UPI Transactions पर चार्ज: Jairam Ramesh बोले- US Card कंपनियों के दबाव में Modi Govt
बुधवार को कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह ज़ीरो MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) को खत्म करने और UPI ट्रांज़ैक्शन पर चार्ज लगाने की अमेरिका की मांग के आगे झुक गई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "NOTA" का नया मतलब "नरेंद्र का ट्रंप को खुश करने का लगातार प्रयास" बताया है। कांग्रेस के कम्युनिकेशन इंचार्ज और महासचिव जयराम रमेश ने यह भी पूछा कि क्या मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर सरकार का यह कदम अमेरिकी कार्ड कंपनियों को UPI से मुकाबला करने में मदद करने के लिए उठाया गया था।
इसे भी पढ़ें: व्यापारियों के 2000 रुपये से अधिक UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू
जयराम रमेश ने कहा कि कल अमेरिकी हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स एक बिल पर वोट करेगा, जिसके तहत भारत पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सीनेट पहले ही इस कठोर कानून को मंज़ूरी दे चुकी है। रमेश ने 'X' पर कहा कि ट्रंप सरकार भारतीय प्रवासियों के खिलाफ भी सख्ती बरत रही है और उनके लिए कड़े कानून बना रही है। उन्होंने कहा कि H-1B वीज़ा की लागत बढ़ा दी गई है और नौकरी छूटने पर ऐसे वीज़ा धारकों को तुरंत देश से निकाला जा सकता है; उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे वीज़ा धारक ज़्यादातर IT प्रोफ़ेशनल होते हैं।
रमेश ने कहा कि यहाँ मोदी सरकार ने US की उस माँग को मान लिया है जिसमें ज़ीरो MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) को खत्म करने और UPI के लिए शुल्क लगाने की बात कही गई थी। US ट्रेड रिप्रेज़ेंटेटिव ने इस साल की शुरुआत में UPI के मुफ़्त होने और इसकी वजह से Visa और Mastercard के बाहर हो जाने की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि MDR 0.4% ही क्यों? क्या इसलिए कि डेबिट कार्ड का MDR भी 0.4% है? क्या ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि US की कार्ड कंपनियाँ UPI से मुक़ाबला कर सकें?
इसे भी पढ़ें: Haryana में ब्लॉक सम्मेलनों से जमीनी स्तर पर मजबूत होगी Congress, संजय दत्त ने बताई रणनीति
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या इससे UPI "सस्टेनेबल" (लंबे समय तक चलने वाला) बनेगा, जैसा कि सरकार का दावा है। रमेश ने कहा कि पूरे UPI इकोसिस्टम को चलाने की अनुमानित लागत सालाना लगभग 20,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि यह उस रकम का 10% से भी कम है जो RBI पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार को ट्रांसफर करता रहा है, ताकि मोदी सरकार के लिए बेहतर सार्वजनिक वित्तीय स्थिति दिखाई जा सके। रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने NOTA का नया मतलब निकाला है - नरेंद्र का लगातार ट्रंप को खुश करने का प्रयास (Narendra's Ongoing Trump Appeasement)।
गणपति विसर्जन में सलमान खान ने की वरुण शर्मा की खिंचाई, बोले: और कितनी विश मांगेगा?”
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









