सऊदी ने मक्का के पास हूती ड्रोन मार गिराया:यह इस्लाम का सबसे पवित्र शहर; हूती बोले- मक्का को कोई खतरा नहीं
सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम ने मंगलवार को मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बुधवार को बताया कि ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही मार गिराया गया। सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए रेड लाइन है। उन्होंने कहा कि गठबंधन हूतियों के खिलाफ जरूरी निवारक कदम उठाएगा। वहीं हूति विद्रोहियों ने मक्का या दूसरे पवित्र स्थलों को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है। हूतियों की समाचार एजेंसी SABA के मुताबिक, संगठन से मक्का या अन्य पवित्र स्थलों को कोई खतरा नहीं है। मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है। यहां मुस्लिमों के प्रमुख पवित्र स्थल हैं और हर साल दुनिया भर से लाखों लोग हज के लिए पहुंचते हैं। हज इस्लाम के पांच प्रमुख धार्मिक कर्तव्यों में शामिल है। अल-मलिकी ने इस घटना को मक्का को निशाना बनाने की हूतियों की दूसरी कोशिश बताया। उनके मुताबिक, इससे पहले जुलाई 2017 में गठबंधन ने हूतियों पर मक्का की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागने का आरोप लगाया था। सऊदी अरब के कई हिस्सों में सुरक्षा अलर्ट मंगलवार को सऊदी अरब के कई हिस्सों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए। इनमें मक्का और अन्य शहर शामिल थे। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ, जब पिछले एक सप्ताह में ईरान समर्थित लड़ाकों के हमलों के बाद सऊदी अरब क्षेत्रीय संघर्ष से और ज्यादा प्रभावित हुआ है। हूतियों के हमलों से सऊदी अरब के उन तेल निर्यात मार्गों पर भी जोखिम बढ़ा है, जिन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से हटाकर वैकल्पिक रास्तों से इस्तेमाल किया जा रहा है। हूतियों ने सऊदी एयरबेस पर हमले का दावा किया हूतियों ने पिछले एक सप्ताह में सऊदी अरब के खिलाफ कई हमलों का दावा किया है। सोमवार को संगठन ने एक एयरबेस को निशाना बनाने की बात कही थी। हूतियों के मुताबिक, यह कार्रवाई यमन पर हुए हवाई हमलों के जवाब में की गई। सऊदी पक्ष ने मक्का के पास ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में पहुंचने से पहले नष्ट करने की बात कही है। वहीं, हूती पक्ष ने पवित्र शहर को किसी खतरे से इनकार किया है।
महामारी या आपदा में सरकार घटा सकेगी EPF योगदान:लागू हुआ नया इमरजेंसी नियम; जानिए आपकी सैलरी-पेंशन पर क्या असर पड़ेगा
कर्मचारी भविष्य निधि योजना यानी EPF में सरकार ने एक अहम आपातकालीन प्रावधान जोड़ा है। इसके तहत किसी भी महामारी या राष्ट्रीय आपदा की स्थिति में सरकार नियोक्ता और कर्मचारी के पीएफ योगदान में कटौती या उसे स्थगित कर सकती है। इस नए नियम का आपकी सैलरी, पीएफ खाते और रिटायरमेंट फंड पर क्या असर पड़ेगा, आसान सवाल-जवाब में समझिए- सवाल 1: EPF स्कीम 2026 में क्या नया प्रावधान जोड़ा गया है? जवाब: यदि देश में कोई महामारी या राष्ट्रीय आपदा आती है तो केंद्र सरकार को यह अधिकार होगा कि वह कर्मचारियों और कंपनियों के पीएफ योगदान को एक बार में अधिकतम तीन महीने के लिए घटा सके या टाल सके। यह राहत पूरे देश में या किसी खास राज्य/क्षेत्र के लिए लागू की जा सकती है। सवाल 2. क्या इस नियम के लागू होते ही हर महीने होने वाली पीएफ कटौती कम हो जाएगी? जवाब: नहीं, बिल्कुल नहीं। यह एक इमरजेंसी पावर है, जो सरकार को जरूरत पड़ने पर फैसला लेने की अनुमति देती है। जब तक सरकार किसी आपदा या महामारी के दौरान विशेष नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तब तक पीएफ कटौती का सामान्य नियम (मूल वेतन का 12%) ही लागू रहेगा। सवाल 3. क्या कर्मचारी खुद अपनी मर्जी से पीएफ योगदान कम करने का विकल्प चुन सकते हैं? जवाब: नहीं। कर्मचारी या कंपनी अपनी तरफ से इसमें कोई बदलाव नहीं कर सकते। सामान्य परिस्थितियों में स्टैंडर्ड 12% योगदान (या अधिसूचित संस्थानों में 10%) देना अनिवार्य रहेगा। सवाल 4. सरकार ने यह प्रावधान क्यों जोड़ा, क्या पहले ऐसा नहीं होता था? जवाब: सरकार ने संकट के समय कर्मचारियों और कंपनियों को तुरंत वित्तीय राहत देने के लिए यह स्पष्ट कानूनी ढांचा बनाया है। इससे पहले, कोविड-19 महामारी के समय मई, जून और जुलाई 2020 के लिए पीएफ योगदान की दर को 12% से घटाकर 10% किया गया था, ताकि लोगों के हाथ में नकदी बढ़ सके। अब नए नियम में इसे स्थायी इमरजेंसी टूल के रूप में शामिल किया गया है। सवाल 5. अगर सरकार पीएफ कटौती घटाती है तो इन-हैंड सैलरी पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: यदि कर्मचारी का पीएफ योगदान घटता है, तो उसकी मंथली टेक-होम सैलरी बढ़ जाएगी। सवाल 6. क्या टेक-होम सैलरी बढ़ने का कोई नुकसान भी है? जवाब: हां, इसका असर आपके रिटायरमेंट फंड पर पड़ेगा। जितने कम पैसे आपके पीएफ खाते में जमा होंगे, उतना ही कम चक्रवृद्वि ब्याज आपको मिलेगा। टेक-होम सैलरी का तात्कालिक फायदा लंबे समय में आपके रिटायरमेंट फंड को थोड़ा कम कर सकता है। सवाल 7: योगदान 'कम करने' और 'टालने' में क्या फर्क है? जवाब: दोनों में बड़ा अंतर है: सवाल 8. क्या सरकार जब चाहे सामान्य दिनों में भी पीएफ दरें बदल सकती है? जवाब: नहीं। नियम स्पष्ट करते हैं कि इस शक्ति का प्रयोग केवल महामारी, एंडेमिक या राष्ट्रीय आपदा जैसे असाधारण हालातों में ही किया जा सकता है। सवाल 9: जो कर्मचारी वॉलेंटरी PF के तहत योगदान देते हैं, उन पर क्या असर होगा? जवाब: वॉलेंटरी प्रॉविडेंट फंड (VPF) का नियम अलग है। ऐच्छिक योगदान पर यह इमरजेंसी कटौती खुद-ब-खुद लागू नहीं होगी। इमरजेंसी नियम का असर मुख्य रूप से वैधानिक अनिवार्य (12%) योगदान पर पड़ेगा। VPF वाले कर्मचारियों का अतिरिक्त योगदान सरकारी आदेश के अनुसार ही तय होगा। नॉलेज पार्ट: जानिए क्या है EPF और VPF में अंतर
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