसे में ईरानी कप उनके लिए मैदान पर वापसी और अपनी तैयारी दिखाने का अहम मौका होगा।

मौजूद जानकारी के अनुसार पंत को शेष भारत की टीम का कप्तान बनाया गया है, जबकि सरफराज खान को उपकप्तान की जिम्मेदारी दी गई है। पांच दिन का यह मुकाबला 1 से 5 अक्टूबर तक श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में खेला जाएगा। सामने जम्मू-कश्मीर की टीम होगी, जिसने 2025-26 रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता है।

टीम में तेज गेंदबाज आकाश दीप की भी वापसी हो सकती है। निचली कमर में खिंचाव की चोट के कारण लंबे समय से मैदान से बाहर चल रहे आकाश दीप को फिटनेस जांच के बाद खेलने का मौका मिलेगा। खास बात यह है कि उन्होंने अपना पिछला मुकाबला फरवरी 2026 में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ ही रणजी ट्रॉफी में खेला था।

शेष भारत की तेज गेंदबाजी में आकाश दीप के अलावा मुकेश कुमार, मुकेश चौधरी और आर्यन पांडे को शामिल किया गया है। स्पिन विभाग में अनुकूल रॉय के साथ मानव सुथार और सारांश जैन हैं। मानव सुथार और सारांश जैन हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे।

बल्लेबाजी में सरफराज खान के अलावा आर स्मरण और आयुष दोसैजा पर भी नजर रहेगी। दोनों पिछले रणजी ट्रॉफी सत्र में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दो बल्लेबाजों में शामिल रहे थे। विकेटकीपर के तौर पर ऋषभ पंत के साथ आर्यन जुयाल को भी टीम में जगह मिली है।

गौरतलब है कि ईरानी कप घरेलू क्रिकेट के प्रमुख मुकाबलों में गिना जाता है। इसमें रणजी ट्रॉफी विजेता टीम का सामना शेष भारत की टीम से होता है। इस बार जम्मू-कश्मीर के चैंपियन बनने के बाद उसे शेष भारत के खिलाफ खेलने का मौका मिला है।

शेष भारत की 15 सदस्यीय टीम में सनत सांगवान, शिखर मोहन, सुदीप घरामी, स्मरण रविचंद्रन, मानव सुथार, सारांश जैन, आकाश दीप, मुकेश कुमार, मुकेश चौधरी, आर्यन जुयाल, आर्यन पांडे, अनुकूल रॉय और आयुष दोसैजा भी शामिल हैं। वहीं ऋषभ पंत कप्तान और सरफराज खान उपकप्तान होंगे।

Wed, 16 Sep 2026 21:57:00 +0530

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