Shoplifting crisis in England and Wales, according to shops and police | BBC News
Official data shows police forces across England and Wales, excluding the British Transport Police, recorded 502,011 shoplifting offences in 2025-26 alone. More than half of those investigations were closed with no suspect identified. The government said it is exploring other avenues of tackling prolific shoplifting, in addition to prison sentences and drug treatment, such as technology or court orders preventing them from visiting certain shops or areas. Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #Shoplifting #BBCNews
जंतर-मंतर हिंसा, सुप्रीम कोर्ट का जांच कमेटी बदलने से इनकार:कहा- अभी सवाल उठाना जल्दबाजी; 5 सदस्यीय टीम पैलेट गन इस्तेमाल के दावों का पता लगा रही
सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के आरोपों की जांच कर रही हाई-पावर्ड एनक्वायरी कमेटी (HPEC) को बदलने की मांग खारिज कर दी। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि कमेटी ने अभी जांच शुरू ही की है। अभी से आपत्ति जताना जल्दबाजी है। कोर्ट ने कहा कि HPEC पर लगाए गए आरोप महज अनुमान हैं। इसे निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कोर्ट की मदद करने के लिए बनाया गया है। इसका काम किसी एक पक्ष का समर्थन करना नहीं है। 18 अगस्त को बनी थी 5 सदस्यीय कमेटी सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को पांच सदस्यीय HPEC बनाई थी। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं। कमेटी जंतर-मंतर और दूसरी जगहों पर हुई हिंसा की जांच करेगी। इसमें प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के ज्यादा बल प्रयोग और सुरक्षाबलों के खिलाफ हुई हिंसा के आरोप शामिल हैं। कमेटी सीधे सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट करेगी और उसकी निगरानी में काम करेगी। कोर्ट ने कमेटी को सबसे पहले पैलेट गन के इस्तेमाल की जांच करने को कहा है। महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की भी जांच होगी। दोनों पक्षों की ओर से हुई ज्यादा हिंसा और संपत्ति को हुए नुकसान की भी जांच की जाएगी। प्रदर्शन से जुड़े बड़े संवैधानिक सवालों पर कोर्ट बाद में फैसला करेगा। गवाहों की पहचान गुप्त रहेगी कोर्ट ने संवेदनशील गवाहों की पहचान गुप्त रखने का निर्देश दिया है। उनके बयान और सबूत भी गोपनीय रखे जाएंगे। गवाहों के लिए अलग ऑनलाइन पोर्टल बनाने की संभावना है। इसके जरिए वे गोपनीय तरीके से दस्तावेज और सबूत जमा कर सकेंगे। कोर्ट ने कहा कि नोडल काउंसिल सिर्फ कोर्ट की मदद करेगा। वह HPEC, कोर्ट और मामले से जुड़े पक्षों के बीच संपर्क का काम नहीं करेगा। दो वकील अमिकस क्यूरी बनाए गए सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट डॉ. मोनिका गुसैन और एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड सी. सोलोमन को अमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। वे दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ के तौर पर काम करेंगे। HPEC को एक मेंबर सेक्रेटरी नियुक्त करने का निर्देश भी दिया गया है। कमेटी को अपनी पहली रिपोर्ट जल्द कोर्ट में पेश करनी होगी। 14 साल की प्रदर्शनकारी को सुरक्षा देने का आदेश सुनवाई में 14 साल की एक प्रदर्शनकारी और उसके परिवार को मिल रही धमकियों का मामला भी उठा। कोर्ट को बताया गया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली हैं। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को बच्ची और उसके परिवार के खतरे का आकलन करने को कहा। उन्हें जरूरी सुरक्षा देने का भी निर्देश दिया। पुलिस को धमकियों और उत्पीड़न की शिकायतों की जल्द जांच करने को कहा गया है। दिल्ली पुलिस को अगली सुनवाई से पहले स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। ------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… भाजपा प्रवक्ता के खिलाफ पोस्ट डिलीट करेंगे CJP नेता:दीपके, सौरव और रांका को समन; हाईकोर्ट बोला- दोबारा ऐसी पोस्ट आई तो मेटा-X हटाएंगे भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया की मानहानि याचिका पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट के सामने CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने भाटिया के खिलाफ किए गए AI से बने विवादित पोस्ट हटाने पर सहमति जताई। पूरी खबर पढ़ें…
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